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विधि पूर्वक पूजा करने से मिलता है मनवांछित फल

Sun, 27 Feb 2022 12:02 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Feb 2022 12:02 AM IST
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Worshiping lawfully gives desired results
हरिद्वार से जलाभिषेक के लिये जल लेकर सहारनपुर से अंबाला की और शिव भक्त - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। महाशिवरात्रि पर विधि पूर्वक भगवान शंकर की पूजा करने से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूरी होती हैं। शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखकर ही भगवान शंकर का अभिषेक किया जाए। इनमें पंचामृत अभिषेक विशेष महत्व रखता है।
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एक मार्च को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। इसको लेकर प्राचीन सिद्धपीठ श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर, तहसील शिव मंदिर, श्री बालाजी धाम, सालासर धाम सहित अनेक मंदिरों तैयारियों शुरू हो गई हैं। शिवालयों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शिवालयों में बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। वहीं, कांवड़िये भी हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल ही सहारनपुर के रास्ते हरियाणा और पंजाब जा रहे हैं।
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ऐसे करेंगे भोले बाबा को प्रसन्न
राधा विहार स्थित श्री औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी कालेंद्रानंद महाराज और ब्रह्मपुरी कॉलोनी स्थित श्री बगलामुखी मंदिर के अधिष्ठाता आचार्य रोहित वशिष्ठ का कहना है कि भगवान शिव की पूजा से पहले शिवगणों की पूजा करें। इनमें श्री गणेश जी, माता पार्वती, श्री कार्तिक भगवान, श्री नंदीश्वर, सर्प, मां गंगा शामिल हैं। सर्वप्रथम शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव को हाथ जोड़कर प्रणाम करें। आसन बिछाकर भोलेनाथ की ओर मुख कर बैठ जाएं। पूजा की सामग्री वस्त्र, जनेऊ, गंगाजल, पुष्प चंदन, साबुत चावल, धूप, दीपक, बेलपत्र, धतूरे का फल और पुष्प, दूर्वा तुलसी पत्ते, फल व मिठाई अपने पास रख लें। पंचामृत में दूध, दही, देसी घी, शहद और शक्कर का मिश्रण करें। इन पांच वस्तु में यदि किसी एक वस्तु का अभाव हो तो गंगाजल का इस्तेमाल करें। मन में भगवान शिव का ध्यान करते हुए पूजा शुरू करें। सर्वप्रथम जलाभिषेक कर शिवलिंग पर चंदन का तिलक लगाएं। इसके पश्चात पुष्प अर्पित करें और पंचामृत से स्नान कराएं। पात्र में रखकर भगवान को मिठाई और फल अर्पित कर दक्षिणा चढ़ाएं। एकांत स्थान में बैठकर ऊं नम: शिवाय मंत्र का 108 बार जप करें।
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यह है शिवरात्रि शुभ मुहूर्त
शिवरात्रि पर प्रात:काल 03:16 बजे शुभ मुहूर्त है। पहले पहर की पूजा के लिए शाम 6:21 से रात्रि 9.27 बजे तक, दूसरे पहर की पूजा के लिए रात 09:27 से 12:33 बजे तक, तीसरे पहर की पूजा के लिए रात 12:33 से दो मार्च की सुबह 03:16 बजे तक, चौथ पहर की पूजा के लिए दो मार्च की सुबह 3:39 से 6:25 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा।

शिवरात्रि पर सजा दिल्ली रोड़ का शिव मन्दिर

शिवरात्रि पर सजा दिल्ली रोड़ का शिव मन्दिर- फोटो : SAHARANPUR

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