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रेलवे स्टेशन परिसर की 40 कैमरे कर रहे निगरानी
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चंदौसी। रेलवे स्टेशन पर निगरानी के लिए विभाग की ओर से 40 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिसका कंट्रोल रूम आरपीएफ थाने में बनाया गया है। 24 घंटे कंट्रोल रूम में कैमरों को मॉनिटरिंग करने को कर्मचारी तैनात रहता है। रेलवे प्लेटफार्म पर ट्रेन आने पर कैमरे को जूम करके यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ताकि कोई चोर, उचक्का वारदात करने में कामयाब न हो सके। पूर्व में रेलवे स्टेशन परिसर में मुख्य स्थानों पर कुछ ही कैमरे लगाए गए थे।
अब पूरे स्टेशन पर 40 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी कराई जा रही है। कैमरों का कंट्रोल रूम थाना आरपीएफ में बनाया गया है। वहीं से 24 घंटे कैमरों पर एक सिपाही की नियुक्ति रहती है। रेलवे स्टेशन पर इतनी बड़ी संख्या में कैमरे लगाने का उद्देश्य यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ असामाजिक तत्वों की निगरानी करना है। प्लेटफार्म पर ट्रेन आने पर कुछ आरपीएफ सिपाही वहां पहुंच जाते हैं। जबकि एक सिपाही कंट्रोल पर प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन वाले कैमरों को जूम करके यात्रियों की गतिविधि देखता है।
यात्रियों में कहीं कोई उचक्का ट्रेन से उतरते व चढ़ते समय किसी यात्री का सामान तो नहीं चुरा रहा अथवा असामाजिक तत्व महिलाओं के छेड़खानी तो नहीं कर रहे। इस तरह की गतिविधियों पर रखी जा रही है।
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रात को रेलवे स्टेशन परिसर में कोई गलत कार्य करने वालों पर भी निगाह रखी जाती है। रेलवे स्टेशन पर इतनी बड़ी संख्या में कैमरे लगने के बाद छुटपुट होने वाली वारदातों में भी कमी आई है। क्योंकि अधिकांश लोगों को जानकारी है कि अगर किसी तरह की हरकत रेलवे स्टेशन पर की तो वह कैमरे में कैद हो जाएगी।
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अब पूरे स्टेशन पर 40 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी कराई जा रही है। कैमरों का कंट्रोल रूम थाना आरपीएफ में बनाया गया है। वहीं से 24 घंटे कैमरों पर एक सिपाही की नियुक्ति रहती है। रेलवे स्टेशन पर इतनी बड़ी संख्या में कैमरे लगाने का उद्देश्य यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ असामाजिक तत्वों की निगरानी करना है। प्लेटफार्म पर ट्रेन आने पर कुछ आरपीएफ सिपाही वहां पहुंच जाते हैं। जबकि एक सिपाही कंट्रोल पर प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन वाले कैमरों को जूम करके यात्रियों की गतिविधि देखता है।
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यात्रियों में कहीं कोई उचक्का ट्रेन से उतरते व चढ़ते समय किसी यात्री का सामान तो नहीं चुरा रहा अथवा असामाजिक तत्व महिलाओं के छेड़खानी तो नहीं कर रहे। इस तरह की गतिविधियों पर रखी जा रही है।
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रात को रेलवे स्टेशन परिसर में कोई गलत कार्य करने वालों पर भी निगाह रखी जाती है। रेलवे स्टेशन पर इतनी बड़ी संख्या में कैमरे लगने के बाद छुटपुट होने वाली वारदातों में भी कमी आई है। क्योंकि अधिकांश लोगों को जानकारी है कि अगर किसी तरह की हरकत रेलवे स्टेशन पर की तो वह कैमरे में कैद हो जाएगी।