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Saharanpur News: आंधी से टूटे पेड़, विद्युत लाइनें धराशाई, 300 गांवों की बत्ती रही गुल
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सहारनपुर। जिले में बृहस्पतिवार रात आई आंधी-बारिश ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। आंधी में होर्डिंग्स, टिनशेड, सोलर पैनल तक उड़ गए। खेतों में खड़े पेड़ टूटकर बिजली की लाइनों पर जा गिरे। बड़ी संख्या में बिजली के खंभे टूट कर लाइनों सहित जमीन पर आ गिरे। इसके चलते रात से शुक्रवार शाम तक करीब 300 से अधिक गांवों की बिजली गुल रही। कई सड़क मार्ग भी बाधित रहे।
नानौता में आंधी-तूफान के कारण कुआंखेड़ा, सोनाअर्जुनपुर, टिकरौल, लंढौरा, आभा, नैनपुर, छछरौली और खुडाना की बिजली आपूर्ति दोपहर बाद तक ठप रही। नगर में करीब 16 घंटे बाद दोपहर एक बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो गई थी। बड़गांव विद्युत उपकेंद्र से जुड़े दर्जन भर गांवों की आपूर्ति रात चली गई थी। दोपहर एक बजे ही आपूर्ति बहाल हो सकी। रामपुर मनिहारान क्षेत्र में दर्जन भर विद्युत खंभे टूटकर धराशाई हो गए। रास्तों पर पेड़ और बिजली लाइनें गिरने से वह बाधित हो गए। रामपुर मनिहारान बिजलीघर से जुड़े 33 गांवों की बिजली रात से गायब है। हालांकि नगर की आपूर्ति को एक बजे बहाल कर दिया गया था। मुंडीखेड़ी में किसान के खेत पर लगा सोलर पैनल टूटकर उड़ गया। तहसील मुख्यालय पर वकीलों के चैंबर की छतों पर लगी सीमेंट की चादरें उड़ गई।
नकुड़ में पेड़ टूटकर हाईटेंशन लाइन पर गिरने के बाद रात 11 बजे नगर की बिजली ठप हो गई थी। शुक्रवार सुबह इसे बहाल किया जा सका। वहीं सिरसका, साढोली, जुड्डी, टाबर, नठौड़ी और अध्याना फीडर से जुड़े करीब 25 से 30 गांवों की बिजली आपूर्ति रात से ही ठप पड़ी है। चिलकाना विद्युत उपग्रह केंद्र, पठेड़ तथा गाठेड़ा से संबंधित करीब 20 गांव में आंधी तूफान के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। गांव चौरी मंडी में विद्युत लाइन पर पेड़ गिरने से पांच गांवों की बिजली गुल है। गंगोह के नकुड़ सड़क स्थित मेघन माजरा के पास कई पेड़ और विद्युत खंभा सड़क पर गिरने से यातायात बाधित हो गया, जबकि नगर सहित करीब 80 गांवों की बिजली आपूर्ति 12 घंटे से अधिक समय तक ठप रही। जेसीबी मशीन की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ों और खंभों को हटाकर यातायात सुचारु कराया गया।
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छुटमलपुर क्षेत्र में भी नगर सहित आसपास के 40 गांवों की बिजली रात से गुल पड़ी है। शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। बेहट में रात से देहात विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 43 गांवों की आपूर्ति बंद है। शाकंभरी देवी सड़क पर 11 केवीए की लाइन के तीन चार पोल टूटने व जगह-जगह पेड़ और टहनियां लाइनों पर टूटकर गिरने से आपूर्ति शुक्रवार दोपहर बाद तक बहाल नहीं हो सकी थी। अंबेहटा में कस्बे के अलावा ढायकी, नल्हेड़ा, जैनपुर, भैरमऊ, दैदपुरा, रनियाला दयालपुर, कपूरी, घाटमपुर, नवाजपुर, हबीबपुर, बाईखेड़ी, टिडौली सहित अन्य गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। दोपहर बाद तक भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।
पुवांरका के जनता सड़क गांव सरकडी शेख और पुवांरका में लाइनों पर पेड़ गिरने से रात भर आपूर्ति बाधित रही। तीतरों और महंगी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 26 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद रही। गागलहेड़ी के हिंडन नदी पुल के समीप विद्युत लाइन पर सड़क किनारे खड़े पेड़ टूटकर गिर गए। इससे चार खंभे टूट कर लाइन सहित धराशाई हो गए। गागलहेड़ी और क्षेत्रीय गांवों की आपूर्ति दोपहर बाद तक बंद पड़ी थी।
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एसडीएम ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में सुनी फरियाद
नकुड़ में एसडीएम कार्यालय का इन्वर्टर डाउन हो जाने के कारण एसडीएम सुरेंद्र कुमार को फरियादियों की शिकायतें मोबाइल टॉर्च की रोशनी में सुननी पड़ीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सुरेंद्र कुमार ने एसडीओ पीयूष कुमार से फोन पर वार्ता कर विद्युत व्यवस्था में सुधार करने और फॉल्ट का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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नानौता में आंधी-तूफान के कारण कुआंखेड़ा, सोनाअर्जुनपुर, टिकरौल, लंढौरा, आभा, नैनपुर, छछरौली और खुडाना की बिजली आपूर्ति दोपहर बाद तक ठप रही। नगर में करीब 16 घंटे बाद दोपहर एक बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो गई थी। बड़गांव विद्युत उपकेंद्र से जुड़े दर्जन भर गांवों की आपूर्ति रात चली गई थी। दोपहर एक बजे ही आपूर्ति बहाल हो सकी। रामपुर मनिहारान क्षेत्र में दर्जन भर विद्युत खंभे टूटकर धराशाई हो गए। रास्तों पर पेड़ और बिजली लाइनें गिरने से वह बाधित हो गए। रामपुर मनिहारान बिजलीघर से जुड़े 33 गांवों की बिजली रात से गायब है। हालांकि नगर की आपूर्ति को एक बजे बहाल कर दिया गया था। मुंडीखेड़ी में किसान के खेत पर लगा सोलर पैनल टूटकर उड़ गया। तहसील मुख्यालय पर वकीलों के चैंबर की छतों पर लगी सीमेंट की चादरें उड़ गई।
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नकुड़ में पेड़ टूटकर हाईटेंशन लाइन पर गिरने के बाद रात 11 बजे नगर की बिजली ठप हो गई थी। शुक्रवार सुबह इसे बहाल किया जा सका। वहीं सिरसका, साढोली, जुड्डी, टाबर, नठौड़ी और अध्याना फीडर से जुड़े करीब 25 से 30 गांवों की बिजली आपूर्ति रात से ही ठप पड़ी है। चिलकाना विद्युत उपग्रह केंद्र, पठेड़ तथा गाठेड़ा से संबंधित करीब 20 गांव में आंधी तूफान के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। गांव चौरी मंडी में विद्युत लाइन पर पेड़ गिरने से पांच गांवों की बिजली गुल है। गंगोह के नकुड़ सड़क स्थित मेघन माजरा के पास कई पेड़ और विद्युत खंभा सड़क पर गिरने से यातायात बाधित हो गया, जबकि नगर सहित करीब 80 गांवों की बिजली आपूर्ति 12 घंटे से अधिक समय तक ठप रही। जेसीबी मशीन की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ों और खंभों को हटाकर यातायात सुचारु कराया गया।
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छुटमलपुर क्षेत्र में भी नगर सहित आसपास के 40 गांवों की बिजली रात से गुल पड़ी है। शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। बेहट में रात से देहात विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 43 गांवों की आपूर्ति बंद है। शाकंभरी देवी सड़क पर 11 केवीए की लाइन के तीन चार पोल टूटने व जगह-जगह पेड़ और टहनियां लाइनों पर टूटकर गिरने से आपूर्ति शुक्रवार दोपहर बाद तक बहाल नहीं हो सकी थी। अंबेहटा में कस्बे के अलावा ढायकी, नल्हेड़ा, जैनपुर, भैरमऊ, दैदपुरा, रनियाला दयालपुर, कपूरी, घाटमपुर, नवाजपुर, हबीबपुर, बाईखेड़ी, टिडौली सहित अन्य गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। दोपहर बाद तक भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।
पुवांरका के जनता सड़क गांव सरकडी शेख और पुवांरका में लाइनों पर पेड़ गिरने से रात भर आपूर्ति बाधित रही। तीतरों और महंगी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 26 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद रही। गागलहेड़ी के हिंडन नदी पुल के समीप विद्युत लाइन पर सड़क किनारे खड़े पेड़ टूटकर गिर गए। इससे चार खंभे टूट कर लाइन सहित धराशाई हो गए। गागलहेड़ी और क्षेत्रीय गांवों की आपूर्ति दोपहर बाद तक बंद पड़ी थी।
एसडीएम ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में सुनी फरियाद
नकुड़ में एसडीएम कार्यालय का इन्वर्टर डाउन हो जाने के कारण एसडीएम सुरेंद्र कुमार को फरियादियों की शिकायतें मोबाइल टॉर्च की रोशनी में सुननी पड़ीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सुरेंद्र कुमार ने एसडीओ पीयूष कुमार से फोन पर वार्ता कर विद्युत व्यवस्था में सुधार करने और फॉल्ट का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।