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आचार संहिता के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 24 Dec 2016 12:25 AM IST
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बैठक लेते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम शफकत कमाल ने कहा कि किसी भी दिन विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। घोषणा के 24 घंटे के अंदर आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है।
आचार संहिता का पालन न करने वालों के विरुद्घ प्रशासन एफआईआर दर्ज कराएगा। वह शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे थे।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि जिन भवनों या जगहों पर किसी भी दल के होर्डिंग, झंडे या बैनर लगे हैं। आचार संहिता लगते ही संबंधित दलों को उन्हें हटवाना होगा। नहीं तो प्रशासन उन्हें हटवाएगा।
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नियम है कि ऐसी सामग्री को हटवाने में जो भी खर्च प्रशासन का आएगा, प्रशासन उसे संबंधित दल से वसूलेगा। इसके अलावा किसी भी विद्युत खंभे, टेलीफोन खंभे या सरकारी भवन पर प्रचार सामग्री नहीं लगाई जाएगी।
यदि किसी के निजी मकान पर भी किसी प्रकार की प्रचार सामग्री लगाई जा रही है तो उस मकान या भूमि के मालिक से लिखित में अनुमति लेनी होगी, जिसे जरूरत पड़ने पर दिखाना भी होगा।
चुनाव प्रचार में लगे वाहनों की अनुमति प्रशासन से लेनी होगी। कोई भी दल अपने प्रचार के लिए धार्मिक स्थलों जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या गिरजाघर का इस्तेमाल नहीं करेगा।
रैली या सभा करते वक्त यह ध्यान रखना होगा कि उससे किसी अन्य दल के सभा या रैली में बाधा न आए। किसी धर्म या जाति के खिलाफ कोई ऐसी बात नहीं कही जाएगी, जिससे शांतिभंग होने की आशंका रहे।
यदि कोई दल किसी अन्य दल के प्रचार या अन्य काम में बाधा उत्पन्न करता है तो ऐसी स्थिति में खुद कोई कदम उठाने की बजाय सूचना पुलिस को देनी होगी। डीएम ने कहा कि आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
चाहे वह व्यक्ति किसी भी दल का क्यों न हो। कहा कि फरवरी में चुनाव हो सकते हैं और मार्च में बोर्ड परीक्षाएं होती हैं, जिनकी तैयारी भी बच्चे फरवरी में ही करेंगे। ऐसे में सभी दलों को चाहिए कि उनके प्रचार के कारण बच्चों की तैयारी बाधित न हो।
बैठक में एडीएम (प्रशासन) एसके दुबे, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) हरीशचंद्र, नगरायुक्त ओपी वर्मा, एसडीएम रामविलास यादव आदि अधिकारी थे। इनके अलावा बसपा जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशी वालिया, प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, भाजपा नेता नरेश धनकर समेत अन्य दलों के पदाधिकारी भी मौजूद थे।
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आचार संहिता का पालन न करने वालों के विरुद्घ प्रशासन एफआईआर दर्ज कराएगा। वह शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे थे।
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राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि जिन भवनों या जगहों पर किसी भी दल के होर्डिंग, झंडे या बैनर लगे हैं। आचार संहिता लगते ही संबंधित दलों को उन्हें हटवाना होगा। नहीं तो प्रशासन उन्हें हटवाएगा।
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नियम है कि ऐसी सामग्री को हटवाने में जो भी खर्च प्रशासन का आएगा, प्रशासन उसे संबंधित दल से वसूलेगा। इसके अलावा किसी भी विद्युत खंभे, टेलीफोन खंभे या सरकारी भवन पर प्रचार सामग्री नहीं लगाई जाएगी।
यदि किसी के निजी मकान पर भी किसी प्रकार की प्रचार सामग्री लगाई जा रही है तो उस मकान या भूमि के मालिक से लिखित में अनुमति लेनी होगी, जिसे जरूरत पड़ने पर दिखाना भी होगा।
चुनाव प्रचार में लगे वाहनों की अनुमति प्रशासन से लेनी होगी। कोई भी दल अपने प्रचार के लिए धार्मिक स्थलों जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या गिरजाघर का इस्तेमाल नहीं करेगा।
रैली या सभा करते वक्त यह ध्यान रखना होगा कि उससे किसी अन्य दल के सभा या रैली में बाधा न आए। किसी धर्म या जाति के खिलाफ कोई ऐसी बात नहीं कही जाएगी, जिससे शांतिभंग होने की आशंका रहे।
यदि कोई दल किसी अन्य दल के प्रचार या अन्य काम में बाधा उत्पन्न करता है तो ऐसी स्थिति में खुद कोई कदम उठाने की बजाय सूचना पुलिस को देनी होगी। डीएम ने कहा कि आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
चाहे वह व्यक्ति किसी भी दल का क्यों न हो। कहा कि फरवरी में चुनाव हो सकते हैं और मार्च में बोर्ड परीक्षाएं होती हैं, जिनकी तैयारी भी बच्चे फरवरी में ही करेंगे। ऐसे में सभी दलों को चाहिए कि उनके प्रचार के कारण बच्चों की तैयारी बाधित न हो।
बैठक में एडीएम (प्रशासन) एसके दुबे, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) हरीशचंद्र, नगरायुक्त ओपी वर्मा, एसडीएम रामविलास यादव आदि अधिकारी थे। इनके अलावा बसपा जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशी वालिया, प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, भाजपा नेता नरेश धनकर समेत अन्य दलों के पदाधिकारी भी मौजूद थे।