{"_id":"6258736e53a2cc19dc70f4a9","slug":"26-crore-funds-received-from-state-finance-for-the-development-of-villages-chandausi-news-mbd4247783200","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवों के विकास को राज्य वित्त से मिली 26 करोड़ की धनराशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवों के विकास को राज्य वित्त से मिली 26 करोड़ की धनराशि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंदौसी। राज्य वित्त आयोग से गांवों में विकास कार्य कर ग्रामीणों में खुशहाली के लिए 26 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। इस धनराशि से संभल जिले के 670 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों को मानदेय तो मिलेगा ही साथ ही साथ गांवों में ं विकास कार्य किए जाएंगे। गांवाें के विकास के लिए धनराशि जारी होने पर पंचायती राज विभाग ने ग्राम प्रधानों से विकास कार्य के प्रस्ताव की मांग किया है।
संभल जिले में कुल 670 ग्राम पंचायत हैं। जनवरी माह के शुरूआत में ही विधानसभा चुनावों को लेकर आचार संहिता लग गई थी। इसके चलते जनवरी माह में आने वाले प्रस्तावों की कार्य योजना नहीं बनाई जा सकी थी। विधानसभा चुनाव के बाद एलएलसी चुनाव संपन्न होने और आचार संहिता हटते ही राज्य वित्त आयोग निधि से गांवों में विकास के लिए जिले को 26 करोड़ रुपये की धनराशि शासन से उपलब्ध हो गई। इस धनराशि से जिले के सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों और पंचायत सहायकों के मानदेय का भुगतान किया जाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन ने बताया कि जिले के सभी प्रधानों का एक माह का मानदेय 30.15 लाख रुपया और पंचायत सहायकों का मानदेय 40.20 लाख रुपये के करीब होता है। इसके अलावा गांवों में विकास कार्य कराने के लिए ग्राम पंचायतों से विकास संबंधी कार्यो के प्रस्ताव मांगे गए हैं। गांवों में छोटी नाली, खड़ंजा, पानी निकासी की व्यवस्था सहित अन्य छोटे-छोटे मरम्मत के कार्यो को सूचीबद्ध किया जा रहा है। पहली सूची में प्राथमिकता वाले कार्यो को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा शौचालय निर्माण, मिनी सचिवालय की व्यवस्था भी सुधारी जाएगी।
विज्ञापन
संभल जिले में कुल 670 ग्राम पंचायत हैं। जनवरी माह के शुरूआत में ही विधानसभा चुनावों को लेकर आचार संहिता लग गई थी। इसके चलते जनवरी माह में आने वाले प्रस्तावों की कार्य योजना नहीं बनाई जा सकी थी। विधानसभा चुनाव के बाद एलएलसी चुनाव संपन्न होने और आचार संहिता हटते ही राज्य वित्त आयोग निधि से गांवों में विकास के लिए जिले को 26 करोड़ रुपये की धनराशि शासन से उपलब्ध हो गई। इस धनराशि से जिले के सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों और पंचायत सहायकों के मानदेय का भुगतान किया जाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन ने बताया कि जिले के सभी प्रधानों का एक माह का मानदेय 30.15 लाख रुपया और पंचायत सहायकों का मानदेय 40.20 लाख रुपये के करीब होता है। इसके अलावा गांवों में विकास कार्य कराने के लिए ग्राम पंचायतों से विकास संबंधी कार्यो के प्रस्ताव मांगे गए हैं। गांवों में छोटी नाली, खड़ंजा, पानी निकासी की व्यवस्था सहित अन्य छोटे-छोटे मरम्मत के कार्यो को सूचीबद्ध किया जा रहा है। पहली सूची में प्राथमिकता वाले कार्यो को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा शौचालय निर्माण, मिनी सचिवालय की व्यवस्था भी सुधारी जाएगी।
विज्ञापन