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श्रीराम की आरती करने वाली मुस्लिम महिलाओं से नाराज उलमा बोले ...
Sun, 14 Apr 2019 11:29 PM IST
Prag Gupta
ब्यूरो, सहारनपुर
ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: Prag Gupta
Updated Sun, 14 Apr 2019 11:29 PM IST
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कारी इस्हाक गोरा।
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में रामनवमी पर मुस्लिम महिलाओं द्वारा दीपक के साथ श्रीराम की आरती करने पर उलमा ने महिलाओं को इस्लाम से खारिज होना करार दिया है। उलमा का कहना है कि कोई भी पुरुष या महिला जिस मजहब की चीजों को इख्तियार करेगा वो खुद-ब-खुद उसी धर्म में परिवर्तित हो जाएगा।
ऑल इंडिया जमीयत दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि वाराणसी में कुछ बुर्कानशी महिलाओं ने श्रीराम की पूजा अर्चना कर, उनकी आरती उतारी। अगर वो महिलाएं मुस्लिम हैं तो उन्होंने गैर इस्लामिक कार्य को अपनाया है। कहा कि शरीयत में साफ कहा गया है कि कोई भी शख्स पुरुष या महिला जिस मजहब की चीजों को इख्तियार करेगा वो खुद-ब-खुद उसी धर्म में कंवर्ट (परिवर्तित) हो जाएगा।
कारी इस्हाक ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं ने अगर गैर इस्लामिक चीजों को अपनाया है तो वह इस्लाम से खारिज हो जाती हैं। साथ ही कहा कि वैसे यह देश लोकतांत्रिक है, जो जैसे चाहे वह रह सकता है। लेकिन अगर उन्होंने दोबारा इस्लाम में दाखिल होना है तो वह अल्लाह से तौबा करके दोबारा कलमा पढ़कर इस्लाम में दाखिल हो सकती हैं।
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ऑल इंडिया जमीयत राजपूत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी मुस्तफा का कहना है कि मुस्लिम महिलाओं का श्रीराम की आरती करना एक प्रोपगेंडा है और मुसलमानों को बदनाम करने की साजिश है। मजहब-ए-इस्लाम को मानने वाले कभी ऐसा काम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत फर्जी महिलाओं को लाकर किराये के बुर्के पहनाकर साजिश रचने वालों ने यह काम कराया है। कारी मुस्तफा ने कहा कि कोई भी मुसलमान यदि इस तरह का कोई काम करता है तो वह इस्लाम से खारिज हो जाता है।
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ऑल इंडिया जमीयत दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि वाराणसी में कुछ बुर्कानशी महिलाओं ने श्रीराम की पूजा अर्चना कर, उनकी आरती उतारी। अगर वो महिलाएं मुस्लिम हैं तो उन्होंने गैर इस्लामिक कार्य को अपनाया है। कहा कि शरीयत में साफ कहा गया है कि कोई भी शख्स पुरुष या महिला जिस मजहब की चीजों को इख्तियार करेगा वो खुद-ब-खुद उसी धर्म में कंवर्ट (परिवर्तित) हो जाएगा।
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कारी इस्हाक ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं ने अगर गैर इस्लामिक चीजों को अपनाया है तो वह इस्लाम से खारिज हो जाती हैं। साथ ही कहा कि वैसे यह देश लोकतांत्रिक है, जो जैसे चाहे वह रह सकता है। लेकिन अगर उन्होंने दोबारा इस्लाम में दाखिल होना है तो वह अल्लाह से तौबा करके दोबारा कलमा पढ़कर इस्लाम में दाखिल हो सकती हैं।
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ऑल इंडिया जमीयत राजपूत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी मुस्तफा का कहना है कि मुस्लिम महिलाओं का श्रीराम की आरती करना एक प्रोपगेंडा है और मुसलमानों को बदनाम करने की साजिश है। मजहब-ए-इस्लाम को मानने वाले कभी ऐसा काम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत फर्जी महिलाओं को लाकर किराये के बुर्के पहनाकर साजिश रचने वालों ने यह काम कराया है। कारी मुस्तफा ने कहा कि कोई भी मुसलमान यदि इस तरह का कोई काम करता है तो वह इस्लाम से खारिज हो जाता है।