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Saharanpur News: फर्जी हस्ताक्षर करने वाली लिपिक सहित तीन कर्मचारी निलंबित
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सहारनपुर। फाइल पर अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर करने वाली गृहकर एवं जलकर अनुभाग की महिला लिपिक सहित तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए दो अन्य कर्मचारियों में भी गृहकर एवं जलकर अनुभाग का ही एक लिपिक और कर संग्रहकर्ता शामिल है। इन पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप था। अपर नगरायुक्त प्रथम राजेश यादव की जांच रिपोर्ट के बाद नगरायुक्त संजय चौहान ने कार्रवाई की है।
गृहकर एवं जलकर अनुभाग की महिला लिपिक आंचल ने कुछ दिन पहले एक फाइल अनुभाग के प्रभारी अपर नगरायुक्त प्रथम राजेश यादव के समक्ष प्रस्तुत की थी, जिस पर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और कर निर्धारण अधिकारियों के हस्ताक्षर थे। हस्ताक्षर पर शक होने पर राजेश यादव ने फाइल वापस भेजी थी, जिसके बाद मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और कर निर्धारण अधिकारी ने पकड़ा की हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। इसके बाद मामले की जांच बिठा दी गई थी। दोनों अधिकारियों ने लिखित में दिया था कि हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। इसके बाद कार्रवाई का इंतजार था।
बुधवार को नगरायुक्त ने लिपिक को निलंबित कर दिया। दूसरा मामला एक व्यक्ति से सुविधा शुल्क मांगने का है। पीड़ित ने कुछ दिन पहले नगरायुक्त संजय चौहान से शिकायत की थी, जिसमें सुविधा शुल्क मांगने का वीडियो भी दिखाया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर नगरायुक्त राजेश यादव को जांच के निर्देश दिए थे। अपर नगरायुक्त की जांच में उक्त प्रकरण में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद बुधवार को नगरायुक्त द्वारा लिपिक ब्रिजेश और कर संग्रहकर्ता संचित को भी निलंबित कर दिया। निलंबन की घटना पूरे नगर निगम में चर्चाओं का विषय बनी हुई है।
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दो मामलों में गृहकर एवं जलकर अनुभाग के तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इनमें दो लिपिक और एक कर संग्रहकर्ता है। दोनों ही मामले गंभीर थे। जांच में कर्मचारी दोषी पाए गए हैं, जिसके बाद कार्रवाई की गई है। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को नगर निगम की छवि धूमिल नहीं करने दिया जाएगा।
- संजय चौहान, नगरायुक्त
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गृहकर एवं जलकर अनुभाग की महिला लिपिक आंचल ने कुछ दिन पहले एक फाइल अनुभाग के प्रभारी अपर नगरायुक्त प्रथम राजेश यादव के समक्ष प्रस्तुत की थी, जिस पर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और कर निर्धारण अधिकारियों के हस्ताक्षर थे। हस्ताक्षर पर शक होने पर राजेश यादव ने फाइल वापस भेजी थी, जिसके बाद मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और कर निर्धारण अधिकारी ने पकड़ा की हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। इसके बाद मामले की जांच बिठा दी गई थी। दोनों अधिकारियों ने लिखित में दिया था कि हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। इसके बाद कार्रवाई का इंतजार था।
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बुधवार को नगरायुक्त ने लिपिक को निलंबित कर दिया। दूसरा मामला एक व्यक्ति से सुविधा शुल्क मांगने का है। पीड़ित ने कुछ दिन पहले नगरायुक्त संजय चौहान से शिकायत की थी, जिसमें सुविधा शुल्क मांगने का वीडियो भी दिखाया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर नगरायुक्त राजेश यादव को जांच के निर्देश दिए थे। अपर नगरायुक्त की जांच में उक्त प्रकरण में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद बुधवार को नगरायुक्त द्वारा लिपिक ब्रिजेश और कर संग्रहकर्ता संचित को भी निलंबित कर दिया। निलंबन की घटना पूरे नगर निगम में चर्चाओं का विषय बनी हुई है।
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दो मामलों में गृहकर एवं जलकर अनुभाग के तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इनमें दो लिपिक और एक कर संग्रहकर्ता है। दोनों ही मामले गंभीर थे। जांच में कर्मचारी दोषी पाए गए हैं, जिसके बाद कार्रवाई की गई है। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को नगर निगम की छवि धूमिल नहीं करने दिया जाएगा।
- संजय चौहान, नगरायुक्त