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पश्चिमी यूपी, उत्तराखंड़ और हरियाणा तक फैला है नेटवर्क
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सहारनपुर। आइओसीएल (इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड) की पेट्रोलियम पदार्थों की पाइपलाइन में सेंधमारी करने वालों का नेटवर्क पश्चिमी यूपी, हरियाणा और उत्तराखंड तक फैला है। आरोपियों के गैंग में24 लोग शामिल हैं। इन्होंने उत्तराखंड, सहारनपुर और हरियाणा के कई इलाकों में 12 वारदातों को अंजाम दिया है।
रविवार को मुठभेड़ के बाद पकड़े गए आरोपियों के फरार साथियों की गिरफ्तारी सहारनपुर एसओजी और थाना सरसावा पुलिस ने उत्तराखंड, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में दबिश देकर की है। वहीं, कई फरार आरोपी हत्थे नहीं चढ़ पाए हैं। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि आरोपियों का नेटवर्क पश्चिमी यूपी, हरियाणा और उत्तराखंड तक फैला है। इस गिरोह में 24 लोग शामिल हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
दो साल से थे सक्रिय
एसएसपी ने बताया कि आरोपी वर्ष 2019 से सक्रिय थे। इनका गैंग लीडर संदीप जमानत पर छूटकर आया था। ये रात में घटना को अंजाम देते थे। आरोपी सहारनपुर के सरसावा में दो, गागलहेड़ी एक, हरिद्वार के लक्सर में तीन, भगवानपुर में तीन, हरियाणा में तीन वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। आरोपी रात में टैंकर लेकर निकलते थे। इसके बाद चिह्नित जगह से पाइप लाइन में सेंधमारी कर पेट्रोल व डीजल चोरी करते थे।
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सरकारी तंत्र के भी हाथ काले
मुजफ्फरनगर के भोपा निवासी उदित के पेट्रोल पंप पर 11 माह से चोरी का डीजल व पेट्रोल बेचा जा रहा था। इसकी जानकारी मुजफ्फरनगर के जिला पूर्ति विभाग के एक कर्मचारी को थी। इसके बाद भी उसने विभाग व पुलिस को जानकारी नहीं दी। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में कई अन्य सरकारी कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। मोबाइल टावर मेंटेनेंस विभाग के अधिकारियों से भी आरोपियों की साठगांठ रही है। वे इनसे डीजल खरीदते थे।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि गिरोह के सरगना संदीप का आपराधिक इतिहास है। वह पेट्रोलियम पदार्थों की चोरी के मामले में हरियाणा से भी जेल जा चुका है। जमानत पर छूटने के बाद संदीप ने दोबारा चोरी शुरू कर दी।
40 लाख की हुई ट्रांजेक्शन
एसएसपी के मुताबिक पेट्रोल पंप संचालक उदित ने पुलिस को जानकारी दी कि अगस्त 2021 में उसका लाइसेंस समाप्त हो चुका है। वह केवल डीजल के लिए था। इसके बाद से उदित चोरी का डीजल व पेट्रोल खरीद रहा था। पुलिस को पेट्रोल पंप के खाते खंगालने पर पता चला कि अवैध रूप से 40 लाख की ट्रांजेक्शन भी हुई है।
गैंगस्टर, एनएसए, होगी संपत्ति कुर्क
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने के साथ ही एनएसए की कार्रवाई की जाएगी। अवैध रूप से अर्जित किए धन की रिकवरी को लेकर इनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
डीजीपी से की थी मुलाकात
लगातार हो रही चोरी को रोकने के लिए आइओसीएल के अधिकारियों ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश और देहरादून में उत्तराखंड के डीजीपी से मिलकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद आईजी, डीआईजी और जनपद स्तर पर आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगाई गई थीं।
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रविवार को मुठभेड़ के बाद पकड़े गए आरोपियों के फरार साथियों की गिरफ्तारी सहारनपुर एसओजी और थाना सरसावा पुलिस ने उत्तराखंड, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में दबिश देकर की है। वहीं, कई फरार आरोपी हत्थे नहीं चढ़ पाए हैं। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि आरोपियों का नेटवर्क पश्चिमी यूपी, हरियाणा और उत्तराखंड तक फैला है। इस गिरोह में 24 लोग शामिल हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
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दो साल से थे सक्रिय
एसएसपी ने बताया कि आरोपी वर्ष 2019 से सक्रिय थे। इनका गैंग लीडर संदीप जमानत पर छूटकर आया था। ये रात में घटना को अंजाम देते थे। आरोपी सहारनपुर के सरसावा में दो, गागलहेड़ी एक, हरिद्वार के लक्सर में तीन, भगवानपुर में तीन, हरियाणा में तीन वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। आरोपी रात में टैंकर लेकर निकलते थे। इसके बाद चिह्नित जगह से पाइप लाइन में सेंधमारी कर पेट्रोल व डीजल चोरी करते थे।
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सरकारी तंत्र के भी हाथ काले
मुजफ्फरनगर के भोपा निवासी उदित के पेट्रोल पंप पर 11 माह से चोरी का डीजल व पेट्रोल बेचा जा रहा था। इसकी जानकारी मुजफ्फरनगर के जिला पूर्ति विभाग के एक कर्मचारी को थी। इसके बाद भी उसने विभाग व पुलिस को जानकारी नहीं दी। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में कई अन्य सरकारी कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। मोबाइल टावर मेंटेनेंस विभाग के अधिकारियों से भी आरोपियों की साठगांठ रही है। वे इनसे डीजल खरीदते थे।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि गिरोह के सरगना संदीप का आपराधिक इतिहास है। वह पेट्रोलियम पदार्थों की चोरी के मामले में हरियाणा से भी जेल जा चुका है। जमानत पर छूटने के बाद संदीप ने दोबारा चोरी शुरू कर दी।
40 लाख की हुई ट्रांजेक्शन
एसएसपी के मुताबिक पेट्रोल पंप संचालक उदित ने पुलिस को जानकारी दी कि अगस्त 2021 में उसका लाइसेंस समाप्त हो चुका है। वह केवल डीजल के लिए था। इसके बाद से उदित चोरी का डीजल व पेट्रोल खरीद रहा था। पुलिस को पेट्रोल पंप के खाते खंगालने पर पता चला कि अवैध रूप से 40 लाख की ट्रांजेक्शन भी हुई है।
गैंगस्टर, एनएसए, होगी संपत्ति कुर्क
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने के साथ ही एनएसए की कार्रवाई की जाएगी। अवैध रूप से अर्जित किए धन की रिकवरी को लेकर इनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
डीजीपी से की थी मुलाकात
लगातार हो रही चोरी को रोकने के लिए आइओसीएल के अधिकारियों ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश और देहरादून में उत्तराखंड के डीजीपी से मिलकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद आईजी, डीआईजी और जनपद स्तर पर आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगाई गई थीं।