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Saharanpur News: तंबाकू के सेवन से जिंदगी के कम हो जाते हैं 20 साल
Sat, 31 May 2025 12:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 31 May 2025 12:44 AM IST
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सहारनपुर। तंबाकू उत्पाद जैसे गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, खैनी, पान मसाला आदि का सेवन करने से जिंदगी के 20 साल कम होते हैं। एक सिगरेट के सेवन से जिंदगी के 20 मिनट कम होते हैं। तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ में प्रतिदिन 30 से अधिक लोग पहुंच रहे हैं। अच्छी बात यह है कि एक साल में 565 लोगों ने काउंसलिंग के बाद तंबाकू खाना छोड़ दिया।
शनिवार यानी आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि विश्व में एक अरब 30 करोड़ से अधिक लोग तंबाकू का सेवन बीड़ी, सिगरेट, पान मसाला और गुटखा आदि के रूप में करते हैं। अकेले भारत में तंबाकू से बने उत्पादों का सेवन करने वालों की संख्या 25.3 करोड़ से अधिक है। भारत में प्रत्येक वर्ष दस लाख लोग तंबाकू की वजह से दम तोड़ते हैं।
धूम्रपान करने वालों में से एक चौथाई लोगों की मौत का कारण तंबाकू बनता है। इसमें मुख्य रूप से हानिकारक तत्व निकोटीन होता है, जिसकी वजह से शरीर में न्यूरोट्रांसमीटर जैसे डोपामीन, ग्लूटामेट, सीरोटोनीन आदि का रिसाव बढ़ जाता है, जिसकी वजह से सेहत प्रभावित होती है।
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टीबी सैनिटोरियम में प्रथम तल पर कमरा नंबर 14 में तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ है। यहां साइकोलॉजिस्ट बुशरा अंसारी तैनात हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास प्रतिदिन 30 से 40 लोग ऐसे आते हैं, जिनमें तंबाकू उत्पाद के सेवन से शरीर में कई परेशानी है। प्रकोष्ठ में काउंसिलिंग के साथ ही जरूरी दवाएं भी दी जाती हैं।
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शनिवार यानी आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि विश्व में एक अरब 30 करोड़ से अधिक लोग तंबाकू का सेवन बीड़ी, सिगरेट, पान मसाला और गुटखा आदि के रूप में करते हैं। अकेले भारत में तंबाकू से बने उत्पादों का सेवन करने वालों की संख्या 25.3 करोड़ से अधिक है। भारत में प्रत्येक वर्ष दस लाख लोग तंबाकू की वजह से दम तोड़ते हैं।
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धूम्रपान करने वालों में से एक चौथाई लोगों की मौत का कारण तंबाकू बनता है। इसमें मुख्य रूप से हानिकारक तत्व निकोटीन होता है, जिसकी वजह से शरीर में न्यूरोट्रांसमीटर जैसे डोपामीन, ग्लूटामेट, सीरोटोनीन आदि का रिसाव बढ़ जाता है, जिसकी वजह से सेहत प्रभावित होती है।
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टीबी सैनिटोरियम में प्रथम तल पर कमरा नंबर 14 में तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ है। यहां साइकोलॉजिस्ट बुशरा अंसारी तैनात हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास प्रतिदिन 30 से 40 लोग ऐसे आते हैं, जिनमें तंबाकू उत्पाद के सेवन से शरीर में कई परेशानी है। प्रकोष्ठ में काउंसिलिंग के साथ ही जरूरी दवाएं भी दी जाती हैं।