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उर्स में जायरीन ने दरगाह पर टेका मत्था
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Apr 2017 12:55 AM IST
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अंबेहटा में हजरत की दरगाह पर चादर चढ़ाते जायरीन।
- फोटो : अमर उजाला
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अंबेहटा। कस्बे में स्थित हजरत सैय्यद शाह अबुल मआली रहमतुल्ला अलेह की दरगाह पर लगने वाले सालाना उर्स का शुक्रवार को रस्मो रिवाज के साथ आगाज हो गया है। उर्स के पहले दिन दूर दराज से आये बड़ी संख्या में जायरीन ने दरगाह में हाजरी लगाई और मत्था टेका।
उर्स में पहले दिन चादर पोसी, खत्म शरीफ एवं मिलाद शरीफ की रस्म अदा हुई। दरगाह पर लग रहे उर्स में सबसे पहले दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश आदि प्रांतों से आये जायरीनों ने दरगाह शरीफ पर चादर चढ़ाई और मत्था टेका। इसके बाद खत्म शरीफ एवं मिलाद शरीफ की रस्म हुई। सलाम एवं नात सैय्यद मुजम्मील, आफताफ अहमद एवं जमीर अली ने पेश की।
हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक इस उर्स में प्रति वर्ष बड़ी संख्या में जायरीन शिरकत करते हैं। उर्स में बच्चों ने खेल खिलौनों की खरीददारी की और चाट पकौड़ी का लुत्फ उठाया। इसके बाद रात के समय कव्वाली का प्रोग्राम हुआ जिसमें शायरों ने एक से बढ़ कर एक कलाम पेश किए।
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पूरे दिन दरगाह में चले लंगर में बड़ी संख्या में जायरीनों ने लंगर छका। इस दौरान दरगाह के सज्जादा नशीन शाह मशरूर अहमद, गुलाम साबिर, मदद अली, मेघराज, असलम, यासीन, जमशीद देलहवी, नदीम अहमद, प्रवेज साबरी, डॉ. सुहेल साबरी, सोनू, प्रताप आदि जायरीन मौजूद रहे।
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उर्स में पहले दिन चादर पोसी, खत्म शरीफ एवं मिलाद शरीफ की रस्म अदा हुई। दरगाह पर लग रहे उर्स में सबसे पहले दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश आदि प्रांतों से आये जायरीनों ने दरगाह शरीफ पर चादर चढ़ाई और मत्था टेका। इसके बाद खत्म शरीफ एवं मिलाद शरीफ की रस्म हुई। सलाम एवं नात सैय्यद मुजम्मील, आफताफ अहमद एवं जमीर अली ने पेश की।
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हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक इस उर्स में प्रति वर्ष बड़ी संख्या में जायरीन शिरकत करते हैं। उर्स में बच्चों ने खेल खिलौनों की खरीददारी की और चाट पकौड़ी का लुत्फ उठाया। इसके बाद रात के समय कव्वाली का प्रोग्राम हुआ जिसमें शायरों ने एक से बढ़ कर एक कलाम पेश किए।
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पूरे दिन दरगाह में चले लंगर में बड़ी संख्या में जायरीनों ने लंगर छका। इस दौरान दरगाह के सज्जादा नशीन शाह मशरूर अहमद, गुलाम साबिर, मदद अली, मेघराज, असलम, यासीन, जमशीद देलहवी, नदीम अहमद, प्रवेज साबरी, डॉ. सुहेल साबरी, सोनू, प्रताप आदि जायरीन मौजूद रहे।