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Saharanpur News: तीन फर्जी फर्म बनाईं, सालाना आमदनी 50 करोड़ दर्शायी

Sun, 03 Aug 2025 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Aug 2025 11:51 PM IST
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Three fake firms were created, annual income was shown as Rs 50 crore
- देहात कोतवाली का मामला, कोर्ट के आदेश पर कंपनी प्रबंधक समेत पांच पर केस दर्ज
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- व्यापारी की सालाना आय तीन लाख, इनकम रिपोर्ट से छेड़छाड़ करने का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले एक व्यापारी के नाम पर तीन फर्जी फर्म बनाकर सालाना आमदनी 50 करोड़ रुपये दर्शाने का मामला सामने आया है। पीड़ित व्यापारी ने इनकम रिपोर्ट से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कंपनी प्रबंधक समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया है।
बेहट रोड पर प्रेमपुरी कॉलोनी निवासी प्रणव गोयल ने बताया कि वह कमीशन एजेंट व व्यापारी है। सालाना आमदनी लगभग तीन लाख रुपये है। जिले में कोई फर्म रजिस्टर्ड नहीं है। आरोप है कि मुंबई की ट्रांस यूनियन सिबिल कंपनी और उसके प्रबंधक एवं सीईओ ने दिल्ली निवासी राकेश अग्रवाल, मीना अग्रवाल, वंदना अग्रवाल और गाजियाबाद के अंकुर अग्रवाल के साथ मिलकर उनके नाम से तीन फर्में फर्जी बनाईं। इनमें श्री बालाजी कन्वेसिंग मोरगंज, प्रणव गोयल फर्म बेहट रोड और गोयल प्रोविजनल स्टोर मोरगंज है।
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पीड़ित का कहना है कि उन्होंने इन फर्मों का कभी पंजीकरण नहीं कराया और न ही कभी कारोबार किया। ये सभी फर्में फर्जी और झूठी हैं। सिविल रिपोर्ट में इनका वार्षिक टर्नओवर 50 करोड़ रुपये दिखाया गया है, जबकि ऐसा कोई लेनदेन कभी नहीं हुआ। आरोप है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट ने जानबूझकर उनके सिविल स्कोर और इनकम रिपोर्ट में छेड़छाड़ की और ट्रांसयूनियन सिबिल कंपनी से सांठगांठ कर उनके खिलाफ फर्जी जानकारी दी।
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पीड़ित का कहना है कि अगर उनकी आय 50 करोड़ रुपये होती तो उनकी क्रेडिट कार्ड लिमिट केवल 90 हजार रुपये न होती। नौ अगस्त 2024 को देहात कोतवाली में शिकायत दी, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। फिर उन्होंने एसएसपी को भी शिकायत की, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद पीड़ित ने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई है। अब जाकर पुलिस को केस दर्ज करना पड़ा।
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