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लॉकडाउन में टैक्स में राहत नहीं पा सके ट्रांसपोर्टर

Thu, 09 Jul 2020 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2020 11:42 PM IST
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Transporters could not get tax relief in lockdown
धर्मेन्द्र भूटानी - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। लॉकडाउन के दौरान सरकारी कार्यालय बंद रहे। इसके चलते बिजली बिल, कई तरह के टैक्स, ड्राइविंग लाइसेंस और शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया रुकी रही। अब अनलॉक पीरियड में ये काम शुरू हुए तो व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों से लेकर आम लोगों तक को जुर्माना अदा करना पड़ रहा है।
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शासन से ट्रांसपोर्टरों को सितंबर तक टैक्स जमा करने में रियायत की व्यवस्था की गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर कंप्यूटर और तकनीकी दिक्कतों के कारण वे इसका लाभ तक नहीं ले पाए हैं। वहीं, लॉकडाउन में मिले औसत बिजली बिल सामान्य दिनों से भी अधिक रहे। अलग-अलग कार्यालयों में इसी तरह की अन्य कई दिक्कतें सामने आईं।
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बिजली कम खर्च हुई, औसत बिल ज्यादा आया
- लॉकडाउन के दौरान सबसे बुरा हाल तो बिजली उपभोक्ताओं का रहा। करीब ढाई माह तक बिजली तो कम खर्च हुई मगर बिल उम्मीद से कहीं अधिक आए। पिछले दिनों सबसे अधिक शिकायतें दुकानदारों और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं की रहीं। शहर के दुकानदार गिरीश, धर्मेंद्र और संजय कुमार बडोला बताते हैं कि लॉकडाउन में मीटर रीडिंग तो हुई नहीं। औसत आधार पर बिजली के बिल भेजे गए। मगर वे हैरत में तब रह गए जब सामान्य दिनों में आने वाले बिलों से भी ज्यादा बकाया राशि नजर आई। उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में ही उनका बिजली का बिल 1800 से 2000 रुपये तक का था, जबकि औसत आधार पर भेजा गया बिल 2500 से 4000 रुपये तक भी पहुंच गया। कुछ व्यापारियों ने निगम के अफसरों से मिलने और काफी चक्कर काटने के बाद इसमें सुधार कराया। हालांकि उद्यमियों को बड़ी राहत मिली। सीएम के आदेश पर उन्हें फिक्स चार्ज में छूट का विकल्प मिल गया। इस मामले में नगरीय अधीक्षण अभियंता पंकज श्रीवास्तव कहते हैं कि जिन उपभोक्ताओं के साथ दिक्कतें थीं, वे दूर करवाई गई हैं।
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पहले 300 का स्लॉट था, अब 60 का ही रह गया
- लॉकडाउन के दौरान संभागीय परिवहन विभाग के कार्यालय में लर्निंग लाइसेंस, परमानेंट लाइसेंस सहित अन्य प्रक्रियाएं भी अटकीं रहीं। अब एक जुलाई से ही यह काम शुरू हुआ, लेकिन लॉकडाउन से पहले जहां एक दिन में 300 आवेदकों तक का स्लॉट रहता था, वहीं अब अनलॉक होने के बावजूद 60 ही स्लॉट हो पा रहे हैं। इसके पीछे कोरोना संक्रमण से बचाव का मकसद बताया जा रहा है।
3000 से अधिक वाहनों का टैक्स अटका
-- संभागीय परिवहन विभाग को रोड टैक्स, परमिट से लेकर अन्य करों के माध्यम से ही अधिक राजस्व मिलता है। लॉकडाउन के दौरान कार्यालय ही बंद रहे। सहारनपुर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रित चावला और ट्रांसपोर्टर रोबिन मोंगा ने कहा कि शासन से सितंबर माह तक जुर्माने से राहत दी गई है। मगर विभाग में सॉफ्टवेयर में बिना जुर्माने के टैक्स पेमेंट की फीडिंग में दिक्कतें आ रहीं हैं। यदि जुर्माने से राहत मिलती है तो ट्रांसपोर्टर टैक्स देने को तैयार हैं। इस समय करीब 3000 से अधिक वाहनों का टैक्स अटका हुआ है। इस बारे में ट्रांसपोर्टरों ने एआरटीओ प्रशासन अजीत श्रीवास्तव को ज्ञापन भी दिया है। वहीं, एआरटीओ का कहना है कि इन दिक्कतों को दूर करने के लिए मुख्यालय से संपर्क किया जा रहा है।

पेनल्टी देेकर ही कराना पड़ रहा नवीनीकरण
- कलक्ट्रेट में शस्त्रों के लाइसेंस के नवीनीकरण तो हो रहे हैं। मगर लॉकडाउन के कारण जिनके लाइसेंस नवीनीकरण में देरी हुई है। उन्हें 2000 रुपये का जुर्माना देना पड़ रहा है। जिले में करीब 17300 शस्त्र लाइसेंस हैं। इनका हर पांच साल में नवीनीकरण होता है। सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी का कहना है कि जुर्माने में राहत की व्यवस्था शासन स्तर से ही नहीं है। यदि ऐसी व्यवस्था होगी तो उसके अनुरूप ही आगे की प्रक्रिया होगी।

गिरिश

गिरिश- फोटो : SAHARANPUR

संजय कुमार

संजय कुमार- फोटो : SAHARANPUR

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