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मजदूर की हालत बिगड़ी, आर्थिक मदद की गुहार
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गांव मुबारिकपुर में मदद की गुहार लगाती छोटन की मां व पत्नी
- फोटो : SAHARANPUR
गंगोह (सहारनपुर)। कोतवाली क्षेत्र के गांव मुबारिकपुर में तीन मजदूरों की मौत के बाद चौथे मजदूर छोटन की भी हालत बिगड़ गई है। मजदूर की मां व पत्नी ने शासन प्रशासन व सामाजिक संगठनों के लोगों से इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई है।
बता दें कि गंगोह कोतवाली के गांव मुबारिकपुर में जहरीली गैस से तीन मौत हो चुकी है। इनके चौथे साथी अस्पताल में भर्ती मजदूर छोटन की हालत भी बिगड़ गई है। उसके इलाज के लिए मां व पत्नी दर दर भटक रही है, लेकिन पैसे का इंतजाम नहीं हो रहा है। मां अतरकली ने बताया कि गांव के कुछ किशोरों ने गांव से ही आठ हजार रुपये इकट्ठा कर दिया है। ताकि इलाज में मदद मिल सके। उनका कहना है कि गांव में सांत्वना देने के लिए विधायक व अधिकारी तक आए, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिल सकी है। मृतकों के परिजनों का कहना है कि पैसे के अभाव में अच्छा इलाज नहीं मिला पा रहा है। इसी कमी के चलते पूर्व में तीन मजदूरों की मौत हो चुकी है।
बता दें पिछले माह गांव का मिस्त्री कन्हैया लाल चार मजदूरों को ग्राम नूरखेड़ी में कुएं से मोटर निकालने के लिए गया था। गैस चढ़ने के कारण वे बीमार पड़ गए थे। इनमें चीना, अणु व विकास ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। मिस्त्री कन्हैया व छोटन भी अभी बीमार हैं, जिनका इलाज शामली के एक अस्पताल में चल रहा है। यदि मदद मिले तो वह किसी अच्छे अस्पताल में उसका इलाज करा सकते हैं। उन्होंने शासन प्रशासन और सामाजिक संगठनों से आर्थिक सहायता मांगी है।
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बता दें कि गंगोह कोतवाली के गांव मुबारिकपुर में जहरीली गैस से तीन मौत हो चुकी है। इनके चौथे साथी अस्पताल में भर्ती मजदूर छोटन की हालत भी बिगड़ गई है। उसके इलाज के लिए मां व पत्नी दर दर भटक रही है, लेकिन पैसे का इंतजाम नहीं हो रहा है। मां अतरकली ने बताया कि गांव के कुछ किशोरों ने गांव से ही आठ हजार रुपये इकट्ठा कर दिया है। ताकि इलाज में मदद मिल सके। उनका कहना है कि गांव में सांत्वना देने के लिए विधायक व अधिकारी तक आए, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिल सकी है। मृतकों के परिजनों का कहना है कि पैसे के अभाव में अच्छा इलाज नहीं मिला पा रहा है। इसी कमी के चलते पूर्व में तीन मजदूरों की मौत हो चुकी है।
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बता दें पिछले माह गांव का मिस्त्री कन्हैया लाल चार मजदूरों को ग्राम नूरखेड़ी में कुएं से मोटर निकालने के लिए गया था। गैस चढ़ने के कारण वे बीमार पड़ गए थे। इनमें चीना, अणु व विकास ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। मिस्त्री कन्हैया व छोटन भी अभी बीमार हैं, जिनका इलाज शामली के एक अस्पताल में चल रहा है। यदि मदद मिले तो वह किसी अच्छे अस्पताल में उसका इलाज करा सकते हैं। उन्होंने शासन प्रशासन और सामाजिक संगठनों से आर्थिक सहायता मांगी है।
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