{"_id":"6ad7bc567b6e9b548a0e6aa9","slug":"todays-events-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-186328-2026-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: न नियमित औषधि निरीक्षक, न मेडिकल स्टोरों की जांच, कारोबार की निगरानी ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: न नियमित औषधि निरीक्षक, न मेडिकल स्टोरों की जांच, कारोबार की निगरानी ठप
Wed, 21 Oct 2026 12:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 21 Oct 2026 12:39 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। जिले में नियमित औषधि निरीक्षक की तैनाती नहीं होने से दवाओं के कारोबार की निगरानी ठप हो गई। मेडिकल स्टोरों की जांच से लेकर नए ड्रग लाइसेंस जारी करने और थोक दवा विक्रेताओं के लाइसेंस की जांच तक का काम प्रभावित रहा है। निजी अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोरों की जांच भी नियमित नहीं हो पा रही है। ऐसे में दवाओं का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
पिछले दिनों शासन स्तर से जिले के नियमित औषधि निरीक्षक पर आगरा के एक प्रकरण में कार्रवाई हुई थी। इसके बाद से जिले में नियमित औषधि निरीक्षक की तैनाती नहीं हुई है। संभल में तैनात औषधि निरीक्षक को सहारनपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अतिरिक्त जिम्मेदारी के चलते वह सप्ताह में तीन दिन ही आ पाते हैं। इतने कम समय में जिले भर के मेडिकल स्टोरों की जांच, लाइसेंस संबंधी प्रक्रिया और शिकायतों के निस्तारण जैसे काम करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसका असर विभागीय कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है। नए मेडिकल स्टोर खोलने के लिए ड्रग लाइसेंस की प्रक्रिया में विभागीय जांच और जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो रही है।
-- -- --
-- निजी अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों की जांच पर असर
दवा कारोबार की निगरानी में मेडिकल स्टोरों के साथ निजी अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोर भी शामिल हैं। औषधि निरीक्षक की नियमित तैनाती नहीं होने से दवाओं की बिक्री, लाइसेंस संबंधी नियमों के पालन और अनियमितताओं की जांच नहीं हो रही है। जिले में स्थायी तैनाती होने पर ही मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच, लंबित प्रक्रियाओं के निस्तारण और दवा कारोबार पर प्रभावी निगरानी की व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।
विज्ञापन
-- -- -- -- -
औषधि निरीक्षक की नियमित तैनाती नहीं होने के संबंध में मुख्यालय को अवगत करा दिया है। संभल जिले के औषधि निरीक्षक को अतिरिक्त प्रभार दिया है। वह सप्ताह में तीन दिन आते हैं।
नरेश मोहन दीपक, सहायक आयुक्त, औषधि प्रशासन विभाग
विज्ञापन
पिछले दिनों शासन स्तर से जिले के नियमित औषधि निरीक्षक पर आगरा के एक प्रकरण में कार्रवाई हुई थी। इसके बाद से जिले में नियमित औषधि निरीक्षक की तैनाती नहीं हुई है। संभल में तैनात औषधि निरीक्षक को सहारनपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अतिरिक्त जिम्मेदारी के चलते वह सप्ताह में तीन दिन ही आ पाते हैं। इतने कम समय में जिले भर के मेडिकल स्टोरों की जांच, लाइसेंस संबंधी प्रक्रिया और शिकायतों के निस्तारण जैसे काम करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसका असर विभागीय कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है। नए मेडिकल स्टोर खोलने के लिए ड्रग लाइसेंस की प्रक्रिया में विभागीय जांच और जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो रही है।
विज्ञापन
दवा कारोबार की निगरानी में मेडिकल स्टोरों के साथ निजी अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोर भी शामिल हैं। औषधि निरीक्षक की नियमित तैनाती नहीं होने से दवाओं की बिक्री, लाइसेंस संबंधी नियमों के पालन और अनियमितताओं की जांच नहीं हो रही है। जिले में स्थायी तैनाती होने पर ही मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच, लंबित प्रक्रियाओं के निस्तारण और दवा कारोबार पर प्रभावी निगरानी की व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।
विज्ञापन
औषधि निरीक्षक की नियमित तैनाती नहीं होने के संबंध में मुख्यालय को अवगत करा दिया है। संभल जिले के औषधि निरीक्षक को अतिरिक्त प्रभार दिया है। वह सप्ताह में तीन दिन आते हैं।
नरेश मोहन दीपक, सहायक आयुक्त, औषधि प्रशासन विभाग