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UP Election 2022: मुख्य चुनाव आयुक्त, गृह सचिव और यूपी सरकार को नोटिस जारी, 10 मार्च तक किया जवाब तलब, ये है पूरा मामला

Tue, 08 Feb 2022 10:18 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 08 Feb 2022 10:18 PM IST
सार

मुख्य चुनाव आयुक्त, गृह सचिव और भारत सरकार से जवाब तलब किया गया है। एडवोकेट राजकुमार ने बताया कि संविधान बचाओ ट्रस्ट ने अपने सिविल सूट में उल्लेख किया था कि ट्रस्ट ने भारत के समस्त जिलाधिकारियों से ईवीएम मशीन की ऑथेंटिसिटी सर्टिफिकेट और उसकी वर्किंग के बारे में 21 बिंदुओं पर सूचना मांगी थी।

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UP Election 2022: District Judge Saharanpur has issued notice to the Chief Election Commissioner, Home Secretary and UP Government
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

संविधान बचाओ ट्रस्ट के सिविल सूट की निगरानी याचिका पर जिला जज सहारनपुर ने मुख्य चुनाव आयुक्त, गृह सचिव भारत सरकार, लॉ सेक्रेट्री गवर्नमेंट ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश सरकार और जिला अधिकारी सहारनपुर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 

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एडवोकेट राजकुमार ने बताया की संविधान बचाओ ट्रस्ट ने अपने सिविल सूट में उल्लेख किया था कि ट्रस्ट ने भारत के समस्त जिलाधिकारियों से ईवीएम मशीन की ऑथेंटिसिटी सर्टिफिकेट और उसकी वर्किंग के बारे में 21 बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। जिलाधिकारियों ने मांगी गई सूचना तकनीकी होने का हवाला देकर अवगत कराया था कि यह सूचना राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, भारत निर्वाचन आयोग और ईवीएम निर्माता कंपनियों से प्राप्त की जा सकती है। ट्रस्ट ने जब यह सूचना देश भर के सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से मांगी तो राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा भी सूचना को तकनीकी बता कर भारत निर्वाचन आयोग और ईवीएम निर्माता कंपनी से सूचना लेने की बात कही गई। 
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भारत निर्वाचन आयोग ने ट्रस्ट को सूचना का अधिकार में अवगत कराया कि ईवीएम और वीवी पैट मशीन को देश विदेश की किस मान्यता प्राप्त संस्था से ऑथेंटिसिटी का सर्टिफिकेट मिला है, इसकी जानकारी ईवीएम निर्माता कंपनी ही दे सकती है। जब ईवीएम निर्माता कंपनियों से ऑथेंटिसिटी प्रमाण पत्र के मामले में आरटीआई में पूछा गया तो ईवीएम निर्माता कंपनियों ने प्रमाणिकता प्रमाण पत्र प्राप्त होने के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग की एक्सपर्ट टीम द्वारा प्रमाणिकता की बात पर दोनों ईवीएम निर्माता कंपनियों ने गोलमोल विरोधाभासी जवाब दिया।
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भारत निर्वाचन आयोग और ईवीएम निर्माता कंपनी के प्रमाणिकता प्रमाण पत्र पर विरोधाभासी जवाब को लेकर संविधान बचाओ ट्रस्ट ने सिविल जज सीनियर डिवीजन सहारनपुर के न्यायालय में ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग का एक सिविल सूट दाखिल किया। 

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सिविल जज सीनियर डिवीजन ने यह कहते हुए ट्रस्ट का सिविल सूट खारिज कर दिया कि न्यायालय को केंद्र सरकार द्वारा बनाए हुए नियम कानूनों में हस्तक्षेप करने का अधिकार प्राप्त नहीं है। न्यायालय सिविल जज के आदेश की निगरानी याचिका संविधान बचाओ ट्रस्ट ने जिला जज सहारनपुर के न्यायालय में दाखिल की। जिस पर चार फरवरी को सुनवाई हुई और जिला जज अश्वनी कुमार त्रिपाठी ने विपक्षीगण भारत निर्वाचन आयोग, गृह सचिव भारत सरकार, लॉ सेक्रेटरी भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। अगली तिथि 10 मार्च नियत की गई है।

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