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दिन से रात 11 बजे तक होता है शोर, पढ़ नहीं पाते बच्चे
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वुड कार्विंग का कारखाना
- फोटो : SAHARANPUR
सुबह से रात 11 बजे तक होता है शोर, पढ़ नहीं पाते बच्चे
सहारनपुर। हम कैसे पढ़ें, सुबह से लेकर रात 11 बजे तक कारखाने में हथोड़ा चलता है, उससे शोर होता है और ठीक से पढ़ाई नहीं हो पाती। साथ ही दिनभर धूल उड़ती रहती है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। अधिकारियों को कई बार शिकायत कर ली, मगर कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं। यह कहना है शहर के हबीबगढ़ रोड रहमानी चौक के निकट गली नंबर तीन में रहने वाली जैनब का।
जैनब ने अमर उजाला को व्हाट्सएप के जरिये इस समस्या के बारे में बताया और वीडियो भी भेजे, जिसमें एक ही गली में कई कारखाने संचालित होते दिख रहे हैं। जैनब प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रही हैं, जबकि परिवार के अन्य छोटे बच्चे ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करते हैं। इसी गली में चार से पांच कारखाने लगे हैं, जिनमें वुड कार्विंग और लोहे के उत्पाद बनाए जाते हैं। जैनब पुत्री मोहम्मद जफर हुसैन ने बताया कि 31 जुलाई को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर यह शिकायत भेजी थी। उम्मीद थी कि समाधान होगा, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। उसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में शिकायत की, लेकिन वहां भी कुछ नहीं हुआ। एक दिन पहले ही फिर से सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में शिकायत पत्र दिया। आरोप लगाया कि जिन लोगों के कारखाने हैं, वे यहां रहने वालों को धमकी देते हैं और कहते हैं कि हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा। शिकायत करने वालों में जैनब और उसके पिता अकेले नहीं है, बल्कि यहां रहने वाले अन्य लोग भी शामिल हैं लेकिन डर की वजह से वे खुलकर सामने नहीं आना चाहते।
शिकायतपत्र मिला है, उस पर जांच और कार्रवाई के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को लिखा है। टीम मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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- सुरेश कुमार सोनी, सिटी मजिस्ट्रेट
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सहारनपुर। हम कैसे पढ़ें, सुबह से लेकर रात 11 बजे तक कारखाने में हथोड़ा चलता है, उससे शोर होता है और ठीक से पढ़ाई नहीं हो पाती। साथ ही दिनभर धूल उड़ती रहती है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। अधिकारियों को कई बार शिकायत कर ली, मगर कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं। यह कहना है शहर के हबीबगढ़ रोड रहमानी चौक के निकट गली नंबर तीन में रहने वाली जैनब का।
जैनब ने अमर उजाला को व्हाट्सएप के जरिये इस समस्या के बारे में बताया और वीडियो भी भेजे, जिसमें एक ही गली में कई कारखाने संचालित होते दिख रहे हैं। जैनब प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रही हैं, जबकि परिवार के अन्य छोटे बच्चे ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करते हैं। इसी गली में चार से पांच कारखाने लगे हैं, जिनमें वुड कार्विंग और लोहे के उत्पाद बनाए जाते हैं। जैनब पुत्री मोहम्मद जफर हुसैन ने बताया कि 31 जुलाई को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर यह शिकायत भेजी थी। उम्मीद थी कि समाधान होगा, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। उसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में शिकायत की, लेकिन वहां भी कुछ नहीं हुआ। एक दिन पहले ही फिर से सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में शिकायत पत्र दिया। आरोप लगाया कि जिन लोगों के कारखाने हैं, वे यहां रहने वालों को धमकी देते हैं और कहते हैं कि हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा। शिकायत करने वालों में जैनब और उसके पिता अकेले नहीं है, बल्कि यहां रहने वाले अन्य लोग भी शामिल हैं लेकिन डर की वजह से वे खुलकर सामने नहीं आना चाहते।
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शिकायतपत्र मिला है, उस पर जांच और कार्रवाई के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को लिखा है। टीम मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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- सुरेश कुमार सोनी, सिटी मजिस्ट्रेट