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Saharanpur News: कैसा ई-नगर निगम, बिल और नोटिस में खर्च किया दोगुना कागज
Thu, 30 Oct 2025 01:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 30 Oct 2025 01:39 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने की कवायद मई 2024 से चल रही है। व्यवस्था लागू करने के लिए नए कंप्यूटर और अन्य उपकरण आए हैं। कर्मचारियों का प्रशिक्षण हो चुका है, लेकिन आज भी लिपिक हाथों में फाइल लिए दौड़ रहे हैं। हैरत की बात यह है कि जीआईएस सर्वे आधारित बिल और नोटिस के प्रिंट निकाले गए हैं, जिनकी संख्या 3.60 लाख के आसपास है। यानी ई-ऑफिस प्रणाली के बावजूद पूर्व के वर्षों की तुलना में कागज दोगुनी मात्रा में खर्च हुआ।
प्रदेश के सचिवालय व सभी सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के लिए प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2018 में शासनादेश जारी किया गया था। उसके बाद जुलाई 2023 में भी शासन द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया। इसके अनुपालन में नगर निगम सहारनपुर में 2024 में प्रक्रिया तेज की गई थी। 15 मई से प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया था। बताया गया था कि कोई भी अधिकारी या पटल सहायक जब भी किसी फाइल को चलाएगा तो उसके डिजिटल सिग्नेचर, दिनांक व समय उस पर अंकित हो जाएगा।
यह भी कहा गया था कि ई-प्रणाली में निगम के सभी डेटा को स्कैन किया जाएगा। सभी विभागाध्यक्ष के पास एक कोड वर्ड भी होगा। नगर निगम के ज्यादातर कार्य पेपरलेस करने का दावा किया गया था। इसमें नगर निगम 50 फीसदी भी सफलता नहीं पा सका है। कुछ ही समय पहले जीआईएस सर्वे आधारित 1.82 लाख नोटिस और इतने ही बिल पेपर पर निकलवाए गए हैं। म्युटेशन सहित अनेक कार्य ऑनपेपर ही किए जा रहे हैं।
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घर भेजे जाते हैं नोटिस और बिल
विद्युत निगम बिजली के प्रत्येक माह के बिल लोगों के मोबाइल पर भेजता है, जबकि जिलेभर में लाखों उपभोक्ता हैं, लेकिन नगर निगम मात्र 1.82 लाख भवनों के गृहकर एवं जलकर के बिल एसएमएस या व्हाट्सएप पर भेजने में असमर्थ है। गृहकर एवं जलकर अनुभाग के कर्मचारी बिल लेकर पहुंच रहे हैं।
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बीते वर्ष डबल खर्च हुआ कागज
नगर निगम में प्रत्येक वर्ष करीब 500 रिम तक कागज खर्च होता है। एक रिम में 500 पेज आते हैं। बीते वर्ष चूंकि करीब 3.60 लाख प्रिंट बिल और नोटिस के निकले। बाकी विभागों के कार्य भी रहे। ऐसे में कागज का खर्च बढ़कर दो गुना यानी 1000 रिम तक खर्च हुआ।
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मार्च 2026 तक पूरी तरह लागू होगी व्यवस्था
ई-ऑफिस प्रणाली के नोडल एवं लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली को लेकर तेजी से काम हो रहा है। 50 फीसदी से अधिक कार्य ऑनलाइन आ चुका है। उन्होंने मार्च 2026 तक 90 फीसदी से अधिक कार्य पेपरलेस होने की बात कही।
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प्रदेश के सचिवालय व सभी सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के लिए प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2018 में शासनादेश जारी किया गया था। उसके बाद जुलाई 2023 में भी शासन द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया। इसके अनुपालन में नगर निगम सहारनपुर में 2024 में प्रक्रिया तेज की गई थी। 15 मई से प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया था। बताया गया था कि कोई भी अधिकारी या पटल सहायक जब भी किसी फाइल को चलाएगा तो उसके डिजिटल सिग्नेचर, दिनांक व समय उस पर अंकित हो जाएगा।
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यह भी कहा गया था कि ई-प्रणाली में निगम के सभी डेटा को स्कैन किया जाएगा। सभी विभागाध्यक्ष के पास एक कोड वर्ड भी होगा। नगर निगम के ज्यादातर कार्य पेपरलेस करने का दावा किया गया था। इसमें नगर निगम 50 फीसदी भी सफलता नहीं पा सका है। कुछ ही समय पहले जीआईएस सर्वे आधारित 1.82 लाख नोटिस और इतने ही बिल पेपर पर निकलवाए गए हैं। म्युटेशन सहित अनेक कार्य ऑनपेपर ही किए जा रहे हैं।
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घर भेजे जाते हैं नोटिस और बिल
विद्युत निगम बिजली के प्रत्येक माह के बिल लोगों के मोबाइल पर भेजता है, जबकि जिलेभर में लाखों उपभोक्ता हैं, लेकिन नगर निगम मात्र 1.82 लाख भवनों के गृहकर एवं जलकर के बिल एसएमएस या व्हाट्सएप पर भेजने में असमर्थ है। गृहकर एवं जलकर अनुभाग के कर्मचारी बिल लेकर पहुंच रहे हैं।
बीते वर्ष डबल खर्च हुआ कागज
नगर निगम में प्रत्येक वर्ष करीब 500 रिम तक कागज खर्च होता है। एक रिम में 500 पेज आते हैं। बीते वर्ष चूंकि करीब 3.60 लाख प्रिंट बिल और नोटिस के निकले। बाकी विभागों के कार्य भी रहे। ऐसे में कागज का खर्च बढ़कर दो गुना यानी 1000 रिम तक खर्च हुआ।
मार्च 2026 तक पूरी तरह लागू होगी व्यवस्था
ई-ऑफिस प्रणाली के नोडल एवं लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली को लेकर तेजी से काम हो रहा है। 50 फीसदी से अधिक कार्य ऑनलाइन आ चुका है। उन्होंने मार्च 2026 तक 90 फीसदी से अधिक कार्य पेपरलेस होने की बात कही।