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हॉलमार्किंग नियम का स्वागत पर मिलें सुविधाएं
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सहारनपुर। केंद्र सरकार ने ज्वेलरी की शुद्धता को लेकर हॉलमार्किंग यूनिक आईडी (एचयूआईडी) का नियम बनाया, जिसको लेकर कारोबारियों में मिलीजुली प्रतिक्रिया है। कारोबारियों का कहना है कि नियम तो सही है, लेकिन पहले सुविधाएं भी बढ़ाई जाएं। क्योंकि हॉलमार्किंग सेंटर बहुत कम हैं, सहारनपुर में सिर्फ एक है। ऐसे में सभी कारोबारी कैसे काम कर पाएंगे। यह भी मांग है कि जितनी भी कैरेट की ज्वेलरी चलन में है, उन सभी को हॉलमार्किंग की सुविधा दी जाए।
सराफा बाजार के कारोबारी राम राजीव सिंघल का कहना है कि हॉलमार्किंग करने का फैसला सरकार अच्छा है। मगर प्रत्येक ज्वेलरी की एचयूआईडी अलग बनाने के निर्णय में बदलाव करना चाहिए। क्योंकि हर ज्वेलरी पर एचयूआईडी बनाना संभव नहीं है।
सराफा कारोबारी शेखर कर्णवाल का कहना है कि इस फैसले से ज्वेलरी में शुद्धता का संदेह खत्म हो जाएगा। इसका फायदा ग्राहक और कारोबारी दोनों को होगा। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव जैन का कहना है कि हॉलमार्किंग सेंटर एक होने से संचालक की मनमानी रहती है। सहारनपुर में कम से कम तीन हॉलमार्किंग सेंटर होने चाहिए, क्योंकि जिलेभर में 500 से ज्यादा सराफा कारोबारी हैं। इस नियम का परंपरागत ढंग से कारोबार करने वालों को ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि हर ज्वेलरी की एचयूआई बनाने के लिए ऑनलाइन बिलिंग में इतनी एंट्री हो जाएंगी, जिसमें कारोबारी उलझ जाएगा। सराफा कारोबारी गौतम शंकर सिंघल का कहना है कि सरकार के नियम का कारोबारियों को कोई नुकसान नहीं है। बल्कि कारोबार में पूरी पारदर्शिता आएगी। इसलिए केंद्र सरकार का यह नियम स्वागत योग्य है।
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सराफा बाजार के कारोबारी राम राजीव सिंघल का कहना है कि हॉलमार्किंग करने का फैसला सरकार अच्छा है। मगर प्रत्येक ज्वेलरी की एचयूआईडी अलग बनाने के निर्णय में बदलाव करना चाहिए। क्योंकि हर ज्वेलरी पर एचयूआईडी बनाना संभव नहीं है।
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सराफा कारोबारी शेखर कर्णवाल का कहना है कि इस फैसले से ज्वेलरी में शुद्धता का संदेह खत्म हो जाएगा। इसका फायदा ग्राहक और कारोबारी दोनों को होगा। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव जैन का कहना है कि हॉलमार्किंग सेंटर एक होने से संचालक की मनमानी रहती है। सहारनपुर में कम से कम तीन हॉलमार्किंग सेंटर होने चाहिए, क्योंकि जिलेभर में 500 से ज्यादा सराफा कारोबारी हैं। इस नियम का परंपरागत ढंग से कारोबार करने वालों को ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि हर ज्वेलरी की एचयूआई बनाने के लिए ऑनलाइन बिलिंग में इतनी एंट्री हो जाएंगी, जिसमें कारोबारी उलझ जाएगा। सराफा कारोबारी गौतम शंकर सिंघल का कहना है कि सरकार के नियम का कारोबारियों को कोई नुकसान नहीं है। बल्कि कारोबार में पूरी पारदर्शिता आएगी। इसलिए केंद्र सरकार का यह नियम स्वागत योग्य है।
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