{"_id":"5c48c510bdec22737b7b7586","slug":"21548272912-sambhal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर के बाहर खेल रही बालिका की नाले में डूबकर मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर के बाहर खेल रही बालिका की नाले में डूबकर मौत
विज्ञापन
संभल/सिरसी। क्षेत्र के मिठौली की मड़ैया गांव में घर के बाहर खेल रही डेढ़ वर्षीय बालिका की नाले में डूबकर मौत हो हुई है। कई घंटे बाद परिजनों को बालिका का शव मिला। इससे पहले परिजनों ने उसकी घंटों आसपास क्षेत्र में तलाश की। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
मंगलवार की दोपहर को गांव मिठौली की मड़ैया निवासी वसीम की डेढ़ वर्षीय बेटी माहेनूर घर के बाहर खेल रही थी। परिजन भी वहीं बैठे थे। किसी कार्य से परिजन तो घर चले आए लेकिन बालिका वहीं पर खेलती रही। अचानक बालिका खेलते-खेलते नाली की ओर चली गई। गहरी नाली पानी से भरी हुई थी। बालिका किसी तरह नाली में गिर गई। उस समय कोई बाहर नहीं था। इस कारण किसी ने उसकी छटपटाहट भी नहीं सुनी।
परिजनों को जब काफी देर तक बालिका दिखाई नहीं दी तो वह उसकी तलाश शुरू हुई। पहले तो यह समझा गया कि कोई पड़ोसी खिलाने के लिए अपने साथ ले गया होगा लेकिन जब शाम होने लगी तो परिजनों को चिंता होने लगी। काफी देर इधर-उधर तलाश किया लेकिन कोई पता नहीं चला। लेकिन जब अचानक नाले में नजर पड़ी तो मासूम डूबी हुई दिख गई। परिजनों ने आनन-फानन में बाहर निकाला और चिकित्सक के पास ले गए।
विज्ञापन
जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के पिता ने बताया कि मंगलवार को मासूम घर में खेल रही थी। इसी बीच मासूम की मां किसी काम में लग गई और वह खेलती हुई बाहर निकल गई।
इसी दौरान नाले में डूबने से उसकी मौत हो गई। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि यहां नाले का निर्माण कराया हुआ होता तो मासूम की मौत नहीं होती। यह नाल पानी की निकासी होते-होते स्वत ही बन गया था। जो धीरे-धीरे गहरा होता चला गया।
विज्ञापन
मंगलवार की दोपहर को गांव मिठौली की मड़ैया निवासी वसीम की डेढ़ वर्षीय बेटी माहेनूर घर के बाहर खेल रही थी। परिजन भी वहीं बैठे थे। किसी कार्य से परिजन तो घर चले आए लेकिन बालिका वहीं पर खेलती रही। अचानक बालिका खेलते-खेलते नाली की ओर चली गई। गहरी नाली पानी से भरी हुई थी। बालिका किसी तरह नाली में गिर गई। उस समय कोई बाहर नहीं था। इस कारण किसी ने उसकी छटपटाहट भी नहीं सुनी।
विज्ञापन
परिजनों को जब काफी देर तक बालिका दिखाई नहीं दी तो वह उसकी तलाश शुरू हुई। पहले तो यह समझा गया कि कोई पड़ोसी खिलाने के लिए अपने साथ ले गया होगा लेकिन जब शाम होने लगी तो परिजनों को चिंता होने लगी। काफी देर इधर-उधर तलाश किया लेकिन कोई पता नहीं चला। लेकिन जब अचानक नाले में नजर पड़ी तो मासूम डूबी हुई दिख गई। परिजनों ने आनन-फानन में बाहर निकाला और चिकित्सक के पास ले गए।
विज्ञापन
जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के पिता ने बताया कि मंगलवार को मासूम घर में खेल रही थी। इसी बीच मासूम की मां किसी काम में लग गई और वह खेलती हुई बाहर निकल गई।
इसी दौरान नाले में डूबने से उसकी मौत हो गई। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि यहां नाले का निर्माण कराया हुआ होता तो मासूम की मौत नहीं होती। यह नाल पानी की निकासी होते-होते स्वत ही बन गया था। जो धीरे-धीरे गहरा होता चला गया।