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Saharanpur News: ईंट-भट्ठा संचालकों का हर माह सर्वे पर विरोध, गलत पर करें कार्रवाई
Sat, 15 Nov 2025 12:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 15 Nov 2025 12:59 AM IST
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सहारनपुर। शासन ने ईंट-भट्ठों पर महीने भर में कितनी ईंट पकाई गई और कितनी बेची गई। इसका सर्वे जीएसटी विभाग करेगा। इस निर्णय के खिलाफ ईंट-भट्ठा संचालकों ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि जहां भी नियम विरुद्ध कार्य हो रहा है। वहीं कार्रवाई की जाए।
ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष बख्तावर सिंह के मुताबिक जिले में करीब 300 भट्ठा संचालित है। इनसे हर वर्ष सरकार को करोड़ों रुपये का टैक्स दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 में ईंट-भट्ठों से सरकार को करीब दस करोड़ रुपये का टैक्स राजस्व के रूप में प्राप्त हुआ। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष में सरकार को जीएसटी के रूप में करीब 16 करोड़ रुपये का राजस्व टैक्स के रूप में मिला। अब सरकार का भट्ठों पर हर महीने सर्वे का आदेश, बेइमाना है।
ईंट-भट्ठा सीजन मे प्रत्येक ईंट भट्ठे की फुंकाई शुरू होने से पहले तैयार ईंट, कोयले के स्टॉक का विवरण और हर महीने के स्टॉक का विवरण, चिमनी की फुंकाई की स्थिति को नियमित रूप से तैयार करना होगा। बता दें कि जीएसटी काउंसिल ने 2017 में ईंट निर्माताओ पर लागू कंपोजीशन स्कीम को मार्च 2022 में समाप्त करके एक के स्थान पर छह फीसदी और आईटीसी लेने पर पांच फीसदी के स्थान पर 12 फीसदी जीएसटी लगा दी थी। तभी से ईंट-भट्ठा संचालक जीएसटी को कम करने की मांग करते आ रहे हैं। कोयले पर जीएसटी की दर पांच से बढ़कर 18 फीसदी कर दी है। इस पर भी संचालक एतराज जता रहे हैं। इस संबंध में ईंट-भट्ठा संचालकों ने जीएसटी कमिश्नर से भी मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद हर माह सर्वे का कोई प्रावधान नहीं है। प्रदेश के अलावा किसी अन्य राज्य में भी इस तरह सर्वे करने का आदेश नहीं दिया गया है।
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ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष बख्तावर सिंह के मुताबिक जिले में करीब 300 भट्ठा संचालित है। इनसे हर वर्ष सरकार को करोड़ों रुपये का टैक्स दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 में ईंट-भट्ठों से सरकार को करीब दस करोड़ रुपये का टैक्स राजस्व के रूप में प्राप्त हुआ। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष में सरकार को जीएसटी के रूप में करीब 16 करोड़ रुपये का राजस्व टैक्स के रूप में मिला। अब सरकार का भट्ठों पर हर महीने सर्वे का आदेश, बेइमाना है।
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ईंट-भट्ठा सीजन मे प्रत्येक ईंट भट्ठे की फुंकाई शुरू होने से पहले तैयार ईंट, कोयले के स्टॉक का विवरण और हर महीने के स्टॉक का विवरण, चिमनी की फुंकाई की स्थिति को नियमित रूप से तैयार करना होगा। बता दें कि जीएसटी काउंसिल ने 2017 में ईंट निर्माताओ पर लागू कंपोजीशन स्कीम को मार्च 2022 में समाप्त करके एक के स्थान पर छह फीसदी और आईटीसी लेने पर पांच फीसदी के स्थान पर 12 फीसदी जीएसटी लगा दी थी। तभी से ईंट-भट्ठा संचालक जीएसटी को कम करने की मांग करते आ रहे हैं। कोयले पर जीएसटी की दर पांच से बढ़कर 18 फीसदी कर दी है। इस पर भी संचालक एतराज जता रहे हैं। इस संबंध में ईंट-भट्ठा संचालकों ने जीएसटी कमिश्नर से भी मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद हर माह सर्वे का कोई प्रावधान नहीं है। प्रदेश के अलावा किसी अन्य राज्य में भी इस तरह सर्वे करने का आदेश नहीं दिया गया है।
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