फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   24 Kosi Parikrama begins with the chanting of Shri Kalki

Sambhal News: श्री कल्कि के जयघोष संग 24 कोसीय परिक्रमा शुरू

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 26 Oct 2025 02:18 AM IST
विज्ञापन
24 Kosi Parikrama begins with the chanting of Shri Kalki
संभल में प्राचीन श्री वंशगोपाल तीर्थ की तरफ बढ़ते श्रद्धालु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

संभल। आस्था, भक्ति और विश्वास का अनूठा संगम शनिवार सुबह तीर्थ श्री वंश गोपाल कल्किधाम पर देखने को मिला। यहां से दो दिवसीय 24 कोसीय परिक्रमा की शुरुआत पूरे श्रद्धा भाव से हुई। संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों पर केंद्रित यह परिक्रमा रविवार सुबह तीर्थ वंश गोपाल कल्किधाम पर पहुंचकर ही पूर्ण होगी।
शनिवार सुबह बेनीपुर के प्राचीन तीर्थ श्री वंश गोपाल कल्किधाम मंदिर परिसर में बने पंडाल में श्रद्धालुओं एकत्रित होने लगे। नजदीकी जिलों के ही नहीं दूसरे शहरों व राज्यों के श्रद्धालु भी जुटे। अधिकांश श्रद्धालुओं ने वंश गोपाल तीर्थ कुंड में स्नान किया। इसके बाद 24 कोसीय परिक्रमा की शुरुआत हुई। इस दौरान भगवान कल्कि के जयकारे गूंज उठे।
विज्ञापन

इस दौरान मौजूद साधु-संतों और अतिथियों ने धर्म ध्वजा फहराई। भक्तों को तिलक लगाया गया। परंपरागत मार्गों से होकर रात्रि पड़ाव में तीर्थ यात्री चंद्रेश्वर तीर्थ, चंदायन में रुके। यहीं से रविवार सुबह श्रद्धालु परिक्रमा शुरू करके वंश गोपाल कल्किधाम तीर्थ पहुंचकर परिक्रमा को विराम देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस दौरान डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने भी मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
यूं तो परिक्रमा में शामिल तीर्थ यात्री अपनी मंजिल की ओर तेजी से बढ़ रहे थे। लेकिन परिक्रमा में भक्तों की भीड़ और भगवान श्री कल्कि के जयघोष ने लोगों का मन मोहा। परिक्रमा में कुछ ऐसे तीर्थ यात्री भी शामिल थे, जिनका जज्बा देखने लायक था। एक दंपती अपने बच्चे को एक चादर में लपेट कर परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ रहे थे। हर कोई देखने के बाद उनके इस कार्य की प्रशंसा करता नजर आया। संवाद

00000

थके तो कुछ देर के लिए रुके भी तीर्थ यात्री

परिक्रमा में शामिल तीर्थ यात्री थक गए तो कुछ देर के लिए आराम के लिए जहां के तहां रुक भी गए। वंश गोपाल तीर्थ से शुरू होने के बाद क्षेमनाथ तीर्थ का उनमें जज्बा कम नहीं हुआ। लेकिन इससे ज्यादा चले तो कुछ थकान महसूस हुई जिसके बाद वह जहां के तहां रुक गए। क्षेमनाथ तीर्थ से चंद्रेश्वर महादेव मंदिर चंदायन तक कई जगह तीर्थ यात्री आराम करते दिखाई दिए। कुछ देर आराम के बाद आगे बढ़ गए। संवाद
0000
डीएम-एसपी ने लिया जायजा
चौबीस कोसीय परिक्रमा में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में होने के चलते पुलिस प्रशासन के अधिकारी खुद ही भ्रमण पर निकल गए। वैसे तो जगह-जगह पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया और थाना प्रभारियों को भ्रमण पर रहने के निर्देश दिए गए। लेकिन इसके बावजूद डीएम डॉ.राजेंद्र पैंसिया और एसपी केके बिश्नोई भी भ्रमण पर निकले। क्षेमनाथ तीर्थ के अलावा रास्तों में कई जगह भ्रमण किया। व्यवस्थाएं देखीं और फिर मातहतों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।

0000

तीर्थों का विकास कराया जाए : कमलकांत तिवारी

तीर्थ स्थलों के विकास की मांग एक बार फिर तेजी के साथ उठाई गई है। नगर हिंदू सभा के अध्यक्ष कमलकांत तिवारी ने कहा कि इस संबंध में शासन-प्रशासन से पत्राचार किया जाएगा। उन्होंने चौबीस कोसीय परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं से संवाद किया और जरूरी सुविधाओं का विवरण तैयार किया। संवाद
00000

सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों ने की धर्म सेवा

प्राचीन श्री वंशगोपाल श्री कल्कि तीर्थ पर भक्तों की सेवा के लिए सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी भी आगे आए। वे जगह-जगह परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं की सेवा में रहे। इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष हर प्रसाद सिंह, रविंद्र कुमार त्यागी, मुकेश सिंह, महेश यादव, गौरव यादव, सीताराम, गंगानंद गिरी आदि रहे। (संवाद)
000000

14 गांवों में 120 सफाई कर्मियों ने सफाई व्यवस्था संभाली

सरायतरीन। पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के 14 गांवों में चौबीस कोसीय परिक्रमा को लेकर 120 सफाई कर्मी लगाए गए। दस पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए। एडीओ पंचायत अशोक कुमार त्यागी ने बताया कि वंश गोपाल तीर्थ से परिक्रमा मार्ग पर 120 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। ब्लॉक क्षेत्र में पड़ने वाला परिक्रमा मार्ग दस सेक्टर में बांटा गया। (संवाद)

000000
यह वार्षिक परिक्रमा न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि संभल की आध्यात्मिक विरासत को विश्व पटल पर स्थापित करने का महासंकल्प भी है। इस महासंकल्प को साकार करने के लिए भव्यता को दिव्यता प्रदान की जा रही है। परिक्रमा में शामिल श्रद्धालु शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले वर्षों में परिक्रमा भव्य और दिव्य नजर आएगी।

-भगवत प्रिय महाराज, संस्थापक, चौबीस कोसीय परिक्रमा संभल तीर्थ समिति

0000

68 तीर्थ और 19 कूपों में शामिल प्राचीन श्री वंशगोपाल तीर्थ से परिक्रमा शुरू होती है। परिक्रमा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया है। परिक्रमा शांतिपूर्वक संपन्न हो रही है। यही हमारा उद्देश्य भी है।
-राजेश सिंघल, परिक्रमा के प्रभारी
0000

श्रद्धालुओं की बात
मुझे परिक्रमा में शामिल होते हुए तीन साल हो गए। परिक्रमा करने से मनोकामना पूरी होती है, इसलिए आते हैं। परिक्रमा मार्ग पर आने वाले तीर्थों मंदिरों पर प्रसाद चढ़ाकर मनौती मांगते हैं।
महीपाल, श्रद्धालु
0000

मैं पहली बार परिक्रमा में शामिल हुआ हूं। मेरी मनोकामना है कि इंसान का ही जन्म फिर से मिलना चाहिए। इसी को लेकर पूरी आस्था और उत्साह के साथ परिक्रमा कर रहा हूं।
प्रेम कुमार, श्रद्धालु
0000

हम से आज तक जो गलती हुईं हैं, उन्हें माफ कराने के लिए परिक्रमा में हिस्सा लिया है। परिवार के लोगों से भी कहा है कि इस परिक्रमा में पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ हिस्सा लेते रहें।

मनोहर, श्रद्धालु।

000
बरेली जिले के मिलक से परिक्रमा करने आई हूं। हर वर्ष परिवार सहित परिक्रमा करती हूं। हम लोग परिक्रमा जिस आस्था के साथ करते हैं, पूरे वर्ष संतुष्ट रहते हैं। चौबीस कोसीय यह परिक्रमा वाकई सभी मनोरथ को पूर्ण करने वाली परिक्रमा है।
मीना शर्मा, श्रद्धालु

संभल में प्राचीन श्री वंशगोपाल तीर्थ की तरफ बढ़ते श्रद्धालु। संवाद

संभल में प्राचीन श्री वंशगोपाल तीर्थ की तरफ बढ़ते श्रद्धालु। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed