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ौधरी सराय से हसनपुर मार्ग पर तीन किलोमीटर तक हैं 326 गड्ढे, निकलने में हो रही मुश्किल
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संभल के चौधरी सराय में जर्जर हसनपुर मार्ग पर गुजरते वाहन।
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा संभल-हसनपुर मार्ग का निर्माण कार्य पिछले डेढ़ महीने से बंद है। इससे स्थानीय लोगों के साथ राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दिल्ली को जाने वाले इस मुख्य मार्ग में जगह-जगह बड़े और गहरे 326 गड्ढे हैं। जो संभल नगर के तीन किलोमीटर के दायरे में बने हैं।
विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से संभल-हसनपुर मार्ग बदहाल है। इसमें गहरे-गहरे गड्ढे हैं। इन गड्ढों में जलभराव हो रहा है। इस कारण चालकों को वाहन निकालने में मुश्किल हो रही है। गहरे गड्ढे होने के कारण इस मार्ग पर पैदल चलना भी काफी कठिन है। क्योंकि जगह जगह जलभराव के साथ ही कीचड़ के हालात हैं। इस मार्ग पर चौधरी सराय से एक किलोमीटर के दायरे में सबसे अधिक 61 गड्ढे हैं। इसमें कुछ गड्ढे बेहद ही खतरनाक हैं। इस मार्ग का निर्माण कार्य डेढ़ महीने से अधूरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की सुस्ती से कार्य अधूरा पड़ा है। दरअसल यह मार्ग गजरौला से बदायूं तक निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है।
तीन महीने पहले इस मार्ग की स्थिति ज्यादा खराब नहीं थी। अब हालात बेहद खराब हैं। गड्ढों में पानी भरने पर पैदल चलना भी मुश्किल होता जा रहा है। काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे निजात मिलनी चाहिए। छोटे, स्थानीय निवासी
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लॉकडाउन लागू होने से पहले लोकनिर्माण विभाग ने गड्ढों में पत्थर और बजरपुर डलवाया गया था। बरसात हुई तो गड्ढे और ज्यादा हो गए। कई बार विभाग को अवगत कराया लेकिन समाधान अब तक नहीं हो सका है। राशिद अली, स्थानीय निवासी
गड्ढों में जलभराव होने के चलते लगातार हादसे हो रहे हैं। कहीं-कहीं बहुत गहरे गड्ढे हैं। जो जलभराव के बाद दिखाई नहीं देते। दुपहिया वाहन चालकों के लिए इस मार्ग का सफर करना बड़ा मुश्किल भरा है। मोहम्मद रिजवान, स्थानीय निवासी
इस मार्ग का निर्माण कार्य खेड़ा इलाके में आकर रूक गया है। डेढ़ महीने से कोई काम नहीं कराया गया। विभाग चाहता तो अब तक निर्माण कार्य पूरा हो जाता और लोगों को राहत मिलती, लेकिन कोई समस्या समझने को तैयार नहीं है। मकसूद आलम, , स्थानीय निवासी
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विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से संभल-हसनपुर मार्ग बदहाल है। इसमें गहरे-गहरे गड्ढे हैं। इन गड्ढों में जलभराव हो रहा है। इस कारण चालकों को वाहन निकालने में मुश्किल हो रही है। गहरे गड्ढे होने के कारण इस मार्ग पर पैदल चलना भी काफी कठिन है। क्योंकि जगह जगह जलभराव के साथ ही कीचड़ के हालात हैं। इस मार्ग पर चौधरी सराय से एक किलोमीटर के दायरे में सबसे अधिक 61 गड्ढे हैं। इसमें कुछ गड्ढे बेहद ही खतरनाक हैं। इस मार्ग का निर्माण कार्य डेढ़ महीने से अधूरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की सुस्ती से कार्य अधूरा पड़ा है। दरअसल यह मार्ग गजरौला से बदायूं तक निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है।
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तीन महीने पहले इस मार्ग की स्थिति ज्यादा खराब नहीं थी। अब हालात बेहद खराब हैं। गड्ढों में पानी भरने पर पैदल चलना भी मुश्किल होता जा रहा है। काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे निजात मिलनी चाहिए। छोटे, स्थानीय निवासी
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लॉकडाउन लागू होने से पहले लोकनिर्माण विभाग ने गड्ढों में पत्थर और बजरपुर डलवाया गया था। बरसात हुई तो गड्ढे और ज्यादा हो गए। कई बार विभाग को अवगत कराया लेकिन समाधान अब तक नहीं हो सका है। राशिद अली, स्थानीय निवासी
गड्ढों में जलभराव होने के चलते लगातार हादसे हो रहे हैं। कहीं-कहीं बहुत गहरे गड्ढे हैं। जो जलभराव के बाद दिखाई नहीं देते। दुपहिया वाहन चालकों के लिए इस मार्ग का सफर करना बड़ा मुश्किल भरा है। मोहम्मद रिजवान, स्थानीय निवासी
इस मार्ग का निर्माण कार्य खेड़ा इलाके में आकर रूक गया है। डेढ़ महीने से कोई काम नहीं कराया गया। विभाग चाहता तो अब तक निर्माण कार्य पूरा हो जाता और लोगों को राहत मिलती, लेकिन कोई समस्या समझने को तैयार नहीं है। मकसूद आलम, , स्थानीय निवासी