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तीन करोड़ रुपये खर्च, फिर भी खाली हैं प्राधिकरण के हाथ
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टीपी नगर स्थित फ्लेट
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। तीन करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी विकास प्राधिकरण के हाथ खाली हैं। यहां बात हो रही है टीपी नगर क्षेत्र में प्राधिकरण द्वारा बनवाए गए 48 फ्लैट्स की। फ्लैट्स को बने तीन साल हो गए हैं, मगर प्राधिकरण आज तक एक भी फ्लैट नहीं बेच पाया है। इसकी वजह से फ्लैट्स खाली पड़े धूल फांक रहे हैं।
विकास प्राधिकरण ने करीब तीन वर्ष पहले देहरादून रोड स्थित टीपी नगर में पीछे की चार मंजिला दो इमारतों में 48 फ्लैट तैयार किए थे, जिनमें ज्यादातर फ्लैट वन बीएचके वाले हैं। फ्लैट तैयार करने में प्राधिकरण ने करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए हैं। प्राधिकरण अधिकारियों को उम्मीद थी कि फ्लैट बेचकर प्राधिकरण कुछ कमाई कर सकेगा। मगर हाल यह है कि बनने के तीन साल बाद भी प्राधिकरण को फ्लैट के लिए ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। कई बार प्राधिकरण अधिकारियों ने टीपी नगर में कैंप भी लगाए, मगर ग्राहक नहीं मिले।
सड़क से दूर होने की वजह से नहीं मिले ग्राहक
प्राधिकरण द्वारा बनाए गए 48 फ्लैट टीपी नगर में मुख्य मार्ग से करीब 200 मीटर अंदर हैं। फ्लैट्स के आसपास कुछ ट्रांसपोर्टर ने अपने धंधे शुरू किए हैं, मगर आवासीय माहौल फिलहाल नहीं है। प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि फ्लैट वाली जगह सुनसान सी होने और आवासीय माहौल नहीं होने की वजह से ग्राहक नहीं मिले हैं। मगर भविष्य में मिलने की उम्मीद है।
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फ्लैट की कीमत और सुविधा
प्राधिकरण द्वारा टीपी नगर में तैयार किए गए फ्लैट की कीमत करीब नौ लाख से साढ़े 13 लाख रुपये तक है। इमारत चार मंजिला है, जिसमें फ्लोर के हिसाब से रेट तय किए गए हैं। फ्लैट के साथ पार्किंग की सुविधा भी प्राधिकरण ने दी है। सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री वॉल और मेन गेट लगा है। इसके अलावा बिजली और पानी की भी सुविधा उपलब्ध है। इसके बावजूद ग्राहक नहीं मिलना प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
टीपी नगर में बने फ्लैट को बेचने के लिए कई बार कैंप लगवाए गए हैं। समाचार पत्रों के माध्यम से भी प्रचार किया गया है, मगर खरीदार नहीं मिल रहे हैं। मगर जल्द ही बैठक बुलाकर कोई ऐसा रास्ता निकाला जाएगा, जिससे ग्राहक आकर्षित हों और फ्लैट बिक सकें।
डीपी सिंह, कार्यवाहक सचिव, एसडीए।
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विकास प्राधिकरण ने करीब तीन वर्ष पहले देहरादून रोड स्थित टीपी नगर में पीछे की चार मंजिला दो इमारतों में 48 फ्लैट तैयार किए थे, जिनमें ज्यादातर फ्लैट वन बीएचके वाले हैं। फ्लैट तैयार करने में प्राधिकरण ने करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए हैं। प्राधिकरण अधिकारियों को उम्मीद थी कि फ्लैट बेचकर प्राधिकरण कुछ कमाई कर सकेगा। मगर हाल यह है कि बनने के तीन साल बाद भी प्राधिकरण को फ्लैट के लिए ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। कई बार प्राधिकरण अधिकारियों ने टीपी नगर में कैंप भी लगाए, मगर ग्राहक नहीं मिले।
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सड़क से दूर होने की वजह से नहीं मिले ग्राहक
प्राधिकरण द्वारा बनाए गए 48 फ्लैट टीपी नगर में मुख्य मार्ग से करीब 200 मीटर अंदर हैं। फ्लैट्स के आसपास कुछ ट्रांसपोर्टर ने अपने धंधे शुरू किए हैं, मगर आवासीय माहौल फिलहाल नहीं है। प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि फ्लैट वाली जगह सुनसान सी होने और आवासीय माहौल नहीं होने की वजह से ग्राहक नहीं मिले हैं। मगर भविष्य में मिलने की उम्मीद है।
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फ्लैट की कीमत और सुविधा
प्राधिकरण द्वारा टीपी नगर में तैयार किए गए फ्लैट की कीमत करीब नौ लाख से साढ़े 13 लाख रुपये तक है। इमारत चार मंजिला है, जिसमें फ्लोर के हिसाब से रेट तय किए गए हैं। फ्लैट के साथ पार्किंग की सुविधा भी प्राधिकरण ने दी है। सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री वॉल और मेन गेट लगा है। इसके अलावा बिजली और पानी की भी सुविधा उपलब्ध है। इसके बावजूद ग्राहक नहीं मिलना प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
टीपी नगर में बने फ्लैट को बेचने के लिए कई बार कैंप लगवाए गए हैं। समाचार पत्रों के माध्यम से भी प्रचार किया गया है, मगर खरीदार नहीं मिल रहे हैं। मगर जल्द ही बैठक बुलाकर कोई ऐसा रास्ता निकाला जाएगा, जिससे ग्राहक आकर्षित हों और फ्लैट बिक सकें।
डीपी सिंह, कार्यवाहक सचिव, एसडीए।