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बनाएंगी खुद की पहचान, कहलाएंगी जागरूक प्रधान

Thu, 03 Jun 2021 11:19 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 11:19 PM IST
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Will make his own identity, will be called a conscious head
सहारनपुर। जिले में 298 ग्राम पंचायतों में महिलाएं प्रधान बनी हैं। घूंघट में रहने वाली महिलाएं प्रधान पति की अवधारणा से बाहर निकल चाहती हैं, क्योंकि ग्राम प्रधान के कार्य प्रधान पति देखते हैं। अधिकारियों के साथ बैठक से लेकर अन्य कार्यों में उनका दखल होता है। कहना गलत नहीं होगा कि महिला प्रधान को सिर्फ मुहर बना दिया जाता है। महिला प्रधानों से प्रधान पति की अवधारणा से बाहर निकलने को लेकर उनकी रणनीति पर चर्चा हुई तो वह खुद प्रधान पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए उत्साह से लबरेज नजर आईं।
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खुद की देखरेख में कराएंगी कार्य
देवबंद ब्लाक की ग्राम पंचायत पनियाली कासिमपुर की प्रधान रश्मि सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों का खाका खींच लिया है। गांव में जो कार्य होने हैं उनके संबंध में वह पति पवित्र सिंह की सलाह तो जरूर लेंगी, लेकिन सभी निर्णय अपने विवेक से करेंगी। कोरोना से बचाव के लिए शपथ ग्रहण से पहले ही सैनिटाइजर का छिड़काव शुरू करा दिया था। जैसे ही विकास के लिए बजट आएगा तो पूरी पारदर्शिता के साथ खर्च किया जाएगा।
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पति और गांववासियों के विचार भी लेंगी
चिलकाना के गांव अहाड़ी की प्रधान बबीता सैनी ने बताया कि वह ग्राम पंचायत की बैठक में वह स्वयं उपस्थित रहेंगी तथा गांव के विकास के लिए किए जाने वाले कार्यों को स्वयं प्राथमिकता के आधार पर कराएंगी। गांव के विकास में अपने पति योगेश कुमार तथा परिवार के सदस्यों के साथ साथ पूरे गांव के लोगों के विचारों को सम्मिलित करते हुए निर्णय लेंगी।
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कार्यों से होगी मेरी पहचान
नानौता ब्लाक के ग्राम कचराई की ग्राम प्रधान अंजू देवी का कहना है कि वह गांव में विकास के लिए सीधे तौर पर ग्रामीणों के बीच रहकर कार्य करने में विश्वास रखती हैं। ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अपनी अलग पहचान बनाते हुए कार्य करेंगी। उनका प्रयास होगा कि लोग उन्हें उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए जाने, न कि पति के नाम से उनकी पहचान हो। पात्र व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाना व सभी विकास कार्यों पर वह खुद नजर रखेंगी।

वोटरों ने महिला पर भरोसा किया तो मैं कैसे पीछे रहूं
विकासखंड साढ़ौली कदीम की ग्राम पंचायत अब्दुल्लापुर की नवनिर्वाचित महिला ग्राम प्रधान फुलम देवी का कहना है कि उनके गांव में प्रधान पद अनारक्षित था। बावजूद किसी पुरुष प्रत्याशी पर भरोसा न जताकर ग्रामीणों ने उन पर भरोसा जताया है। वे खुद अपने पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए विकास के लिए कार्य योजना बनाकर अपनी देखरेख में उसका क्रियान्वयन कराने का काम करेंगी। इसी ब्लाक के गांव रोगला हथोली की प्रधान दीपमाला का कहना है कि वे खुद ग्राम पंचायत की बैठक लेंगी और विकास कार्यों को भी अपनी देखरेख में संपन्न कराएंगी।
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