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बरसात का सीजन निकला, नहीं हआ मवेशियों का टीकाकरण
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सहारनपुर। बरसात का सीजन पूरा चला गया, लेकिन मवेशियों में खुरपका, मुहंपका का टीकाकरण कार्य अभी तक शुरू तक नहीं हुआ। टीकाकरण शुरू नहीं होने के पीछे वैक्सीन की कमी और भेजी गई वैक्सीन में गड़बड़ी होने के चलते सभी पशुओं का टीकाकरण नहीं हो सका है। इसके चलते पशु खुरपका मुहंपका की चपेट में आ रहे हैं। बड़गांव के महेशपुर में तो दस पशुओं की मौत तक हो चुकी है।
जनपद में कुल 738400 मवेशी हैं, जिनमें 266504 महिषवंशीय और 471973 गोवंशीय हैं। हर साल बरसात के सीजन से पहले ही जुलाई माह में टीकाकरण शुरू हो जाता था और अक्तूबर तक पूर्ण कर लिया जाता था। इस बार बरसात का सीजन निकल गया, लेकिन अब तक टीकाकरण नहीं हुआ।
देवबंद ब्लाक क्षेत्र में 66 हजार पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य था, मगर टीकाकरण नहीं हुआ है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज शर्मा ने बताया कि 22,247 पशुओं का ही टीकाकरण हो सका। पूर्व में मिली वैक्सीन में कुछ गड़बड़ थी। इसके बाद विभाग ने वैक्सीन को वापस मंगवा लिया था। नवंबर में वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। जहां भी पशुओं के बीमार होने की सूचना मिलती है, चिकित्सक भेजकर इलाज कराया जा रहा है।
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बड़गांव क्षेत्र के महेशपुर में खुरपका मुहंपका से पिछले एक माह में दस पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से ज्यादा बीमारी से ग्रस्त हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद सैनी का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र में करीब सात हजार पशुओं में गलाघोंटू का टीकाकरण कराया है। गत वर्ष अक्टूबर और नवंबर माह में पशुओं में टैगिंग के साथ साथ खुरपका मुंहपका वैक्सीनेशन कराया गया था। कुछ पशुपालकों ने अपने पशुओं में न तो टैगिंग कराई और न टीकाकरण कराया, इसलिए अब उन पशुओं में कुछ शिकायतें आ रही हैं। बेहट तहसील क्षेत्र में अभी तक पशुओं में खुरपका मुंहपका का टीकाकरण नहीं हो सका है।
तलहेड़ी बुजुर्ग के पशुपालक मेनपाल सिंह ने बताया कि पिछले महीने गलघोंटू के टीके पशुओं को लगे थे, लेकिन खुरपका मुंहपका के टीके अभी नहीं लग सके हैं।
महेशपुर के पूर्व प्रधान नकली सिंह ने बताया कि कोरोना काल के चलते उनके गांवों में टीकाकरण नहीं हुआ है। पिछले एक माह में दस से ज्यादा पशुओं की मौत मुंहपका खुरपका से हो चुकी है।
मुजफ्फराबाद ब्लॉक क्षेत्र के रंडौल गांव के धीरज राणा का कहना है कि कई बार पशु चिकित्सालय में संपर्क किया गया तो जानकारी दी गई कि अभी तक वैक्सीन नहीं मिली है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव सक्सेना का कहना है कि खुरपका मुंहपका का टीकाकरण राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत होता है। गलाघोंटू की वैक्सीन उपलब्ध है, लेकिन खुरपका मुंहपका की वैक्सीन नहीं मिली है। तैयारी पूरी है, वैक्सीन आने पर टीकाकरण शुरू होगा।
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जनपद में कुल 738400 मवेशी हैं, जिनमें 266504 महिषवंशीय और 471973 गोवंशीय हैं। हर साल बरसात के सीजन से पहले ही जुलाई माह में टीकाकरण शुरू हो जाता था और अक्तूबर तक पूर्ण कर लिया जाता था। इस बार बरसात का सीजन निकल गया, लेकिन अब तक टीकाकरण नहीं हुआ।
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देवबंद ब्लाक क्षेत्र में 66 हजार पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य था, मगर टीकाकरण नहीं हुआ है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज शर्मा ने बताया कि 22,247 पशुओं का ही टीकाकरण हो सका। पूर्व में मिली वैक्सीन में कुछ गड़बड़ थी। इसके बाद विभाग ने वैक्सीन को वापस मंगवा लिया था। नवंबर में वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। जहां भी पशुओं के बीमार होने की सूचना मिलती है, चिकित्सक भेजकर इलाज कराया जा रहा है।
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बड़गांव क्षेत्र के महेशपुर में खुरपका मुहंपका से पिछले एक माह में दस पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से ज्यादा बीमारी से ग्रस्त हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद सैनी का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र में करीब सात हजार पशुओं में गलाघोंटू का टीकाकरण कराया है। गत वर्ष अक्टूबर और नवंबर माह में पशुओं में टैगिंग के साथ साथ खुरपका मुंहपका वैक्सीनेशन कराया गया था। कुछ पशुपालकों ने अपने पशुओं में न तो टैगिंग कराई और न टीकाकरण कराया, इसलिए अब उन पशुओं में कुछ शिकायतें आ रही हैं। बेहट तहसील क्षेत्र में अभी तक पशुओं में खुरपका मुंहपका का टीकाकरण नहीं हो सका है।
तलहेड़ी बुजुर्ग के पशुपालक मेनपाल सिंह ने बताया कि पिछले महीने गलघोंटू के टीके पशुओं को लगे थे, लेकिन खुरपका मुंहपका के टीके अभी नहीं लग सके हैं।
महेशपुर के पूर्व प्रधान नकली सिंह ने बताया कि कोरोना काल के चलते उनके गांवों में टीकाकरण नहीं हुआ है। पिछले एक माह में दस से ज्यादा पशुओं की मौत मुंहपका खुरपका से हो चुकी है।
मुजफ्फराबाद ब्लॉक क्षेत्र के रंडौल गांव के धीरज राणा का कहना है कि कई बार पशु चिकित्सालय में संपर्क किया गया तो जानकारी दी गई कि अभी तक वैक्सीन नहीं मिली है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव सक्सेना का कहना है कि खुरपका मुंहपका का टीकाकरण राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत होता है। गलाघोंटू की वैक्सीन उपलब्ध है, लेकिन खुरपका मुंहपका की वैक्सीन नहीं मिली है। तैयारी पूरी है, वैक्सीन आने पर टीकाकरण शुरू होगा।

धीरज राणा- फोटो : SAHARANPUR

शिव कुमार- फोटो : SAHARANPUR