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Saharanpur News: नगर आयुक्त ने एक सप्ताह में ही बदला पटल परिवर्तन का फैसला
Thu, 12 Jun 2025 12:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 12 Jun 2025 12:24 AM IST
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सहारनपुर। नगर आयुक्त शिपू गिरि को एक ही सप्ताह में लिपिकों के पटल परिवर्तन में बदलाव करना पड़ा। दो लिपिक ऐसे हैं, जिनके पटल एक सप्ताह में दूसरी बार बदले गए हैं, जबकि कई लिपिक ऐसे हैं, जो 18 साल तक से एक ही पटल पर जमे हैं।
नियमानुसार किसी भी पटल पर कोई लिपिक तीन साल से अधिक नहीं रह सकता। माना जाता है कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है, लेकिन नगर निगम में तीन साल में पटल बदलने का नियम बेमानी साबित हो रहे हैं। नजूल में दो लिपिक तीन साल से अधिक समय से तैनात हैं। लेखा में एक लिपिक वर्ष 2006 से है।
लेखा विभाग ही में एक लिपिक चार साल से तैनात है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग में तैनात लिपिक को भी पांच साल से अधिक हो चुके हैं। गृहकर एवं जलकर अनुभाग में कई लिपिक छह साल से अधिक समय से एक ही कुर्सी पर हैं।
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नगर आयुक्त ने करीब एक सप्ताह पहले 14 लिपिकों के पटल में फेरबदल किया था। इनमें ज्यादातर वही लिपिक हैं, जिनके पटल पूर्व नगर आयुक्त गजल भारद्वाज ने करीब डेढ़ वर्ष पहले बदले थे। खास बात यह है कि दो लिपिकों के पटल बदलने के बावजूद उनको उनके पुराने पटलों पर काबिज रखा गया है, जिसे संबद्धता का नाम दिया गया है। अब 11 जून को नगर आयुक्त ने पांच और लिपिकों के पटल परिवर्तन किए हैं, लेकिन इनमें दो लिपिक वह हैं, जिनके पटल एक सप्ताह पहले बदले गए थे। उनके पटल फिर से बदले गए हैं। नगर निगम में कुल 40 लिपिक हैं, जिनमें से करीब 20 लिपिकों के ही पटल बदले गए हैं।
कनिष्ठाें को महत्वपूर्ण पद : नगर निगम के लिपिकों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि कनिष्ठाें को महत्वपूर्ण पद दे दिए गए हैं।
इनमें से कई लिपिकों का कार्य अनुभव तीन से चार साल का है, जबकि 15 से 20 वर्ष का अनुभव वाले लिपिक सामान्य पटल पर तैनात चल रहे हैं।
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नियमानुसार किसी भी पटल पर कोई लिपिक तीन साल से अधिक नहीं रह सकता। माना जाता है कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है, लेकिन नगर निगम में तीन साल में पटल बदलने का नियम बेमानी साबित हो रहे हैं। नजूल में दो लिपिक तीन साल से अधिक समय से तैनात हैं। लेखा में एक लिपिक वर्ष 2006 से है।
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लेखा विभाग ही में एक लिपिक चार साल से तैनात है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग में तैनात लिपिक को भी पांच साल से अधिक हो चुके हैं। गृहकर एवं जलकर अनुभाग में कई लिपिक छह साल से अधिक समय से एक ही कुर्सी पर हैं।
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नगर आयुक्त ने करीब एक सप्ताह पहले 14 लिपिकों के पटल में फेरबदल किया था। इनमें ज्यादातर वही लिपिक हैं, जिनके पटल पूर्व नगर आयुक्त गजल भारद्वाज ने करीब डेढ़ वर्ष पहले बदले थे। खास बात यह है कि दो लिपिकों के पटल बदलने के बावजूद उनको उनके पुराने पटलों पर काबिज रखा गया है, जिसे संबद्धता का नाम दिया गया है। अब 11 जून को नगर आयुक्त ने पांच और लिपिकों के पटल परिवर्तन किए हैं, लेकिन इनमें दो लिपिक वह हैं, जिनके पटल एक सप्ताह पहले बदले गए थे। उनके पटल फिर से बदले गए हैं। नगर निगम में कुल 40 लिपिक हैं, जिनमें से करीब 20 लिपिकों के ही पटल बदले गए हैं।
कनिष्ठाें को महत्वपूर्ण पद : नगर निगम के लिपिकों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि कनिष्ठाें को महत्वपूर्ण पद दे दिए गए हैं।
इनमें से कई लिपिकों का कार्य अनुभव तीन से चार साल का है, जबकि 15 से 20 वर्ष का अनुभव वाले लिपिक सामान्य पटल पर तैनात चल रहे हैं।