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जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने की मांग
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चंदौसी। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने की मांग की है। इसके लिए संगठन ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित मांग पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा है।
व्यापारियों ने मांग पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद फैलने के पीछे एक बड़ा कारण वहां धारा 370 लागू होना है। इस कारण जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त है। इसके तहत कोई भी बाहर का व्यक्ति जमीन खरीदकर अथवा मकान बनाकर नहीं रह सकता है।
यही कारण है कि वहां अल्पसंख्यक आबादी अधिक है, जो अन्य धर्मों के लोग थे उन्हें प्रताड़ित कर भगा दिया, जो आज भी देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे हैं। जम्मू कश्मीर से अगर आतंक समाप्त करना है तो वहां से धारा 370 हटाना देश हित में होगा।
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जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाकर वहां से भगाए गए कश्मीरी पंडितों को सुरक्षा के साथ उनका पुनर्वास कराना देशहित में अति आवश्यक है। वहां से कश्मीरी पंडितों को जबरन भगाना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। साथ ही जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों से सख्ती के साथ निपटने की आवश्यकता है। मांग पत्र सौंपने वालों में अनुज वार्ष्णेय अन्नू, राजू चड्ढा, शाह आलम मंसूरी, जीशान खान, उमैर शमसी, संजीव अग्रवाल, महताब शमसी, मुदित गर्ग, सुभाष पाल आदि शामिल रहे।
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व्यापारियों ने मांग पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद फैलने के पीछे एक बड़ा कारण वहां धारा 370 लागू होना है। इस कारण जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त है। इसके तहत कोई भी बाहर का व्यक्ति जमीन खरीदकर अथवा मकान बनाकर नहीं रह सकता है।
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यही कारण है कि वहां अल्पसंख्यक आबादी अधिक है, जो अन्य धर्मों के लोग थे उन्हें प्रताड़ित कर भगा दिया, जो आज भी देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे हैं। जम्मू कश्मीर से अगर आतंक समाप्त करना है तो वहां से धारा 370 हटाना देश हित में होगा।
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जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाकर वहां से भगाए गए कश्मीरी पंडितों को सुरक्षा के साथ उनका पुनर्वास कराना देशहित में अति आवश्यक है। वहां से कश्मीरी पंडितों को जबरन भगाना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। साथ ही जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों से सख्ती के साथ निपटने की आवश्यकता है। मांग पत्र सौंपने वालों में अनुज वार्ष्णेय अन्नू, राजू चड्ढा, शाह आलम मंसूरी, जीशान खान, उमैर शमसी, संजीव अग्रवाल, महताब शमसी, मुदित गर्ग, सुभाष पाल आदि शामिल रहे।