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प्रशासन की सतर्कता से बड़ी घटना होने से बची
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मुन्नी
- फोटो : SAHARANPUR
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सरसावा (सहारनपुर)। ग्राम अहमदपुर सादात में बृहस्पतिवार रात एक बड़ी घटना होने से बच गई। समय रहते मिली सूचना के बाद अग्निशमन विभाग की टीम ने जान जोखिम में डाल फोम का स्प्रे कर निकलती गैस की स्थिति को काबू में किया। तब जाकर ग्रामीणों की जान में जान आई। रात में ही एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की।
बृहस्पतिवार शाम गांव अहमदपुर की महिलाएं संगीता, मुन्नी और पिंकी गांव के समीप स्थित अपने खेतों से घर लौट रही थी कि उन्हें एक बेहद तीक्ष्ण गंध के कारण चक्कर आने लगे। उन्होंने गांव में आकर यह बात बताई। कुछ देर बाद ही गांव के अन्य लोगों ने भी तीक्ष्ण दुर्गंध महसूस की। इसके कुछ देर बाद ही लोगों को सांस लेने में तकलीफ, नाक से पानी बहने के साथ ही आंखों में बुरी तरह जलन होने लगी। गांव के रोहित ने रात नौ बजे इसकी सूचना पुलिस को दी। सरसावा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह आनन-फानन में मौके पर पहुंचे तो उन्हें भी दुर्गंध वाले स्थान से गाड़ी मोड़ कर लौटना पड़ा। इसके बाद एसडीएम, सीओ नकुड़ और मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तेजवीर सिंह ने अग्निशमन कर्मियों के साथ मास्क और ऑक्सीजन सिलिंडर लगा फोम स्प्रे कर दुर्गंध के ऊपर एक परत जमा दी जिससे दुर्गंध नीचे बैठ गई। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थिति काबू में आ चुकी थी। सीओ नकुड़ अरविंद सिंह पुंडीर ने बताया कि वे मामले की रिपोर्ट प्रदूषण विभाग और एसडीएम नकुड़ को भेज रहे हैं।
केमिकल युक्त ड्रम नाले में धोने से फैली तीक्ष्ण दुर्गंध
गांव अहमदपुर के प्रधान सचिन, पूर्व प्रधान संजय, प्रदीप, राकेश कश्यप, सतीश, पवन, वेदपाल आदि ने बताया कि गांव के समीप से वायुसेना स्टेशन का एक नाला गुजर रहा है जिसमें अतिरिक्त पानी निकलता है। इसी नाले में किसी ने केमिकल युक्त ड्रम धोने के लिए डाले तो केमिकल पानी में मिलकर क्रिया कर गया और तीक्ष्ण दुर्गंध फैल गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया पुलिस जांच में ये बात सामने आई कि एक ईंट भट्ठे पर केमिकल जलाकर ईंटें पकाई जाती हैं। उसी भट्ठा स्वामी द्वारा किसी व्यक्ति को केमिकल के खाली ड्रम बेचे थे जिसने उन्हें नाले के पानी में धोया है।
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दुर्गंध बेंजाइल क्लोराइड अवयव की थी जो एक ऑर्गेनिक कंपाउंड है। दवाइयों आदि में प्रयोग किया जाता है। दमकल कर्मियों ने एक्वास फिल्म फार्मिंग फॉम (एएफएफएफ) का छिड़काव कर केमिकल के ऊपर एक परत बना दी। इसने दुर्गंध को नीचे ही दबा दिया। दिन में सूर्य की रोशनी में ये फॉम बुलबुला बन कर वायुमंडल में विलीन हो जाती है और पर्यावरण को नुकसान भी नहीं पहुंचता है।
तेजवीर सिंह
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहारनपुर
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बृहस्पतिवार शाम गांव अहमदपुर की महिलाएं संगीता, मुन्नी और पिंकी गांव के समीप स्थित अपने खेतों से घर लौट रही थी कि उन्हें एक बेहद तीक्ष्ण गंध के कारण चक्कर आने लगे। उन्होंने गांव में आकर यह बात बताई। कुछ देर बाद ही गांव के अन्य लोगों ने भी तीक्ष्ण दुर्गंध महसूस की। इसके कुछ देर बाद ही लोगों को सांस लेने में तकलीफ, नाक से पानी बहने के साथ ही आंखों में बुरी तरह जलन होने लगी। गांव के रोहित ने रात नौ बजे इसकी सूचना पुलिस को दी। सरसावा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह आनन-फानन में मौके पर पहुंचे तो उन्हें भी दुर्गंध वाले स्थान से गाड़ी मोड़ कर लौटना पड़ा। इसके बाद एसडीएम, सीओ नकुड़ और मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तेजवीर सिंह ने अग्निशमन कर्मियों के साथ मास्क और ऑक्सीजन सिलिंडर लगा फोम स्प्रे कर दुर्गंध के ऊपर एक परत जमा दी जिससे दुर्गंध नीचे बैठ गई। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थिति काबू में आ चुकी थी। सीओ नकुड़ अरविंद सिंह पुंडीर ने बताया कि वे मामले की रिपोर्ट प्रदूषण विभाग और एसडीएम नकुड़ को भेज रहे हैं।
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केमिकल युक्त ड्रम नाले में धोने से फैली तीक्ष्ण दुर्गंध
गांव अहमदपुर के प्रधान सचिन, पूर्व प्रधान संजय, प्रदीप, राकेश कश्यप, सतीश, पवन, वेदपाल आदि ने बताया कि गांव के समीप से वायुसेना स्टेशन का एक नाला गुजर रहा है जिसमें अतिरिक्त पानी निकलता है। इसी नाले में किसी ने केमिकल युक्त ड्रम धोने के लिए डाले तो केमिकल पानी में मिलकर क्रिया कर गया और तीक्ष्ण दुर्गंध फैल गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया पुलिस जांच में ये बात सामने आई कि एक ईंट भट्ठे पर केमिकल जलाकर ईंटें पकाई जाती हैं। उसी भट्ठा स्वामी द्वारा किसी व्यक्ति को केमिकल के खाली ड्रम बेचे थे जिसने उन्हें नाले के पानी में धोया है।
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दुर्गंध बेंजाइल क्लोराइड अवयव की थी जो एक ऑर्गेनिक कंपाउंड है। दवाइयों आदि में प्रयोग किया जाता है। दमकल कर्मियों ने एक्वास फिल्म फार्मिंग फॉम (एएफएफएफ) का छिड़काव कर केमिकल के ऊपर एक परत बना दी। इसने दुर्गंध को नीचे ही दबा दिया। दिन में सूर्य की रोशनी में ये फॉम बुलबुला बन कर वायुमंडल में विलीन हो जाती है और पर्यावरण को नुकसान भी नहीं पहुंचता है।
तेजवीर सिंह
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहारनपुर

इसी नाले से आ रही थी केमिकल की दुर्गंध- फोटो : SAHARANPUR

रोहित- फोटो : SAHARANPUR

ग्राम प्रधान सचिन कुमार- फोटो : SAHARANPUR

संगीता- फोटो : SAHARANPUR