फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   The road remained at his own expense

अपने खर्चे पर ही बना दी सड़क

Fri, 01 Jul 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Fri, 01 Jul 2016 12:28 AM IST
विज्ञापन
The road remained at his own expense
दतौली गांव में श्रमदान कर सड़क निर्माण करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर के छुटमलपुर में दतौली के ग्रामीणों ने खुद के संसाधनों और पैसों से दो किमी लंबे खस्ताहाल पड़े सड़क मार्ग के निर्माण का बीड़ा उठाया है। इसमें संपन्न लोग जहां धन से मदद कर रहे हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर लोग श्रमदान कर अपनी भागेदारी तय कर रहे हैं।
विज्ञापन


सहारनपुर देहात विधान सभा और सदर तहसील के छह हजार की आबादी वाले गांव दतौली मुगल से जनता रोड के गांव लखनौती खुर्द को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण वर्ष 2003 में मंडी समिति द्वारा कराया गया था।

विज्ञापन

 

तब से इस सड़क की किसी ने मरम्मत तक कराने की सुध नहीं ली। सड़क में खड्ढे हो गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना रहा था। 
गांव के पूर्व प्रधान और लोनिवि के ठेकेदार मोहम्मद इसरार बताते हैं
 

कि अपने कार्यकाल में वे इसके निर्माण के लिए विधायक से लेकर सांसद और आला अफसरों के यहां कई बार गुहार लगाई लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। अब गांव के लोगों ने खुद ही सड़क निर्माण की ठानी। 

विज्ञापन
विज्ञापन


खास बात यह है कि इस गांव की आधी आबादी के लोग सड़क निर्माण के पेशे से जुड़े हैं। कोई ठेकेदार है तो कोई सड़क निर्माण में मजदूरी करता है। ऐसे में गांव के कई ठेकेदारों के पास सड़क निर्माण करने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी भी खुद की है।

 

संसाधनों की उपलब्धता के चलते दो दिन पूर्व गांव में बैठक हुई और तय किया गया कि जिसकी जितनी हैसियत होगी वह उतनी भागेदारी करके सड़क निर्माण में हिस्सेदारी निभाएगा। इसके बाद बुधवार की सुबह सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया।

दो दिन दिन में आधा किमी सड़क बना दी गई है। सड़क निर्माण में लगे ठेकेदार फरमूद, इनाम, बजरी सप्लायर राव मुजम्मिल, राव मोहम्मद यूनुस, राकेश कुमार, विपिन धीमान ने बताया कि गांव के संपन्न परिवारों से जहां नगद धनराशि की मदद मिल रही हैं वहीं आर्थिक रूप से कमजोर लोग इसमें श्रमदान करके अपनी भागेदारी दे रहे हैं। 


दतौली के ग्रामीणों की इस पहल की आसपास के गांवों के लोग भी मुक्त कंठ से प्रशंसा कर रहे हैं। उनका यह प्रयास निसंदेह विकास के खोखले दावे करने वाली सरकारों और जनप्रतिनिधियों के लिए एक नसीहत है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed