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Saharanpur News: महानगर में नदियों का जलस्तर कम हुआ, राहत की उम्मीद बढ़ी
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सहारनपुर। ढमोला और पांवधोई नदी के जलस्तर में बृहस्पतिवार को दो से तीन फीट की कमी देखी गई। इसके बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे परिवारों को एक से दो दिन में पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में अभी और बारिश होने की आशंका जताई है।
जनपद में आठ जुलाई की सुबह पांच बजे से बरसात शुरू हुई थी, जो प्रतिदिन हो रही है। पहले तीन दिन की बिना रुके लगातार बारिश और पहाड़ों में अधिक बारिश से महानगर से होकर गुजरने वाली पांवधोई और ढमोला नदी उफान पर हैं। इसकी वजह से दोनों नदियों के तटों पर बसी 13 कॉलोनियों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। लगभग आधी-आधी कॉलोनियों में पानी है। तट से सटे मकानों में छह से आठ फीट तक पानी घुसने से लोगों का लाखों रुपये का फर्नीचर और सामान खराब हो गया है। लोग घर से बेघर होकर राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि ज्यादातर परिवार घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं और अपनी छतों पर ठहरे हुए हैं और डर की वजह से जागकर रात काट रहे हैं।
उधर, बुधवार की रात नदियों के जलस्तर में गिरावट आई है। बृहस्पतिवार की सुबह पांवधोई और ढमोला नदियों के जल स्तर में दो से तीन फीट की कमी देखी गई। हालांकि लोग अब भी फंसे हुए हैं। पुल खुमरान से धोबीघाट की ओर जाने वाले दोनों मार्ग पूरी तरह बंद हैं, क्योंकि इन मांगों पर अब भी चार फीट तक पानी है, लेकिन कॉलोनियों में कुछ मकान ऐसे हैं, जिनसे पानी निकल गया है और लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। अगले दो से तीन दिन में पानी के कॉलोनियों से पूरी तरह उतरने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में बारिश होने की आशंका जताई है।
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जिले में पांच दिन में हुई 649 एमएम बारिश
दिन (24 घंटे में)-- -- -बारिश (एमएम में)
शनिवार-रविवार-- -- -- 26
रविवार-सोमवार-- -- -- 80
सोमवार-मंगलवार-- -- -105
मंगलवार-बुधवार-- -- -- 225
बुधवार-बृहस्पतिवार-- -- 185
-- -- -
तेज धूप निकलने से बढ़ी दहशत
जनपद में बृहस्पतिवार की सुबह बारिश के बाद पूर्वाह्न करीब 11 बजे बादल छंट गए, जिसके बाद तेज धूप निकल आई। दिन भर खिली धूप के कारण भी लोग दहशत में हैं। क्योंकि बरसात के बाद तेज धूप में मकान अधिक गिरते हैं और महानगर में 100 से अधिक जर्जर मकान हैं। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 24 और अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
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जनपद में आठ जुलाई की सुबह पांच बजे से बरसात शुरू हुई थी, जो प्रतिदिन हो रही है। पहले तीन दिन की बिना रुके लगातार बारिश और पहाड़ों में अधिक बारिश से महानगर से होकर गुजरने वाली पांवधोई और ढमोला नदी उफान पर हैं। इसकी वजह से दोनों नदियों के तटों पर बसी 13 कॉलोनियों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। लगभग आधी-आधी कॉलोनियों में पानी है। तट से सटे मकानों में छह से आठ फीट तक पानी घुसने से लोगों का लाखों रुपये का फर्नीचर और सामान खराब हो गया है। लोग घर से बेघर होकर राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि ज्यादातर परिवार घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं और अपनी छतों पर ठहरे हुए हैं और डर की वजह से जागकर रात काट रहे हैं।
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उधर, बुधवार की रात नदियों के जलस्तर में गिरावट आई है। बृहस्पतिवार की सुबह पांवधोई और ढमोला नदियों के जल स्तर में दो से तीन फीट की कमी देखी गई। हालांकि लोग अब भी फंसे हुए हैं। पुल खुमरान से धोबीघाट की ओर जाने वाले दोनों मार्ग पूरी तरह बंद हैं, क्योंकि इन मांगों पर अब भी चार फीट तक पानी है, लेकिन कॉलोनियों में कुछ मकान ऐसे हैं, जिनसे पानी निकल गया है और लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। अगले दो से तीन दिन में पानी के कॉलोनियों से पूरी तरह उतरने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में बारिश होने की आशंका जताई है।
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जिले में पांच दिन में हुई 649 एमएम बारिश
दिन (24 घंटे में)
शनिवार-रविवार
रविवार-सोमवार
सोमवार-मंगलवार
मंगलवार-बुधवार
बुधवार-बृहस्पतिवार
तेज धूप निकलने से बढ़ी दहशत
जनपद में बृहस्पतिवार की सुबह बारिश के बाद पूर्वाह्न करीब 11 बजे बादल छंट गए, जिसके बाद तेज धूप निकल आई। दिन भर खिली धूप के कारण भी लोग दहशत में हैं। क्योंकि बरसात के बाद तेज धूप में मकान अधिक गिरते हैं और महानगर में 100 से अधिक जर्जर मकान हैं। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 24 और अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रहा।