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स्मार्ट सिटी में अंडरग्राउंड होंगे कूड़ाघर
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बोर्ड का प्रस्ताव भेजा
सहारनपुर। कूड़ा फैलकर सड़कों तक ना आए, इसके लिए नगर निगम कूड़ाघर केे अंडरग्राउंड करने की तैयारी में है। पहले चरण में छह कूड़ाघर को अंडर ग्राउंड किया जाएगा। इसका प्रस्ताव भी नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से बोर्ड को भेजा गया है।
कचरे का निस्तारण नगर निगम की बड़ी समस्याओं में से एक है। कचरे का समय से उठान नहीं होने की वजह से कचरा कूड़ाघर के बाहर सड़कों तक फैला रहता है। पांवधोई नदी के किनारे बने चार कूड़ाघर की यही हालत है। सड़कों तक कूड़ा फैलने की वजह से राहगीरों को परेशानी होती है। ऐसा नहीं हो। इसके लिए नगर निगम ने कूड़ाघर को अंडरग्राउंड बनाने की सोची है। इसके लिए कूड़ाघर की जगह गड्ढे खोदे जाएंगे, जिनको पक्का किया जाएगा। निगम अधिकारियों का मानना है कि ऐसा करने से कचरा गड्ढे ही में रहेगा। सड़कों पर नहीं फैलेगा।
120 कूड़ाघर खत्म किए
नगर क्षेत्र में तीन वर्ष पहले तक करीब 160 कूड़ाघर थे। यानी जगह-जगह सड़कों पर कूड़ा फैला रहता था। नगर निगम इनमें से 120 कूड़ाघर को खत्म कर चुका है। वर्तमान में केवल 40 कूड़ाघर शहर में बचे हैं।
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12 एमआरएफ सेंटर बनाए
नगर निगम ने शहर में 12 एमआरएफ (मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनाए हैं। इनमें कॉलोनियों से कचरा लाकर उसे अलग-अलग किया जाता है। सूखे और गीले कचरे को अलग करने के साथ ही कांच, लोहा, प्लास्टिक जिसमें पॉलीथिन भी शामिल हो को अलग किया जाता है।
कूड़ाघर केे अंडरग्राउंड बनाने का निर्णय लिया गया है। ऐसा करने के पीछे मकसद यह है कि कचरा कूड़ा घर से बाहर सड़कों पर ना फैले। इसका प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया है। वहां से हरी झंडी मिलते ही कूड़ाघर को अंडरग्राउंड बनाने का काम शुरू होगा।
- डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम सहारनपुर।
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सहारनपुर। कूड़ा फैलकर सड़कों तक ना आए, इसके लिए नगर निगम कूड़ाघर केे अंडरग्राउंड करने की तैयारी में है। पहले चरण में छह कूड़ाघर को अंडर ग्राउंड किया जाएगा। इसका प्रस्ताव भी नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से बोर्ड को भेजा गया है।
कचरे का निस्तारण नगर निगम की बड़ी समस्याओं में से एक है। कचरे का समय से उठान नहीं होने की वजह से कचरा कूड़ाघर के बाहर सड़कों तक फैला रहता है। पांवधोई नदी के किनारे बने चार कूड़ाघर की यही हालत है। सड़कों तक कूड़ा फैलने की वजह से राहगीरों को परेशानी होती है। ऐसा नहीं हो। इसके लिए नगर निगम ने कूड़ाघर को अंडरग्राउंड बनाने की सोची है। इसके लिए कूड़ाघर की जगह गड्ढे खोदे जाएंगे, जिनको पक्का किया जाएगा। निगम अधिकारियों का मानना है कि ऐसा करने से कचरा गड्ढे ही में रहेगा। सड़कों पर नहीं फैलेगा।
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120 कूड़ाघर खत्म किए
नगर क्षेत्र में तीन वर्ष पहले तक करीब 160 कूड़ाघर थे। यानी जगह-जगह सड़कों पर कूड़ा फैला रहता था। नगर निगम इनमें से 120 कूड़ाघर को खत्म कर चुका है। वर्तमान में केवल 40 कूड़ाघर शहर में बचे हैं।
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12 एमआरएफ सेंटर बनाए
नगर निगम ने शहर में 12 एमआरएफ (मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनाए हैं। इनमें कॉलोनियों से कचरा लाकर उसे अलग-अलग किया जाता है। सूखे और गीले कचरे को अलग करने के साथ ही कांच, लोहा, प्लास्टिक जिसमें पॉलीथिन भी शामिल हो को अलग किया जाता है।
कूड़ाघर केे अंडरग्राउंड बनाने का निर्णय लिया गया है। ऐसा करने के पीछे मकसद यह है कि कचरा कूड़ा घर से बाहर सड़कों पर ना फैले। इसका प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया है। वहां से हरी झंडी मिलते ही कूड़ाघर को अंडरग्राउंड बनाने का काम शुरू होगा।
- डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम सहारनपुर।