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Saharanpur News: बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, हंगामा
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बंदी की फाईल फोटो अरूण
- फोटो : SAHARANPUR
बंदी की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप आरोप
सहारनपुर। नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोप में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर जेल भेजे गए बंदी की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। गले पर रस्सी के निशान देख परिजनों ने उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया और हंगामा किया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतक बंदी अरुण (21) गांव शिमलाना निवासी शीशपाल का पुत्र था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने बताया कि शुक्रवार की सुबह अरुण की तबियत खराब हो गई थी, उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई आजाद कुमार और प्रदीप का आरोप है कि अरुण के गले पर रस्सी के निशान है। इन्होंने लड़की पक्ष, पुलिस और जेल प्रबंधन की मिलीभगत से अरुण की हत्या करने का आरोप लगाया है। अरुण की 14 जनवरी को शादी होनी थी, दो दिन पहले ही वह एक किशोरी को लेकर फरार हो गया था। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह पता चल सकेगी।
जेल प्रशासन ने चुप्पी साधी, आत्महत्या की भी चर्चा
सहारनपुर। जेल में आने के अगले ही दिन बंदी की मौत और गले पर रस्सी के निशान मिलने के मामले में जिला प्रशासन ने चुप्पी साध ली है। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है और जिलाधिकारी से कार्रवाई कराने की मांग की है। उसके जेल में आत्महत्या किए जाने की भी चर्चा है।
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अरुण की 14 जनवरी को अरुण की शादी होनी थी। परिवार के लोग शादी की भी तैयारी भी कर रहे थे। अरुण दो दिन पूर्व ही नाबालिग लड़की को लेकर फरार हो गया था। चर्चा है कि दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था। बृहस्पतिवार को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया था। जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद उसे शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, अरुण एक वर्ष भी पूर्व भी जेल गया था। यह मामला भी लड़की को ले जाने से संबंधित था। अरुण के जेल में आत्महत्या किए जाने की भी चर्चा है, हालांकि उसकी मौत और रस्सी के निशान मिलने के संबंध में जेल प्रशासन कुछ बोलने को तैयार नहीं है। तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराने और उपचार के दौरान मौत होने की बात कही है।
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सहारनपुर। नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोप में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर जेल भेजे गए बंदी की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। गले पर रस्सी के निशान देख परिजनों ने उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया और हंगामा किया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतक बंदी अरुण (21) गांव शिमलाना निवासी शीशपाल का पुत्र था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने बताया कि शुक्रवार की सुबह अरुण की तबियत खराब हो गई थी, उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई आजाद कुमार और प्रदीप का आरोप है कि अरुण के गले पर रस्सी के निशान है। इन्होंने लड़की पक्ष, पुलिस और जेल प्रबंधन की मिलीभगत से अरुण की हत्या करने का आरोप लगाया है। अरुण की 14 जनवरी को शादी होनी थी, दो दिन पहले ही वह एक किशोरी को लेकर फरार हो गया था। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह पता चल सकेगी।
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जेल प्रशासन ने चुप्पी साधी, आत्महत्या की भी चर्चा
सहारनपुर। जेल में आने के अगले ही दिन बंदी की मौत और गले पर रस्सी के निशान मिलने के मामले में जिला प्रशासन ने चुप्पी साध ली है। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है और जिलाधिकारी से कार्रवाई कराने की मांग की है। उसके जेल में आत्महत्या किए जाने की भी चर्चा है।
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अरुण की 14 जनवरी को अरुण की शादी होनी थी। परिवार के लोग शादी की भी तैयारी भी कर रहे थे। अरुण दो दिन पूर्व ही नाबालिग लड़की को लेकर फरार हो गया था। चर्चा है कि दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था। बृहस्पतिवार को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया था। जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद उसे शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, अरुण एक वर्ष भी पूर्व भी जेल गया था। यह मामला भी लड़की को ले जाने से संबंधित था। अरुण के जेल में आत्महत्या किए जाने की भी चर्चा है, हालांकि उसकी मौत और रस्सी के निशान मिलने के संबंध में जेल प्रशासन कुछ बोलने को तैयार नहीं है। तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराने और उपचार के दौरान मौत होने की बात कही है।

बंदी की मौत के बाद जिला अस्पताल पर हंगामा करते परिजन व भीम आर्मी के पदाधिकारी- फोटो : SAHARANPUR

ंदी की मौत के बाद जिला अस्पताल पर तैनात पुलिस- फोटो : SAHARANPUR