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अतिक्रमण से नाले में बदली नागादेव नदी
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छुटमलपुर। नागादेव नदी के दोनों किनारों पर अतिक्रमण होने से गांव दतौली मुगल और लखनौती के बीच नदी के रपटे पर पिछले 15 दिन से चार फीट तक पानी रुका है। इसके चलते ग्रामीणों को खासी मुसीबत उठा कर इससे गुजरना पड़ रहा है। उनकी इस समस्या पर कोई भी ध्यान देने को तैयार नहीं है।
मुजफ्फराबाद ब्लॉक के दर्जन भर गांवों रामखेड़ी, बेहड़ा संदल सिंह, दतौली मुगल आदि को पुंवारका विकासखंड के गांवों और जनता रोड से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर दतौली और लखनौती के बीच नागादेव नदी स्थित है। इस नदी का पुल वर्ष 1992 में टूट गया था। इसके बाद वर्ष 2013 में तत्कालीन प्रधान राव इसरार ने अपने कार्यकाल में इस पर रपटे का निर्माण कराया था, लेकिन पिछले कुछ सालों से नागादेव नदी के दोनो किनारों पर लगातार कब्जों से इसका स्वरूप इस क्षेत्र में छोटे नाले जैसा हो गया है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद नदी के पानी को निकलने की जगह न मिलने से यह रपटे पर जमा हो गया है। जिससे ग्रामीणों को जिला मुख्यालय जाने के लिए दस किमी अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
गांव बिशनपुर निवासी रमेश धीमान ने बताया कि मैं पिछले 15 दिन से इस पानी से सुबह शाम होकर दूसरे गांव में मजदूरी करने जाता हूं।
गांव दतौली मुगल निवासी राव फरमूद का कहना है कि ग्रामीणों द्वारा कई बार क्षेत्रीय विधायक से भी नदी पर पुल बनवाने की मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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मोहम्मद शहजाद ने बताया कि नदी के दोनों तरफ लोगों ने अवैध कब्जे करके इसका अस्तित्व ही खत्म कर दिया है। ऐसे में नदी में आने वाले पानी को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती है।
पूर्व प्रधान प्रतिनिधि राव शाकिब ने बताया कि बरसात में हर साल ग्रामीणों को दिक्कत आती है। उन्होंने कई बार अधिकारियों को भी समस्या के समाधान के लिए कहा, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।
राजस्व टीम को मौके पर भेज कर जांच कराई जाएगी। नदी पर अवैध कब्जों को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध कब्जों को चिह्नित कर उन्हें हटवाने का काम किया जाएगा।
अनिल कुमार सिंह
एसडीएम सदर
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मुजफ्फराबाद ब्लॉक के दर्जन भर गांवों रामखेड़ी, बेहड़ा संदल सिंह, दतौली मुगल आदि को पुंवारका विकासखंड के गांवों और जनता रोड से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर दतौली और लखनौती के बीच नागादेव नदी स्थित है। इस नदी का पुल वर्ष 1992 में टूट गया था। इसके बाद वर्ष 2013 में तत्कालीन प्रधान राव इसरार ने अपने कार्यकाल में इस पर रपटे का निर्माण कराया था, लेकिन पिछले कुछ सालों से नागादेव नदी के दोनो किनारों पर लगातार कब्जों से इसका स्वरूप इस क्षेत्र में छोटे नाले जैसा हो गया है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद नदी के पानी को निकलने की जगह न मिलने से यह रपटे पर जमा हो गया है। जिससे ग्रामीणों को जिला मुख्यालय जाने के लिए दस किमी अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
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गांव बिशनपुर निवासी रमेश धीमान ने बताया कि मैं पिछले 15 दिन से इस पानी से सुबह शाम होकर दूसरे गांव में मजदूरी करने जाता हूं।
गांव दतौली मुगल निवासी राव फरमूद का कहना है कि ग्रामीणों द्वारा कई बार क्षेत्रीय विधायक से भी नदी पर पुल बनवाने की मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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मोहम्मद शहजाद ने बताया कि नदी के दोनों तरफ लोगों ने अवैध कब्जे करके इसका अस्तित्व ही खत्म कर दिया है। ऐसे में नदी में आने वाले पानी को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती है।
पूर्व प्रधान प्रतिनिधि राव शाकिब ने बताया कि बरसात में हर साल ग्रामीणों को दिक्कत आती है। उन्होंने कई बार अधिकारियों को भी समस्या के समाधान के लिए कहा, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।
राजस्व टीम को मौके पर भेज कर जांच कराई जाएगी। नदी पर अवैध कब्जों को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध कब्जों को चिह्नित कर उन्हें हटवाने का काम किया जाएगा।
अनिल कुमार सिंह
एसडीएम सदर