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यूट्यूब बना विद्यार्थियों के पठन-पाठन का जरिया
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सहारनपुर। कोरोना काल में बंद हुए परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के पठन-पाठन का बेहतर जरिया यूट्यूब बन रहा है। दूरदर्शन पर प्रसारित हो रहे पठन-पाठन संबंधी कार्यक्रमों के लिंक विभाग शिक्षकों के मोबाइल पर भेजता है, जिसके बाद शिक्षक उस लिंक को अभिभावकों के मोबाइल पर भेज रहे हैं। जिससे बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
कोरोना की पहली लहर में ऑनलाइन पठन-पाठन के साथ ही मोहल्ला कक्षाएं शुरू की गई थी। मगर दूसरी लहर में ऑनलाइन कक्षाएं अभी तक शुरू नहीं की गई हैं। बच्चों के लिए दूरदर्शन और रेडियो स्टेशन के माध्यम से शैक्षिक कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं। दूरदर्शन पर कार्यक्रमों का समय सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक निर्धारित है। ऐसे में अनेक जगहों पर बिजली न आने से विद्यार्थी दूरदर्शन पर प्रसारित शैक्षिक कार्यक्रमों का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। विद्यार्थी दूरदर्शन पर प्रसारित कार्यक्रमों को किसी भी समय देख और समझ सकें। इसके लिए विभाग शिक्षकों के मोबाइल पर दूरदर्शन पर प्रसारित कार्यक्रमों के लिंक भेजता है, जो यूट्यूब पर आसानी से खुल सकते हैं। उक्त लिंक को शिक्षक विद्यार्थियों के अभिभावकों के मोबाइल पर भेज रहे हैं। दूरदर्शन के अलावा अलग-अलग कक्षाओं से जुड़े अन्य यूट्यूब लिंक भी विभाग शिक्षकों को भेज रहा है, जो बच्चों के पठन-पाठन का बेहतर जरिया बन रहे हैं। शिक्षकों का भी मानना है कि यूट्यूब पर वीडियो और फोटो के माध्यम से बच्चे चीजों को अधिक बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं।
-- वर्जन
बच्चों के पठन-पाठन के लिए दूरदर्शन और रेडियो पर कार्यक्रम चल रहे हैं। इनके अलावा यूट्यूब के लिए लिंक भी विभाग शिक्षकों के माध्यम से अभिभावकों के साथ साझा कर रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई चलती रहे।
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-- रमेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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कोरोना की पहली लहर में ऑनलाइन पठन-पाठन के साथ ही मोहल्ला कक्षाएं शुरू की गई थी। मगर दूसरी लहर में ऑनलाइन कक्षाएं अभी तक शुरू नहीं की गई हैं। बच्चों के लिए दूरदर्शन और रेडियो स्टेशन के माध्यम से शैक्षिक कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं। दूरदर्शन पर कार्यक्रमों का समय सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक निर्धारित है। ऐसे में अनेक जगहों पर बिजली न आने से विद्यार्थी दूरदर्शन पर प्रसारित शैक्षिक कार्यक्रमों का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। विद्यार्थी दूरदर्शन पर प्रसारित कार्यक्रमों को किसी भी समय देख और समझ सकें। इसके लिए विभाग शिक्षकों के मोबाइल पर दूरदर्शन पर प्रसारित कार्यक्रमों के लिंक भेजता है, जो यूट्यूब पर आसानी से खुल सकते हैं। उक्त लिंक को शिक्षक विद्यार्थियों के अभिभावकों के मोबाइल पर भेज रहे हैं। दूरदर्शन के अलावा अलग-अलग कक्षाओं से जुड़े अन्य यूट्यूब लिंक भी विभाग शिक्षकों को भेज रहा है, जो बच्चों के पठन-पाठन का बेहतर जरिया बन रहे हैं। शिक्षकों का भी मानना है कि यूट्यूब पर वीडियो और फोटो के माध्यम से बच्चे चीजों को अधिक बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं।
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बच्चों के पठन-पाठन के लिए दूरदर्शन और रेडियो पर कार्यक्रम चल रहे हैं। इनके अलावा यूट्यूब के लिए लिंक भी विभाग शिक्षकों के माध्यम से अभिभावकों के साथ साझा कर रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई चलती रहे।
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-- रमेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।