{"_id":"5999e62c4f1c1bda448b460f","slug":"the-only-lamp-of-the-house-was-extinguishe-d-khatoli-train-accident","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुझ गया घर का इकलौता चिराग, परिवार में कोहराम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुझ गया घर का इकलौता चिराग, परिवार में कोहराम
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:21 AM IST
विज्ञापन
मृतक सुमित गर्ग का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रेन हादसे का शिकार हुआ मोहल्ला चौंताला निवासी 28 वर्षीय सुनील गर्ग अपने परिवार का इकलौता बेटा था, बड़ी बहन श्वेता की शादी हो चुकी है।
सुनील मेरठ के एक बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। वह पहले सहारनपुर में ही तैनात था। दो महीने पहले ही उसका ट्रांसफर मेरठ हुआ था। रविवार को अवकाश होने की वजह से वह प्रत्येक शनिवार को ड्यूटी के बाद सहारनपुर लौटता था।
इस शनिवार भी वह उत्कल एक्सप्रेस में सवार होकर घर लौट रहा था। मगर, उसे यह नहीं पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा। उधर, हादसे की सूचना मिलते ही सुनील के पिता और अन्य रिश्तेदार खतौली पहुंच गए थे। रविवार की सुबह से ही रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग सुनील के घर पर जमा थे, जो शव के आने का इंतजार कर रहे थे।
रविवार की दोपहर जैसे ही सुनील का शव उसके घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे मोहल्ले में शोक छा गया। हर किसी की आंख में आंसू थे। एक ओर जहां पिता सुशील अग्रवाल असहनीय दर्द को अंदर ही अंदर छिपा रहे थे, वहीं मां सुनीता का रो रोकर बुरा हाल था, जिन्हें महिलाएं संभाल रही थीं। वह अपने जवान बेटे को याद करके विलाप कर रही थी। हर कोई इस हादसे से दुखी था।
विज्ञापन
वहीं, बैंक कर्मचारी सुमित गर्ग के मोहल्ला चौंताला स्थित निवास पर देर शाम कृषि व प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही और सांसद राघव लखनपाल शर्मा पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा।
विज्ञापन
सुनील मेरठ के एक बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। वह पहले सहारनपुर में ही तैनात था। दो महीने पहले ही उसका ट्रांसफर मेरठ हुआ था। रविवार को अवकाश होने की वजह से वह प्रत्येक शनिवार को ड्यूटी के बाद सहारनपुर लौटता था।
इस शनिवार भी वह उत्कल एक्सप्रेस में सवार होकर घर लौट रहा था। मगर, उसे यह नहीं पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा। उधर, हादसे की सूचना मिलते ही सुनील के पिता और अन्य रिश्तेदार खतौली पहुंच गए थे। रविवार की सुबह से ही रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग सुनील के घर पर जमा थे, जो शव के आने का इंतजार कर रहे थे।
विज्ञापन
रविवार की दोपहर जैसे ही सुनील का शव उसके घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे मोहल्ले में शोक छा गया। हर किसी की आंख में आंसू थे। एक ओर जहां पिता सुशील अग्रवाल असहनीय दर्द को अंदर ही अंदर छिपा रहे थे, वहीं मां सुनीता का रो रोकर बुरा हाल था, जिन्हें महिलाएं संभाल रही थीं। वह अपने जवान बेटे को याद करके विलाप कर रही थी। हर कोई इस हादसे से दुखी था।
विज्ञापन
वहीं, बैंक कर्मचारी सुमित गर्ग के मोहल्ला चौंताला स्थित निवास पर देर शाम कृषि व प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही और सांसद राघव लखनपाल शर्मा पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा।