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पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड में जली महिला की मौत
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सतपुरा में महिला की मौत के बाद मौके पर पहुंचे श्रम अधिकारी और थानाध्यक्ष
- फोटो : SAHARANPUR
बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। सतपुरा में एक माह पूर्व पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्नि कांड में गंभीर रूप से झुलसी दूसरी महिला मजदूर ने भी 37 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए दम तोड़ दिया। सोमवार की देर शाम मृतका का शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में मृतका का अंतिम संस्कार किया गया।
बता दें कि बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के गांव सतपुरा के पास पटाखा फैक्ट्री में तीस अक्तूबर की सुबह अचानक आग लगने से तीन महिलाओं सहित 10 मजदूर झुलस गए थे। हादसे में मांगी व पूनम गंभीर रूप से जल गई थी। इन्हें हरियाणा के मुलाना स्थिल अस्पताल में भरती कराया गया था। जहां मांगी पत्नी पिंकू निवासी अब्दुल्लापुर की आठ नवंबर को मौत हो गई थी। इसके करीब एक माह बाद पूनम (40)पत्नी गोवर्धन निवासी सतपुरा ने भी उपचार के दौरान सोमवार की सुबह करीब छह बजे दम तोड़ दिया। गांव में दाह संस्कार के दौरान थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मय फोर्स मौके पर रहे। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग की टीम भी गांव पहुंची थी। श्रम अधिकारी कृपा शंकर ने बताया कि पीड़ित परिवार को सात लाख 36 हजार 860 रुपये का मुआवजा दिलाने का काम किया जाएगा। इसके लिए फैक्ट्री स्वामी को नोटिस भेजा जा रहा है।
आरोपियों की नहीं हो सकी गिरफ्तारी
अग्निकांड में पीड़ित पक्ष की तरफ से पटाखा फैक्ट्री मालिक सहित दो के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। लेकिन सवा महीने बाद भी इसमें गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। खास बात यह है कि अभी पहली मृतका के परिजनों को भी आर्थिक मदद नहीं मिल सकी है। हालांकि इसके लिए भी श्रम विभाग की तरफ से नोटिस दिया जा चुका है। थानाध्यक्ष सरदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।
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15 साल के बेटे को रोता बिलखता छोड़ गई पूनम
मृतका के दो बेटियां और एक बेटा है। उसकी दोनो बेटियों की शादी हो चुकी है। पूनम की मौत के बाद उसके बेटे का रो रो कर बुरा हाल था। घर की आर्थिक स्थिति खराब है। पति के साथ गृहस्थी का बोझ बांटने के लिए वह पटाखा फैक्ट्री में मजदूरी कर रही थी।
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बता दें कि बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के गांव सतपुरा के पास पटाखा फैक्ट्री में तीस अक्तूबर की सुबह अचानक आग लगने से तीन महिलाओं सहित 10 मजदूर झुलस गए थे। हादसे में मांगी व पूनम गंभीर रूप से जल गई थी। इन्हें हरियाणा के मुलाना स्थिल अस्पताल में भरती कराया गया था। जहां मांगी पत्नी पिंकू निवासी अब्दुल्लापुर की आठ नवंबर को मौत हो गई थी। इसके करीब एक माह बाद पूनम (40)पत्नी गोवर्धन निवासी सतपुरा ने भी उपचार के दौरान सोमवार की सुबह करीब छह बजे दम तोड़ दिया। गांव में दाह संस्कार के दौरान थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मय फोर्स मौके पर रहे। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग की टीम भी गांव पहुंची थी। श्रम अधिकारी कृपा शंकर ने बताया कि पीड़ित परिवार को सात लाख 36 हजार 860 रुपये का मुआवजा दिलाने का काम किया जाएगा। इसके लिए फैक्ट्री स्वामी को नोटिस भेजा जा रहा है।
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आरोपियों की नहीं हो सकी गिरफ्तारी
अग्निकांड में पीड़ित पक्ष की तरफ से पटाखा फैक्ट्री मालिक सहित दो के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। लेकिन सवा महीने बाद भी इसमें गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। खास बात यह है कि अभी पहली मृतका के परिजनों को भी आर्थिक मदद नहीं मिल सकी है। हालांकि इसके लिए भी श्रम विभाग की तरफ से नोटिस दिया जा चुका है। थानाध्यक्ष सरदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।
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15 साल के बेटे को रोता बिलखता छोड़ गई पूनम
मृतका के दो बेटियां और एक बेटा है। उसकी दोनो बेटियों की शादी हो चुकी है। पूनम की मौत के बाद उसके बेटे का रो रो कर बुरा हाल था। घर की आर्थिक स्थिति खराब है। पति के साथ गृहस्थी का बोझ बांटने के लिए वह पटाखा फैक्ट्री में मजदूरी कर रही थी।