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योगी के बयान पर बोले देवबंदी उलमा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:03 AM IST
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मौलाना नदीमुल वाजदी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद में मदरसों के आधुनिकीकरण पर ध्यान देने की जरूरत है, मदरसों को बंद करना कोई विकल्प नहीं बल्कि मदरसों में विज्ञान, अंग्रेजी के अलावा तकनीकी विषय पढ़ाने की जरूरत है।
सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर देवबंदी उलमा का कहना है कि सीएम का ये बयान उन मदरसों के लिए हैं जो सरकारी मदद हासिल कर रहे हैं। बृहस्पत़िवार को दारुल उलूम अशरफिया के मोहतम़िम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि कौम के चंदे पर चलने वाले मदरसों में पहले से ही दुनियावी तालीम बच्चों को दी जा रही है।
जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान उन मदरसों के लिए हैं जो सरकारी इमदाद पर चल रहे हैं और उन्हें सरकार के हर फैसले को मानना पड़ेगा। लेकिन इसमें वह मदरसे कतई नहीं आते जो चंदे पर चलते हैं।
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तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि सूबे में दो तरह के मदरसे हैं एक वो जो सरकारी मदद पर चलते हैं और दूसरे वो जो कौम के चंदे पर संचालित हैं।
इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान उन मदरसों पर लागू होता है जो सरकार से मदद पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैर सरकारी मदद से चलने वाले मदरसों का अपना निजाम है, जिन्हें सरकारी मदद की जरूरत नहीं है। इसलिए सीएम योगी ने जो बयान दिया है वो अनुदान प्राप्त इदारों पर लागू होता है।
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सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर देवबंदी उलमा का कहना है कि सीएम का ये बयान उन मदरसों के लिए हैं जो सरकारी मदद हासिल कर रहे हैं। बृहस्पत़िवार को दारुल उलूम अशरफिया के मोहतम़िम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि कौम के चंदे पर चलने वाले मदरसों में पहले से ही दुनियावी तालीम बच्चों को दी जा रही है।
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जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान उन मदरसों के लिए हैं जो सरकारी इमदाद पर चल रहे हैं और उन्हें सरकार के हर फैसले को मानना पड़ेगा। लेकिन इसमें वह मदरसे कतई नहीं आते जो चंदे पर चलते हैं।
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तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि सूबे में दो तरह के मदरसे हैं एक वो जो सरकारी मदद पर चलते हैं और दूसरे वो जो कौम के चंदे पर संचालित हैं।
इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान उन मदरसों पर लागू होता है जो सरकार से मदद पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैर सरकारी मदद से चलने वाले मदरसों का अपना निजाम है, जिन्हें सरकारी मदद की जरूरत नहीं है। इसलिए सीएम योगी ने जो बयान दिया है वो अनुदान प्राप्त इदारों पर लागू होता है।