{"_id":"61d884a9abcc8f405c5983b3","slug":"traders-protest-demand-to-abolish-mandi-fee-saharanpur-news-mrt572574863","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यापारियों ने किया धरना प्रदर्शन, मंडी शुल्क समाप्त करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यापारियों ने किया धरना प्रदर्शन, मंडी शुल्क समाप्त करने की मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
व्यापारियों ने किया प्रदर्शन, मंडी शुल्क समाप्त करने की मांग
सहारनपुर। मंडी शुल्क समाप्त करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई से जुडे़ व्यापारियों ने मंडी समिति कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन मंडी सचिव अशोक गुप्ता को सौंपा।
शुक्रवार को चिलकाना रोड स्थित मंडी समिति कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि कई उद्यमियों ने अपना उद्योग उस समय स्थापित किया था जब मंडी शुल्क नहीं था। ऐसे कारोबारी अब अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। मंडी अधिनियम में साफ लिखा है कि जो जिस प्रदेश का उत्पाद होगा, उस पर वहीं मंडी शुल्क लगेगा। लेकिन प्रदेश के बाहर से आने वाली जिंसों पर भी मंडी शुल्क लग रहा है। ऐसी वस्तुओं में मेवा, सुपारी, काली मिर्च, मसाले आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों को अनावश्यक लिखा पढ़ी, सचल दल का भय सरीखे उत्पीड़न का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से चुनाव आचार संहिता लागू होने से पूर्व मंडी शुल्क को समाप्त करने की मांग की। इस दौरान जिलाध्यक्ष शीतल टंडन, रमेश अरोड़ा, राजीव अग्रवाल, रमेश डावर, विवेक मनोचा, सुरेंद्र मोहन सिंह चावला, पवन कुमार गोयल, संदीप सिंघल, मानसिंह सैनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सहारनपुर। मंडी शुल्क समाप्त करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई से जुडे़ व्यापारियों ने मंडी समिति कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन मंडी सचिव अशोक गुप्ता को सौंपा।
शुक्रवार को चिलकाना रोड स्थित मंडी समिति कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि कई उद्यमियों ने अपना उद्योग उस समय स्थापित किया था जब मंडी शुल्क नहीं था। ऐसे कारोबारी अब अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। मंडी अधिनियम में साफ लिखा है कि जो जिस प्रदेश का उत्पाद होगा, उस पर वहीं मंडी शुल्क लगेगा। लेकिन प्रदेश के बाहर से आने वाली जिंसों पर भी मंडी शुल्क लग रहा है। ऐसी वस्तुओं में मेवा, सुपारी, काली मिर्च, मसाले आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों को अनावश्यक लिखा पढ़ी, सचल दल का भय सरीखे उत्पीड़न का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से चुनाव आचार संहिता लागू होने से पूर्व मंडी शुल्क को समाप्त करने की मांग की। इस दौरान जिलाध्यक्ष शीतल टंडन, रमेश अरोड़ा, राजीव अग्रवाल, रमेश डावर, विवेक मनोचा, सुरेंद्र मोहन सिंह चावला, पवन कुमार गोयल, संदीप सिंघल, मानसिंह सैनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन