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जनपद की साक्षरता दर 11 साल में सात फीसदी बढ़ी

Wed, 07 Sep 2022 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Sep 2022 11:30 PM IST
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The literacy rate of the district increased by seven percent in 11 years
सहारनपुर। आज विश्व साक्षरता दिवस है, लेकिन जनपद की साक्षरता दर की बात करें तो वर्ष 2011 के बाद उसमें वृद्धि का कोई आधिकारिक आंकड़ा विभाग के पास नहीं है, लेकिन अधिकारियों का अनुमान है कि करीब सात फीसदी की वृद्धि हुई है, जो बढ़कर 77 फीसदी के आसपास पहुंच गई है। यानी अब भी जनपद की आबादी का बड़ा हिस्सा निरक्षर ही है, जिसमें ज्यादातर 40 साल से अधिक आयु के वह लोग हैं, जो अपने समय पर विद्यालय नहीं गए।
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वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान जिले की आबादी करीब 34 लाख थी। अनुमान है कि जनपद की आबादी इस समय 40 लाख के आंकड़े तक पहुंच गई है। साक्षरता दर की बात करें तो वर्ष 2011 में साक्षरता दर 70.55 प्रतिशत थी, जो वर्तमान में 77 फीसदी है। साक्षरता बढ़ने की एक वजह विद्यालयों में नामांकन बढ़ना भी है। जनपद में 1438 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें बीते वर्ष 1.92 लाख विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि इस बार इनकी संख्या बढ़कर 2.22 लाख से अधिक हो गई है। यूपी बोर्ड में दसवीं और 12वीं में पंजीकृत विद्यार्थियों की बात करें तो बीते वर्ष 67,313 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जो इस बार 70 हजार को पार कर गए हैं।
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निरक्षरता को खत्म करने के हुए प्रयास
वर्ष 2020 में ही प्रदेश सरकार ने पढ़ना लिखना अभियान चलाया, जिसमें 15 साल से अधिक उम्र के लोगों को चिह्नित कराया गया। उसके लिए ब्लॉक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी नोडल बनाए गए। उन्होंने शिक्षकों के माध्यम से निरक्षरों का चिह्नांकन कराया। इसमें जिले भर में 7500 निरक्षर चिह्नित किए गए। इस अभियान के तहत डीएलएड और बीटीसी के प्रशिक्षुओं को लक्ष्य दिया गया, जिसमें प्रत्येक प्रशिक्षु को 10 लोगों को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी दी गई। इनके द्वारा चिह्नित लोगों में से 25 प्रतिशत यानी करीब 1800 लोगों को साक्षर किया गया।
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2011 की जनगणना के मुताबिक साक्षरता
साक्षरता कुल -- 70.55 प्रतिशत
साक्षरता पुरुष -- 78.28 प्रतिशत
साक्षरता महिला -- 61.74 प्रतिशत
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जनपद में शिक्षण संस्थाएं
जनपद में 1438 परिषदीय विद्यालय हैं। बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालयों की संख्या दो हजार से अधिक है। सीबीएसई के भी 110 विद्यालय हैं। वहीं, माध्यमिक विद्यालय 335 हैं। उच्च शिक्षा के लिए सात कॉलेज राजकीय, पांच एडेड महाविद्यालय और 40 से ज्यादा निजी डिग्री कॉलेज हैं। दो निजी विश्वविद्यालय हैं और एक राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना अभी हुई है।

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-जनपद में वर्ष 2011 में 70.55 फीसदी साक्षरता दर थी। वर्ष 2021 में हुई जनगणना में साक्षरता दर अभी तक जारी नहीं की गई है, लेकिन हमें उसमें करीब सात प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। विभाग का प्रयास भी यही रहा है कि कोई भी बच्चा आउट ऑफ स्कूल न रहे।
-अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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