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नए साल में बेटियों को शिक्षित बनाने पर होगा काम: नवाज देवबंदी
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डा नवाज देवबन्दी
- फोटो : SAHARANPUR
नए साल में बेटियों को शिक्षित बनाने पर होगा काम: नवाज देवबंदी
देवबंद (सहारनपुर)। प्रख्यात शायर नवाज देवबंदी ने 2020 में बेटियों को आईएएस की कोचिंग देने के लिए कोचिंग सेंटर खोलने और छात्रावास बनाने का संकल्प लिया है। अमर उजाला के साथ बातचीत में नवाज देवबंदी ने नए साल की योजनाओं पर बात की। वह कैसा भारत चाहते हैं इस बारे में भी अपने विचार दिए।
नवाज देवबंदी का मानना है कि बेटों से अधिक बेटियों को शिक्षित बनाने की जरूरत है, क्योंकि बेटी के शिक्षित होने से दो परिवारों में शिक्षा का उजियारा आता है। उन्होंने बताया कि देवबंद में सिविल सर्विस की तैयारी के लिए कोचिंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यहां के युवाओं को दिल्ली की ओर रुख करना पड़ता है। लड़के तो किसी तरह बाहर निकल जाते हैं, मगर लड़कियों के लिए समस्या रहती है। इसीलिए उन्होंने देवबंद में एक अच्छे दर्जे का कोचिंग सेंटर खोलने का निर्णय लिया है, जिससे बेटियों को अपने ही घर के पास तैयारी करने की सुविधा मिल सके। इसके अलावा बेटियों के लिए छात्रावास भी बनाने की योजना है। देवबंदी का यह भी मानना है कि शिक्षा ही से देश और दुनिया की समस्याओं को हल किया जा सकता है, क्योंकि शिक्षित व्यक्ति विषम से विषम परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता रखते हैं। शिक्षा जितनी बेहतर और व्यापक होगी देश और समाज उतना ही विकसित होगा।
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देवबंद (सहारनपुर)। प्रख्यात शायर नवाज देवबंदी ने 2020 में बेटियों को आईएएस की कोचिंग देने के लिए कोचिंग सेंटर खोलने और छात्रावास बनाने का संकल्प लिया है। अमर उजाला के साथ बातचीत में नवाज देवबंदी ने नए साल की योजनाओं पर बात की। वह कैसा भारत चाहते हैं इस बारे में भी अपने विचार दिए।
नवाज देवबंदी का मानना है कि बेटों से अधिक बेटियों को शिक्षित बनाने की जरूरत है, क्योंकि बेटी के शिक्षित होने से दो परिवारों में शिक्षा का उजियारा आता है। उन्होंने बताया कि देवबंद में सिविल सर्विस की तैयारी के लिए कोचिंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यहां के युवाओं को दिल्ली की ओर रुख करना पड़ता है। लड़के तो किसी तरह बाहर निकल जाते हैं, मगर लड़कियों के लिए समस्या रहती है। इसीलिए उन्होंने देवबंद में एक अच्छे दर्जे का कोचिंग सेंटर खोलने का निर्णय लिया है, जिससे बेटियों को अपने ही घर के पास तैयारी करने की सुविधा मिल सके। इसके अलावा बेटियों के लिए छात्रावास भी बनाने की योजना है। देवबंदी का यह भी मानना है कि शिक्षा ही से देश और दुनिया की समस्याओं को हल किया जा सकता है, क्योंकि शिक्षित व्यक्ति विषम से विषम परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता रखते हैं। शिक्षा जितनी बेहतर और व्यापक होगी देश और समाज उतना ही विकसित होगा।
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