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Saharanpur News: कभी था ब्रिटिश काल की शान, अब तिल-तिलकर तोड़ रहा दम
Tue, 02 Jan 2024 01:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 02 Jan 2024 01:10 AM IST
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खारा पावर हाउस के पास खंडहर हालत में जीणोद्धार की बाट जोहता सिंचाई विभाग का गेस्ट हाउस। संवाद
मिर्जापुर(सहारनपुर)। ब्रिटिश काल में जो गेस्ट हाउस जिले की शान माना जाता था, आज वह तिल-तिलकर दम तोड़ने को मजबूर हैं। यह हाल तब है, जब गेस्ट हाउस एक या दो नहीं, बल्कि चार प्रदेशों की सीमाओं से सटा हुआ है। हालात यह है कि गेस्ट हाउस का खंडहर प्रेमी-जोड़ों और असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन चुका है। दीवारों पर भी प्रेमी-जोड़ों ने नाम तक लिख दिए। यदि इसकी मरम्मत करा दी जाए तो पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।
दरअसल, मिर्जापुर क्षेत्र के खारा-कुलहाल (हिमाचल प्रदेश) मार्ग पर खारा पावर हाउस के ठीक ऊपर ब्रिटिश कॉल में विश्राम के लिए गेस्ट हाउस बनाया गया था। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित होने की वजह से यह गुलजार रहता था। उस समय यहां पर अधिकारी शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन भ्रमण के दौरान यहां पर रुकते थे। ब्रिटिश कॉल में यह गेस्ट हाउस यहां की शान हुआ करता था। दो दशक पहले तक भी इसकी स्थिति ठीक थी, लेकिन मौजूदा समय में यह गेस्ट दम तोड़ता नजर आ रहा है। जो बिना रख-रखाव के बिल्कुल जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया है। कुछ कमरों की छत गिर चुकी है, जबकि कुछ के अवशेष बचे हुए हैं। आसपास के लोगों की मानें तो अब गेस्ट हाउस का यह खंडहर प्रेमी-जोड़ों का ठिकाना बन चुका है। दीवारों पर भी प्रेमी-जोड़ों के नाम लिखे हुए हैं। इसके अलावा यहां पर असामाजिक तत्वों का भी आना-जाना रहता है।
बगल से गुजर रही यमुना थी गेस्ट हाउस की शान
यह गेस्ट हाउस हर लिहाज से जिले की शान हुआ करता था। चार राज्यों की सीमाओं से सटा होने के साथ-साथ इसके बगल से बह रही यमुना नदी सुंदरता को चार चांद लगाती थी। कमरे से बाहर निकलते ही सामने नदी के पानी की कलकल और पहाड़ियों का सुंदर नजारा यहां की शोभा हुआ करता था। सिंचाई विभाग में भी इसकी मरम्मत को लेकर खींचतान चल रही है। पहले यह अपर खंड पूर्वी यमुना नहर के अंतर्गत आता था, अब लिंक चैनल बनने से यह उसके अधीन आ गया है।
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अभी हाल ही में मैंने यहां पर ज्वाइन किया है। गेस्ट हाउस के जीर्णोद्धार के लिए जो भी संभव हो पाएगा उसके लिए पूरी कोशिश की जाएगी।
- सुभाष चंद्रा, अधिशासी अभियंता लिंक चैनल सिंचाई विभाग
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दरअसल, मिर्जापुर क्षेत्र के खारा-कुलहाल (हिमाचल प्रदेश) मार्ग पर खारा पावर हाउस के ठीक ऊपर ब्रिटिश कॉल में विश्राम के लिए गेस्ट हाउस बनाया गया था। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित होने की वजह से यह गुलजार रहता था। उस समय यहां पर अधिकारी शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन भ्रमण के दौरान यहां पर रुकते थे। ब्रिटिश कॉल में यह गेस्ट हाउस यहां की शान हुआ करता था। दो दशक पहले तक भी इसकी स्थिति ठीक थी, लेकिन मौजूदा समय में यह गेस्ट दम तोड़ता नजर आ रहा है। जो बिना रख-रखाव के बिल्कुल जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया है। कुछ कमरों की छत गिर चुकी है, जबकि कुछ के अवशेष बचे हुए हैं। आसपास के लोगों की मानें तो अब गेस्ट हाउस का यह खंडहर प्रेमी-जोड़ों का ठिकाना बन चुका है। दीवारों पर भी प्रेमी-जोड़ों के नाम लिखे हुए हैं। इसके अलावा यहां पर असामाजिक तत्वों का भी आना-जाना रहता है।
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बगल से गुजर रही यमुना थी गेस्ट हाउस की शान
यह गेस्ट हाउस हर लिहाज से जिले की शान हुआ करता था। चार राज्यों की सीमाओं से सटा होने के साथ-साथ इसके बगल से बह रही यमुना नदी सुंदरता को चार चांद लगाती थी। कमरे से बाहर निकलते ही सामने नदी के पानी की कलकल और पहाड़ियों का सुंदर नजारा यहां की शोभा हुआ करता था। सिंचाई विभाग में भी इसकी मरम्मत को लेकर खींचतान चल रही है। पहले यह अपर खंड पूर्वी यमुना नहर के अंतर्गत आता था, अब लिंक चैनल बनने से यह उसके अधीन आ गया है।
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अभी हाल ही में मैंने यहां पर ज्वाइन किया है। गेस्ट हाउस के जीर्णोद्धार के लिए जो भी संभव हो पाएगा उसके लिए पूरी कोशिश की जाएगी।
- सुभाष चंद्रा, अधिशासी अभियंता लिंक चैनल सिंचाई विभाग