UP: पूर्व MLC हाजी इकबाल के विदेश भागने की चर्चा तेज, चौतरफा घेराबंदी, खनन माफिया पर है एक लाख का इनाम
UP News : एक लाख का इनामी हाजी इकबाल भले ही फरार है लेकिन, प्रशासन ने तीन दिन में ही अरबों की संपत्ति को कुर्क कर लिया है। इकबाल की कोठी समेत कई प्लाट और अन्य संपत्तियों पर सरकारी बोर्ड लगा दिए गए हैं।
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सहारनपुर में पुलिस-प्रशासन द्वारा चिह्नित की गई खनन माफिया और एक लाख रुपये के इनामी पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की तीन दिन में 506 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली है। टीमों ने सहारनपुर, लखनऊ और नोएडा की संपत्ति पर सरकारी बोर्ड लगाए हैं। वहीं अब उसके विदेश भागने की चर्चाएं भी तेज हो गई है। उसके पुत्र अब्दुल वाजिद, जावेद, मोहम्मद अफजाल, अलीशान और उसके भाई पूर्व एमएलसी मोहम्मद अली के खिलाफ गैंगस्टर और दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद हैं। इनके खिलाफ 45 मामले दर्ज हैं।
तीन दिन चली कार्रवाई में सहारनपुर पुलिस-प्रशासन टीमों ने लखनऊ के गोमती नगर में हाजी इकबाल के आवास और नोएडा की कोतवाली ईकोटेक-3 क्षेत्र के सेक्टर पांच में नोलेक पार्क के पास एक कोठी और कई प्लाट कुर्क किए। इनकी कीमत 305 करोड़ रुपये है।
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इससे पूर्व सहारनपुर के मिर्जापुर, कोर्ट रोड पर आरजी पैलेस और दिल्ली रोड स्थित 201 करोड़ की संपत्ति कुर्क जा चुकी है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि तीन दिन की कार्रवाई में अभी तक गैंगस्टर एक्ट के मामले में चिह्नित की गई सभी संपत्ति कुर्क कर ली गई है। आगे भी इकबाल की अवैध संपत्ति चिह्नित की जाएगी।
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चार टीमें सरगर्मी से कर रही तलाश
चर्चा यह भी है कि हाजी इकबाल विदेश भाग चुका है। मगर, पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। चार टीमें लगातार उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी हैं, जो हाजी इकबाल के ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
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सीबीआई अलग से मामलों की जांच कर रही है। सीबीआई कई बार सहारनपुर आ चुकी है। इसके अलावा ईडी में भी हाजी इकबाल के खिलाफ मामले चल रहे हैं। आठ माह पूर्व हाजी इकबाल की 50 करोड़ की बेनामी संपत्ति कुर्क की गई थी, जो नौकर नसीम के नाम थी। इसके अलावा बेहट, न्यू भगत सिंह कॉलोनी में स्थित तीन कोठियों की भी कुर्की हो चुकी है। देहरादून की संपत्ती जब्त की गई। इसके अलावा कई बेनामी संपत्तियों को अब भी चिंहित किया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन ने हाजी इकबाल और उससे जुड़े लोगों के कई नए खाते भी चिंहित किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इसके साथ ही हाजी इकबाल पर ईनाम बढ़ाने की भी तैयारी चल रही है। पुलिस उसे भगौड़ा घोषित कर चुकी है।
45 मामलों में यह हैं प्रमुख एफआईआर
-14 मार्च 2018 में फतेहपुर टांडा निवासी पाल्ला द्वारा उसकी 7.5 बीघा जमीन पर कब्जा करने के आरोप में हाजी मोहम्मद इकबाल व उसके पुत्र आलीशान, वाजिद, अफजाल, भाई एमएलसी महमूद अली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
- पांच अप्रैल 2018 में उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार क्षेत्र के रानीपुर निवासी राकेश अरोड़ा की 44 बीघा जमीन कब्जाने के आरोप में हाजी मोहम्मद इकबाल, उनके भाई एमएलसी महमूद अली, बेटे जावेद अली के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
- पांच अप्रैल 2017 में उत्तराखंड के सहसपुर निवासी मोहम्मद राशिद ने जान से मारने की धमकी देने एवं धोखाधड़ी के आरोप में हाजी मोहम्मद इकबाल, महमूद अली
और इकबाल के बेटों के खिलाफ एफआईआर कराई थी।
- दो नवंबर 2017 में तहसील बेहट के हल्का लेखपाल पंकज द्वारा हाजी मोहम्मद इकबाल, महमूद अली पर सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप में मामला दर्ज कराया गया था।
- 23 जुलाई 2018 में जमीन कब्जाने के आरोपों को आधार बनाकर पूर्व एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल, उनके दो पुत्रों जावेद और आलीशान के अलावा भाई महमूद अली के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
- सात जुलाई 2019 में ही बेहट तहसील के गांव शफीपुर निवासी सविता पत्नी मेघराज के द्वारा जमीन कब्जाने के आरोप में हाजी मोहम्मद इकबाल, बेटे वाजिद, जावेद, आलीशान के खिलाफ धोखाधड़ी से जमीन का बैनामा कराने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कराया था।
- 20 सितंबर 2019 ग्लोकल मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक एवं हाजी मोहम्मद इकबाल के बेटे मोहम्मद वाजिद के खिलाफ एमआईसी के मानकों को पूरा न करने, निर्धारित फीस से अधिक फीस वसूलने और दूसरे वर्ष की परीक्षा में एमबीबीएस छात्रों को वंचित रखने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
- एक महिला ने हाजी इकबाल और उसके पुत्रों पर बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। -दुराचार के मामले में ही महमूद अली के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।
- छह माह पूर्व मिर्जापुर के तत्कालीन एसएसआई सुनील कुमार ने दुष्कर्म के मामले में अदालत के आदेशों की अवेहलना करने पर हाजी इकबाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी तरह उपनिरीक्षक असगर अली ने भी गबन के मामले में न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने पर हाजी इकबाल के खिलाफ एफआईआर कराई थी।
- थाना मिर्जापुर में यमुनानगर निवासी ठेकेदार बलराज ने हाजी इकबाल और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ पैसा हड़पने और मारपीट के आरोप में मामला दर्ज कराया था।