{"_id":"5cec3d79bdec220773766e4c","slug":"155898615417-sambhal-news117","type":"story","status":"publish","title_hn":"पवांसा सीएचसी में पंजीकरण न होने से उपचार के लिए भटके मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पवांसा सीएचसी में पंजीकरण न होने से उपचार के लिए भटके मरीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संभल। भीषण गर्मी में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों का सिरदर्द बन रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हो या फिर जिला अस्पताल कड़ी मशक्कत के बाद पहुंचने वाले मरीजों को कई बार उपचार नहीं मिल पाता। उपचार के लिए देरी होती है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवांसा में सोमवार को सुबह नौ बजे से दस बजे तक पंजीकरण काउंटर पर कोई कर्मचारी नहीं था। अलबत्ता डाक्टर आ गए थे। जिन मरीजों की पंजीकरण पर्ची बन गई थी। उन्हें डाक्टर देख रहे थे।
अपनी पर्ची बनवाने के लिए इंतजार कर रही गांव कैलमुड़ी निवासी पुष्पा देवी ने बताया कि कुत्ते ने काट लिया था वह एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने सीएचसी पहुंची थीं। लेकिन पर्ची न बनने से इंजेक्शन नहीं लग सका। अख्तियारपुर चौबे गांव निवासी दो महिलाएं गर्भवती थीं। वे भी इंतजार करते हुए मिलीं। इसके अलावा नाजमा खुजली से पीड़ित थीं इन्हें भी दवाई नहीं मिल सकी। मरीजों का कहना था कि ऐसी बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से क्या फायदा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवांसा में सोमवार को सुबह नौ बजे से दस बजे तक पंजीकरण काउंटर पर कोई कर्मचारी नहीं था। अलबत्ता डाक्टर आ गए थे। जिन मरीजों की पंजीकरण पर्ची बन गई थी। उन्हें डाक्टर देख रहे थे।
विज्ञापन
अपनी पर्ची बनवाने के लिए इंतजार कर रही गांव कैलमुड़ी निवासी पुष्पा देवी ने बताया कि कुत्ते ने काट लिया था वह एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने सीएचसी पहुंची थीं। लेकिन पर्ची न बनने से इंजेक्शन नहीं लग सका। अख्तियारपुर चौबे गांव निवासी दो महिलाएं गर्भवती थीं। वे भी इंतजार करते हुए मिलीं। इसके अलावा नाजमा खुजली से पीड़ित थीं इन्हें भी दवाई नहीं मिल सकी। मरीजों का कहना था कि ऐसी बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से क्या फायदा।
विज्ञापन