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खादर क्षेत्र के खेतों में भरा नदियों का पानी
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चिलकाना (सहारनपुर)। खादर क्षेत्र में बहने वाली तीनों नदियों में पहाड़ों पर हुई बारिश का पानी आ गया है। इन नदियों का पानी खेतों में भर गया है। खेतों में पानी भरने से अभी तक तो कोई नुकसान नहीं है, लेकिन यही स्थिति बनी रही तो नुकसान की संभावना बढ़ सकती है।
बड़ी यमुना नदी, बूढ़ी यमुना नदी तथा मसखरा नदी में रविवार दोपहर से पानी का बहाव तेज हो गया है। मसखरा नदी का पानी गांव पाज बांगर, सुलतानपुर, चिलकाना, दुमझेडा, नल्हेड़ा के खेतों में फैल कर चल रहा है। मसखरा नदी पर गांव धौलाहेड़ी के पास करीब दस साल पहले बनाये गये लोहे के पुल में नदी में आने वाले छोटे बड़े पेड पौधे तथा कूडा रूक जाता है, जिस कारण खादर क्षेत्र में इस नदी का पानी फैल जाता है। इस नदी पर सरकार द्वारा बड़ा पुल बना दिया गया है, लेकिन अभी तक लोहे के पुल को नहीं हटाया गया है। जिस कारण बरसात में पूरे खादर क्षेत्र में बाढ़ की संभावना बनी रहेगी। उधर बड़ी यमुना नदी में चल रहा पानी अभी नदी के घाट तक ही स्थित है। नदी में बनाया गया अस्थाई पुल तेज पानी के कारण बह गया है। जिस कारण यमुना नदी के पार हरियाणा की सीमा से लगते हुए उ.प्र. के गांव गाजदीनपुर तथा सौंधेबास से संपर्क पूरी तरह कटा हुआ है। इन गांव के लोगों का उत्तर प्रदेश की तरफ आना जाना बंद हो चुका है। लोगों को उ.प्र. की तरफ आने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। अधिकांश लोगों को अपने कार्यों के लिए हरियाणा का रुख करना पड़ रहा है। गांव टोडरपुर के पूर्व प्रधान चौधरी संजय, गाजदीनपुर के पूर्व प्रधान संजय नंबरदार तथा आल्हणपुर के पूर्व प्रधान चौधरी निर्दोष ने बताया कि जब तक यमुना नदी पर पुल नहीं बन जाता, तब तक लोगों को नदी पार करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता रहेगा।
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बड़ी यमुना नदी, बूढ़ी यमुना नदी तथा मसखरा नदी में रविवार दोपहर से पानी का बहाव तेज हो गया है। मसखरा नदी का पानी गांव पाज बांगर, सुलतानपुर, चिलकाना, दुमझेडा, नल्हेड़ा के खेतों में फैल कर चल रहा है। मसखरा नदी पर गांव धौलाहेड़ी के पास करीब दस साल पहले बनाये गये लोहे के पुल में नदी में आने वाले छोटे बड़े पेड पौधे तथा कूडा रूक जाता है, जिस कारण खादर क्षेत्र में इस नदी का पानी फैल जाता है। इस नदी पर सरकार द्वारा बड़ा पुल बना दिया गया है, लेकिन अभी तक लोहे के पुल को नहीं हटाया गया है। जिस कारण बरसात में पूरे खादर क्षेत्र में बाढ़ की संभावना बनी रहेगी। उधर बड़ी यमुना नदी में चल रहा पानी अभी नदी के घाट तक ही स्थित है। नदी में बनाया गया अस्थाई पुल तेज पानी के कारण बह गया है। जिस कारण यमुना नदी के पार हरियाणा की सीमा से लगते हुए उ.प्र. के गांव गाजदीनपुर तथा सौंधेबास से संपर्क पूरी तरह कटा हुआ है। इन गांव के लोगों का उत्तर प्रदेश की तरफ आना जाना बंद हो चुका है। लोगों को उ.प्र. की तरफ आने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। अधिकांश लोगों को अपने कार्यों के लिए हरियाणा का रुख करना पड़ रहा है। गांव टोडरपुर के पूर्व प्रधान चौधरी संजय, गाजदीनपुर के पूर्व प्रधान संजय नंबरदार तथा आल्हणपुर के पूर्व प्रधान चौधरी निर्दोष ने बताया कि जब तक यमुना नदी पर पुल नहीं बन जाता, तब तक लोगों को नदी पार करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता रहेगा।
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