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Saharanpur News: असहमति के फेर में अटकीं जिले की तीन बड़ी परियोजनाएं
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- डंघेड़ा में जेल, औद्योगिक गलियारे पर किसानों ने जताई असहमति
- रामपुर मनिहारान में बनने वाले औद्योगिक पार्क पर भी लगा ब्रेक
- जमीन अधिग्रहण की शुरू होनी थी कार्रवाई, किसानों ने किया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिले में तीन बड़ी परियोजनाएं असहमति के फेर में अटक गई हैं। इसमें रामपुर मनिहारान में औद्योगिक पार्क, यूपीडा का औद्योगिक गलियारा और देवबंद के गांव डंघेड़ा में बनने वाली जेल शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं में अधिग्रहित होने वाली जमीनों पर किसानों ने आपत्ति जताई है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे किनारे बनना था औद्योगिक गलियारा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के किनारे करीब एक हजार हेक्टेयर में बनने वाले औद्योगिक गलियारे के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाना था। इसे लेकर किसानों की जमीन अधिग्रहित होनी थी। सर्किल रेट और मुआवजा इसमें बाधा बन गया। यह औद्योगिक गलियारा यूपीडा की ओर से निर्मित किया जाना था। गलियारे के लिए सदर और नकुड़ के 13 गांवों की जमीन को चिह्नित किया गया था। इसमें सरकारी के साथ निजी भूमि भी शामिल थी। सदर तहसील के 11 में आठ गांवों के किसानों ने आपत्ति जता दी। इसके बाद गलियारे का निर्माण अटक गया है।
रामपुर मनिहारान के 17 गांवों में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क
पीएम गतिशक्ति योजना के तहत रामपुर मनिहारान में 17 गांवों की जमीन चिह्नित की गई थी। इन गांवों में हलगोवा, अंबेहटाचांद, चकवाली, सिरसली कलां, सिरसली खुर्द, मियानगी, मिर्जापुर, उमरी खुर्द, उमरी कलां, बामाखेड़ी, पहांसू, मोहम्मदपुर गाड़ा, नैनपुर नगला, घाटहेड़ा, मुंडीखेड़ी, अहमदपुर, बागाखेड़ी, घाटहेड़ा, पहांसू, अहमदपुर आदि गांव शामिल हैं। इन गांवों से सटी जमीन पर प्लग एंड प्ले इंडस्ट्रियल स्कीम के तहत अधिग्रहण किया जाना है। परियोजना की सूचना मिलते ही कई गांवों के किसानों ने जमीन नहीं देने का फैसला किया। साथ ही गांव पहांसू में ग्रामीणों में पंचायत भी की। इसमें जमीन न देने का निर्णय लिया गया।
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देवबंद के गांव डंघेडा में बननी है नई जेल
वर्तमान में महानगर स्थित रोहिल्ला के किले में जेल संचालित की जा रही है। पुरातत्व विभाग किले को खाली करने के लिए पत्र भी लिख चुका है। इसके बाद नई जेल के निर्माण के लिए जमीन देवबंद के गांव डंघेडा में चिह्नित की गई। जमीन चिह्नित किए जाने के बाद किसानों ने आपत्ति जताई। पिछले दिनों इस संबंध में प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी को भी दिया गया। इसमें ग्रामीणों ने जमीन को निर्माण के लिए देने पर असहमति जताई। उन्होंने अंदेशा जताया कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण झूठे व फर्जी कागजात के आधार पर किया जा सकता है।
वर्जन
वर्तमान में जिले के चार गांवों उमाही, कराली, बडूली और नौजली में जमीन अधिग्रहण की तैयारी चल रही है। इसके अलावा यदि कहीं पर आपत्ति है तो वहां जमीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी।
- सलिल कुमार पटेल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
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- रामपुर मनिहारान में बनने वाले औद्योगिक पार्क पर भी लगा ब्रेक
- जमीन अधिग्रहण की शुरू होनी थी कार्रवाई, किसानों ने किया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिले में तीन बड़ी परियोजनाएं असहमति के फेर में अटक गई हैं। इसमें रामपुर मनिहारान में औद्योगिक पार्क, यूपीडा का औद्योगिक गलियारा और देवबंद के गांव डंघेड़ा में बनने वाली जेल शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं में अधिग्रहित होने वाली जमीनों पर किसानों ने आपत्ति जताई है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे किनारे बनना था औद्योगिक गलियारा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के किनारे करीब एक हजार हेक्टेयर में बनने वाले औद्योगिक गलियारे के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाना था। इसे लेकर किसानों की जमीन अधिग्रहित होनी थी। सर्किल रेट और मुआवजा इसमें बाधा बन गया। यह औद्योगिक गलियारा यूपीडा की ओर से निर्मित किया जाना था। गलियारे के लिए सदर और नकुड़ के 13 गांवों की जमीन को चिह्नित किया गया था। इसमें सरकारी के साथ निजी भूमि भी शामिल थी। सदर तहसील के 11 में आठ गांवों के किसानों ने आपत्ति जता दी। इसके बाद गलियारे का निर्माण अटक गया है।
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रामपुर मनिहारान के 17 गांवों में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क
पीएम गतिशक्ति योजना के तहत रामपुर मनिहारान में 17 गांवों की जमीन चिह्नित की गई थी। इन गांवों में हलगोवा, अंबेहटाचांद, चकवाली, सिरसली कलां, सिरसली खुर्द, मियानगी, मिर्जापुर, उमरी खुर्द, उमरी कलां, बामाखेड़ी, पहांसू, मोहम्मदपुर गाड़ा, नैनपुर नगला, घाटहेड़ा, मुंडीखेड़ी, अहमदपुर, बागाखेड़ी, घाटहेड़ा, पहांसू, अहमदपुर आदि गांव शामिल हैं। इन गांवों से सटी जमीन पर प्लग एंड प्ले इंडस्ट्रियल स्कीम के तहत अधिग्रहण किया जाना है। परियोजना की सूचना मिलते ही कई गांवों के किसानों ने जमीन नहीं देने का फैसला किया। साथ ही गांव पहांसू में ग्रामीणों में पंचायत भी की। इसमें जमीन न देने का निर्णय लिया गया।
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देवबंद के गांव डंघेडा में बननी है नई जेल
वर्तमान में महानगर स्थित रोहिल्ला के किले में जेल संचालित की जा रही है। पुरातत्व विभाग किले को खाली करने के लिए पत्र भी लिख चुका है। इसके बाद नई जेल के निर्माण के लिए जमीन देवबंद के गांव डंघेडा में चिह्नित की गई। जमीन चिह्नित किए जाने के बाद किसानों ने आपत्ति जताई। पिछले दिनों इस संबंध में प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी को भी दिया गया। इसमें ग्रामीणों ने जमीन को निर्माण के लिए देने पर असहमति जताई। उन्होंने अंदेशा जताया कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण झूठे व फर्जी कागजात के आधार पर किया जा सकता है।
वर्जन
वर्तमान में जिले के चार गांवों उमाही, कराली, बडूली और नौजली में जमीन अधिग्रहण की तैयारी चल रही है। इसके अलावा यदि कहीं पर आपत्ति है तो वहां जमीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी।
- सलिल कुमार पटेल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व