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पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन की उत्तम आर्जव धर्म की पूजा

Fri, 02 Sep 2022 11:09 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2022 11:09 PM IST
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Worship of the best Arjava Dharma on the third day of Paryushan festival
श्रद्धालुओं को प्रवचन देते जैन मुनि आचार्य श्री 108 भारत भूषण जी महाराज - फोटो : SAHARANPUR
पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन की उत्तम आर्जव धर्म की पूजा
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नकुड़/ चिलकाना/ सरसावा/ नानौता/ रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। जैन धर्म के विश्वशांति महायज्ञ पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन नित्य नियम पूजा में पुष्पदंत भगवान को अर्घ समर्पित करते हुए उत्तम आर्जव धर्म की पूजा की गई। इसमें बताया गया कि मन की बात सुनना और मन, वचन, कार्य से एक हो जाना आर्जव धर्म है।
नकुड़ के श्री दिगंबर जैन आदिनाथ मंदिर में चल रहे पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन आर्जव धर्म की पूजा में समोशरण का पाठ करते हुए चारों दिशाओं की पूजा की गई। जैन मिलन के पंकज जैन ने बताया कि णमोकार महामंत्र के पाठ के बाद महिला जैन मिलन की वीरांगनाओं द्वारा भगवान श्री के सम्मुख नृत्य किया गया। इसमें निशा जैन, अनीता जैन, वर्षा जैन, श्रुति जैन, आस्था जैन, दीपाली जैन, राखी जैन, प्रतिभा जैन, अंजलि जैन, दीपिका जैन, गुनगुन जैन ने प्रतिभाग किया। जैन मिलन के विवेक जैन, शिवम जैन द्वारा निकाले गए लकी ड्रॉ में राखी जैन, पंकज जैन, प्रज्ञा जैन ने पुरस्कार प्राप्त किए। जैन समाज के अध्यक्ष संदीप जैन, महामंत्री आलोक जैन, कोषाध्यक्ष राजेश जैन राजू आदि रहे।
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चिलकाना में मध्यप्रदेश के सागर एवं इंदौर से आए पंडित चेतन शास्त्री तथा ध्रुव शास्त्री ने उत्तम आर्जव धर्म का अर्थ बताया। प्रात:काल मंदिर प्रांगण में स्थापित वेदी पर पूजा अर्चना की गई तथा श्रीजी का अभिषेक किया गया। जैन समाज के संरक्षक सुधीर कुमार जैन, श्रेयांश जैन, बिजेंद्र जैन, निशांक जैन, राजीव जैन, संजय जैन, रोहित जैन, मोहित जैन, तनिष्क जैन, पारस जैन आदि रहे। सरसावा में जैन शास्त्रों आगम के ज्ञाता दिनेश जैन ने उत्तम आर्जव धर्म की व्याख्या की। दिनेश जैन ने बताया कि कुटिलता, मायाचारी, अहंकार का भाव रखना आर्जव धर्म की अवमानना है। आर्जव धर्म का अर्थ है मन में बालक के जैसे निर्मलता एवं सरलता रखना।
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नानौता के मुख्य बाजार स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। रेखा जैन, स्नेह जैन, रितु जैन, अजय कुमार जैन, प्रमोद जैन, सरोज जैन, चिंतामणि जैन, कविता जैन, दीपा जैन, रोबिन जैन, अंकुर जैन, आकाश जैन, नेहा जैन, प्रियंका जैन, रीमा जैन, आशीष जैन, राकेश जैन, मनोज जैन, पंकज जैन, पूर्वी जैन, पुष्पा जैन, सुमन जैन आदि शामिल रहे।

रामपुर मनिहारान में जैन मुनि आचार्य श्री 108 भारत भूषण जी महाराज ने कहा कि सरलता के भाव को आर्जव कहते हैं। जो मनस्वी कुटिलता का परित्याग कर ऋजुभावों को अंगीकृत करता है, उसके पास आर्जव धर्म होता है। जैन समाज के प्रधान मनोज जैन, निपुण जैन, संजय जैन, डॉ. राजेश जैन, शशांक जैन, अमित जैन, विजय जैन, आर्जब जैन, अनुराग जैन, गरिमा जैन, विनीता जैन आदि रहे।

चिलकाना में पूजा अर्चना करते जैन समाज के लोग

चिलकाना में पूजा अर्चना करते जैन समाज के लोग- फोटो : SAHARANPUR

नकुड़ में पूजा अर्चना करते जैन समाज के लोग

नकुड़ में पूजा अर्चना करते जैन समाज के लोग- फोटो : SAHARANPUR

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