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यज्ञ के बिना मनुष्य का कल्याण असंभव
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यज्ञ के बिना मनुष्य का कल्याण असंभव
बड़गांव। दलहेड़ी गांव में शुक्रवार को रणवीर सिंह आर्य की बैठक पर स्थित यज्ञशाला में तीन दिवसीय ऋग्वेद खंड पारायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इसका आयोजन 26 से 28 फरवरी तक होगा। इस वृहद यज्ञ में 125 किलो सामग्री की आहुति डाली जाएगी।
इस मौके पर रणवीर शास्त्री ने कहा कि यज्ञ के बिना मनुष्य का कल्याण संभव नहीं है। इसलिए मनुष्य को समय-समय पर यज्ञ करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यज्ञ दुनिया का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। इसके करने से मनुष्य के सभी पाप समाप्त होकर पुण्य की प्राप्ति होती है।
आचार्य रणवीर शास्त्री ने कहा कि यज्ञ में भाग लेने वाले सभी मनुष्यों को यज्ञ में आहुतियां देने से पुण्य की प्राप्ति होती है। यज्ञ में भाग लेने के बाद वेदपाठ सुनने से मनुष्य को ज्ञान प्राप्त होता है। यज्ञमान एडवोकेट अशोक कुमार सहपत्नी रहे। वेदपाठ में वैदिक गुरुकुल दल्हेड़ी से ब्रह्मचारी सत्यम आर्य और अक्षित आर्य ने किया। यज्ञ के ब्राह्मा नकुड से आये आचार्य रणवीर शास्त्री जी रहे। संचालन महक सिंह आर्य ने किया। इसमें रामधन आर्य, किरणपाल आर्य, संदीप आर्य,पदम सिंह, ओमसिंह आर्य, देवी सिंह उमाही,मा.कुलदीप सिंह, मा.प्रदीप सिंह आदि रहे।
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बड़गांव। दलहेड़ी गांव में शुक्रवार को रणवीर सिंह आर्य की बैठक पर स्थित यज्ञशाला में तीन दिवसीय ऋग्वेद खंड पारायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इसका आयोजन 26 से 28 फरवरी तक होगा। इस वृहद यज्ञ में 125 किलो सामग्री की आहुति डाली जाएगी।
इस मौके पर रणवीर शास्त्री ने कहा कि यज्ञ के बिना मनुष्य का कल्याण संभव नहीं है। इसलिए मनुष्य को समय-समय पर यज्ञ करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यज्ञ दुनिया का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। इसके करने से मनुष्य के सभी पाप समाप्त होकर पुण्य की प्राप्ति होती है।
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आचार्य रणवीर शास्त्री ने कहा कि यज्ञ में भाग लेने वाले सभी मनुष्यों को यज्ञ में आहुतियां देने से पुण्य की प्राप्ति होती है। यज्ञ में भाग लेने के बाद वेदपाठ सुनने से मनुष्य को ज्ञान प्राप्त होता है। यज्ञमान एडवोकेट अशोक कुमार सहपत्नी रहे। वेदपाठ में वैदिक गुरुकुल दल्हेड़ी से ब्रह्मचारी सत्यम आर्य और अक्षित आर्य ने किया। यज्ञ के ब्राह्मा नकुड से आये आचार्य रणवीर शास्त्री जी रहे। संचालन महक सिंह आर्य ने किया। इसमें रामधन आर्य, किरणपाल आर्य, संदीप आर्य,पदम सिंह, ओमसिंह आर्य, देवी सिंह उमाही,मा.कुलदीप सिंह, मा.प्रदीप सिंह आदि रहे।
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