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Saharanpur News: यह कैसा विकास, राह में छोड़े रोड़े
Mon, 01 Jul 2024 03:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 01 Jul 2024 03:26 AM IST
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सहारनपुर। यह कैसा विकास है, जिसमें नागरिकों की राह में रोड़े बिछा की छोड़ दिए जा रहे हैं। कार्यदायी संस्थाएं मलबा और निर्माण सामग्री सड़कों पर छोड़कर आम नागरिकों के सफर को मुश्किल बना रही हैं। चार दिन पहले ही नगरायुक्त संजय चौहान ने सड़कों पर मलबा छोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी थी। ऐसे में अमर उजाला ने रविवार को पड़ताल की, जिसमें अनेक जगहों पर मलबा और निर्माण सामग्री सड़कों पर फैली नजर आई।
धोबीघाट पर अक्सर सीवर का ढक्कन टूटा रहता है। बीते 15 दिन में दो ढक्कन बदले गए हैं। खास बात यह है कि ढक्कन बदलने वाली फर्म के कर्मचारियों ने पुराने फ्रेम और ढक्कन को मौके पर ही छोड़ दिया है। जिसकी वजह से कभी भी हादसा हो सकता है। इसी से करीब 50 मीटर दूरी पर भी ढक्कन बदला गया है। यहां भी करीब 20 दिन से टूटा फ्रेम और ढक्कन सड़क पर ही छोड़ा गया है।
जामा मस्जिद के पास पांवधोई नदी के किनारे भारी मात्रा में मिट्टी सड़क पर छोड़ी गई है, जो महीनों से पड़ी है। इससे थोड़ा चतरा पुल की ओर चलने पर रेत और बजरी सड़क किनारे छोड़ी गई है। नेहरू मार्केट में फुटपाथ बनाने का कार्य चल रहा है। टाइल्स बिछाने के लिए खोदी गई अतिरिक्त मिट्टी साइड में डालने की बजाय सड़क पर छोड़ी गई है, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित है। कोर्ट रोड पर निर्माण कार्य बेहद धीमी गति पर है। इसकी वजह से कई पाइप और निर्माण सामग्री महीनों से सड़क पर पड़ी है।
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- राहगीरों को झटका दे रही स्मार्ट सड़कें
घंटाघर से कोर्ट रोड पुल, पुल से रेलवे स्टेशन और स्टेशन से घंटाघर तक त्रिकोण सड़कों को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किया गया है। सड़क बनाने से पहले सीवर लाइन डाली गई थी। सीवर की सफाई के बाद जो ढक्कन रखे गए हैं वे सड़क के स्तर से तीन से चार इंच नीचे रखे गए हैं। जिसकी वजह से वाहनों के पहिए झटके के साथ ढक्कन पर पड़ रहे हैं। कुछ ढक्कन आड़े तिरछे हो गए हैं, जो टूट भी सकते हैं।
- पुलों के रैंप से प्रभावित हुआ मार्ग
पांवधोई नदी पर दो सेतु बनाए गए हैं। दोनों पुल सड़क से करीब चार से पांच फीट ऊंचे हैं। ऐसे में पुलों पर वाहन चढ़ाने के लिए दोनों साइड में रैंप बनाए गए हैं, जिनकी वजह से नदी के दोनों साइड की सड़कों का करीब आधा हिस्सा रैंप में चला गया है। इसकी वजह से उक्त स्थलों पर दोनों साइड के मार्ग संकरे हो गए हैं।
- मलबे या निर्माण सामग्री को सड़कों पर अधिक दिन तक छोड़ना ठीक नहीं है। इससे हादसा हो सकता है। यदि किसी कार्यदायी संस्था ने ऐसा किया हुआ है तो मामले को दिखवाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो जुर्माना भी लगाया जाएगा। - संजय चौहान, नगरायुक्त।
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धोबीघाट पर अक्सर सीवर का ढक्कन टूटा रहता है। बीते 15 दिन में दो ढक्कन बदले गए हैं। खास बात यह है कि ढक्कन बदलने वाली फर्म के कर्मचारियों ने पुराने फ्रेम और ढक्कन को मौके पर ही छोड़ दिया है। जिसकी वजह से कभी भी हादसा हो सकता है। इसी से करीब 50 मीटर दूरी पर भी ढक्कन बदला गया है। यहां भी करीब 20 दिन से टूटा फ्रेम और ढक्कन सड़क पर ही छोड़ा गया है।
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जामा मस्जिद के पास पांवधोई नदी के किनारे भारी मात्रा में मिट्टी सड़क पर छोड़ी गई है, जो महीनों से पड़ी है। इससे थोड़ा चतरा पुल की ओर चलने पर रेत और बजरी सड़क किनारे छोड़ी गई है। नेहरू मार्केट में फुटपाथ बनाने का कार्य चल रहा है। टाइल्स बिछाने के लिए खोदी गई अतिरिक्त मिट्टी साइड में डालने की बजाय सड़क पर छोड़ी गई है, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित है। कोर्ट रोड पर निर्माण कार्य बेहद धीमी गति पर है। इसकी वजह से कई पाइप और निर्माण सामग्री महीनों से सड़क पर पड़ी है।
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- राहगीरों को झटका दे रही स्मार्ट सड़कें
घंटाघर से कोर्ट रोड पुल, पुल से रेलवे स्टेशन और स्टेशन से घंटाघर तक त्रिकोण सड़कों को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किया गया है। सड़क बनाने से पहले सीवर लाइन डाली गई थी। सीवर की सफाई के बाद जो ढक्कन रखे गए हैं वे सड़क के स्तर से तीन से चार इंच नीचे रखे गए हैं। जिसकी वजह से वाहनों के पहिए झटके के साथ ढक्कन पर पड़ रहे हैं। कुछ ढक्कन आड़े तिरछे हो गए हैं, जो टूट भी सकते हैं।
- पुलों के रैंप से प्रभावित हुआ मार्ग
पांवधोई नदी पर दो सेतु बनाए गए हैं। दोनों पुल सड़क से करीब चार से पांच फीट ऊंचे हैं। ऐसे में पुलों पर वाहन चढ़ाने के लिए दोनों साइड में रैंप बनाए गए हैं, जिनकी वजह से नदी के दोनों साइड की सड़कों का करीब आधा हिस्सा रैंप में चला गया है। इसकी वजह से उक्त स्थलों पर दोनों साइड के मार्ग संकरे हो गए हैं।
- मलबे या निर्माण सामग्री को सड़कों पर अधिक दिन तक छोड़ना ठीक नहीं है। इससे हादसा हो सकता है। यदि किसी कार्यदायी संस्था ने ऐसा किया हुआ है तो मामले को दिखवाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो जुर्माना भी लगाया जाएगा। - संजय चौहान, नगरायुक्त।