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हरियाली में वर्ल्ड रिकार्ड पर चुनौतियां बेशुमार

Tue, 03 Mar 2020 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2020 12:18 AM IST
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The path of 70 villages in the forests, human intervention became a challenge
शिवालिक रेंज के कैमरे में ट्रैप हुआ तेंदुआ। - फोटो : SAHARANPUR
जंगलों में 70 गांवों का रास्ता, मानवीय दखल बना चुनौती
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सहारनपुर। शिवालिक की तलहटी में बसे सहारनपुर के खूबसूरत वन अब वन्य जीवों का संरक्षण कर रहे हैं। उत्तराखंड से सहारनपुर के शिवालिक के जंगलों की ओर आने से वन्य जीवों का कुनबा बढ़ने लगा है, क्योंकि उन्हें अब अनुकूल माहौल मिलने लगा है। इसके बावजूद वन और वन्य जीवों को बचाने की चुनौती वन विभाग के लिए है। क्योंकि करीब 70 गांवों का दखल जंगल के रास्तों से है।
सहारनपुर जनपद का वन क्षेत्र करीब 3350 हेक्टेयर में फैला हुआ है। जनपद के अंतर्गत शिवालिक वन क्षेत्र और सहारनपुर वन प्रभाग आते हैं। वन प्रभाग में सहारनपुर, देवबंद, रामपुर मनिहारान, बेहट और नकुड़ के रेंज लगते हैं, जबकि शिवालिक के तहत मोहंड, शाकुंभरी, बड़कला-बादशाही बाग रेंज आता है। वनों में साल, खैर, शीशम, चीड़, पापड़ी, बांस, रोहिणी, अर्जुन, सागौन, जामुन, जंगली बेर सहित कई प्रजातियां हैं, जिनसे वन्य जीवों को बेहतरीन खुराक मिलती है। वन्य जीवों की प्रजातियों की बात करें तो तेंदुआ, हाथी, चीतल, सांभर, जंगली मुर्गा, शिवालिक की पहाड़ियों पर काकड़, सियार, दुर्लभ प्रजाति के सांप आदि मौजूद हैं।
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चारों ओर से खुला है जंगल
सहारनपुर जनपद का जंगल चारों ओर से खुला है, जिसकी वजह से चुनौतियां बेशुमार हैं। जंगल में गुर्जरों का डेरा है। करीब 60-70 गांवों का दबाव जंगल पर है। इन गांवों का रास्ता जंगल से होकर गुजरता है। मानव दखल अकसर रहता है, जिसकी वजह से मानव-वन्य जीव संघर्ष की घटनाएं बेहट, बिहारीगढ़ सहित अन्य जंगलों में होती रहती हैं।
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हरियाली का बना वर्ल्ड रिकार्ड
सहारनपुर के जंगल में बीते अगस्त माह में एक ही दिन में 90 ग्राम पंचायतों के सहयोग से हिंडन नदी के किनारे पौधरोपण किया गया था, जो अनुमानित 70 हजार के करीब था। एक दिन में 70 हजार पौधे वन विभाग और ग्रामीणों के जरिये कहीं नहीं लगाए गए। लिहाजा इसे वर्ल्ड रिकार्ड के तौर पर शामिल किया गया। इसमें कमिश्नर संजय कुमार भी का योगदान रहा।
वन्य जीव और वनों के मैनेजमेंट के तहत कार्य किए जा रहे हैं। गांव स्तर पर संगोष्ठी भी होती है। हरियाली को बढ़ाया जा रहा है। वन्य जीवों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों पर खास नजर रखी जा रही है। गश्त हो रही है। विशेष त्योहारों पर और अलर्ट रहता है। जंगल खुला हुआ है और मानवीय दखल कुछ जगहों पर अधिक है। इसलिए तालमेल बैठाकर हल निकाला जा रहा है।

- वीके जैन, वन संरक्षक, सहारनपुर मंडल परिक्षेत्र

शिवालिक वन क्षेत्र में हरियाली।

शिवालिक वन क्षेत्र में हरियाली।- फोटो : SAHARANPUR

शिवालिक के जंगलों में बांस का पौधरोपण। जो हाथियों को बेहद पसंद है।

शिवालिक के जंगलों में बांस का पौधरोपण। जो हाथियों को बेहद पसंद है।- फोटो : SAHARANPUR

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