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फिर आमने-सामने विवि और कॉलेज
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 26 Jul 2016 01:08 AM IST
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सहारनपुर का जैन कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में बीएड सत्र 2016-18 को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से जेवी जैन कॉलेज को दिए गए सख्त निर्देश के बाद विश्वविद्यालय और महाविद्यालय आमने-सामने आ चुके हैं।
अल्पसंख्यक संस्था के दर्जे को लेकर महाविद्यालय के अपने दावे हैं, जबकि विश्वविद्यालय का अपना तर्क है। साथ ही साथ कॉलेज में विभिन्न कक्षाओं में दाखिला पा चुके हजारों छात्र भी अब असमंजस की स्थिति में आ गए है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध जेवी जैन कॉलेज को अल्पसंख्यक का दर्जा होने से विश्वविद्यालय इंकार कर रहा है। अमर उजाला ने सोमवार को अल्पसंख्यक संस्था नहीं जैन कॉलेज शीर्षक से इस प्रकरण को प्रकाशित किया था।
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बता दें कि वर्ष 2013 में जिस समय कॉलेज को अल्पसंख्यक संस्था का दर्जा मिला था, उस दौरान प्राचार्य की तैनाती को लेकर कॉलेज और विश्वविद्यालय एक राय नहीं थे। एक बार फिर वहीं टकराव की स्थिति दोबारा बन चुकी है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से जारी पत्र में कॉलेज को बीएड सत्र 2016-18 में लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा काउंसिलिंग के माध्यम से आवंटित छात्रों को ही दाखिला दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई करने की चेतावनी कॉलेज को दी गई है। जबकि कॉलेज प्रशासन बीएड की सीटों पर पहले ही दाखिला कर चुका है। ऐसे में इन विद्यार्थियों का दाखिला रद करना कॉलेज के लिए आसान नहीं होगा।
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अल्पसंख्यक संस्था के दर्जे को लेकर महाविद्यालय के अपने दावे हैं, जबकि विश्वविद्यालय का अपना तर्क है। साथ ही साथ कॉलेज में विभिन्न कक्षाओं में दाखिला पा चुके हजारों छात्र भी अब असमंजस की स्थिति में आ गए है।
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध जेवी जैन कॉलेज को अल्पसंख्यक का दर्जा होने से विश्वविद्यालय इंकार कर रहा है। अमर उजाला ने सोमवार को अल्पसंख्यक संस्था नहीं जैन कॉलेज शीर्षक से इस प्रकरण को प्रकाशित किया था।
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बता दें कि वर्ष 2013 में जिस समय कॉलेज को अल्पसंख्यक संस्था का दर्जा मिला था, उस दौरान प्राचार्य की तैनाती को लेकर कॉलेज और विश्वविद्यालय एक राय नहीं थे। एक बार फिर वहीं टकराव की स्थिति दोबारा बन चुकी है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से जारी पत्र में कॉलेज को बीएड सत्र 2016-18 में लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा काउंसिलिंग के माध्यम से आवंटित छात्रों को ही दाखिला दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई करने की चेतावनी कॉलेज को दी गई है। जबकि कॉलेज प्रशासन बीएड की सीटों पर पहले ही दाखिला कर चुका है। ऐसे में इन विद्यार्थियों का दाखिला रद करना कॉलेज के लिए आसान नहीं होगा।